त्रिवेंद्र सरकार ने समझी पहाड़ की घसियारी की पीड़ा, माँ-बहिनों के सिर से घास की गठरी का उतारेंगे बोझ







देहरादून, गढ़ संवेदना। उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने पहाड़ की घसियारियों की पीड़ा को समझा है। पहाड़ की महिलाओं के सिर से घास का बोझ हटेगा। राज्य सरकार रसोई गैस सिलेण्डर की तर्ज पर पहाड़ के गांवों में घर-घर घास की गठरी सप्लाई करवाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह घोषणा पौड़ी जिले में न्यार वैली एडवेंचर स्पोर्ट्स फेस्टिवल 2020 का उद्घाटन करते हुए की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जिस प्रकार आज हर घर में गैस का सिलेण्डर पहुंच रहा है उसी तरह 30 किलो घास की गठरी भी तीन साल में हर घर तक पहुंचाने की व्यवस्था किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गए हैं। उन्होंने कहा कि आज घास लेने के लिये जहां हमारी माँ बहिने जगंल या अन्य स्थानों पर जाती है तो उन्हें पहाड़ी से गिरने, जंगली जानवरों का एवं नदी में बहने का खतरा बना रहता है। हम उन्हें इन खतरों से भी बचायेंगे तथा घास की व्यवस्था उनके आंगन तक उपलब्ध करायेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सामाजिक जीवन में महिलाओं को होने वाली  परेशानियों को उन्होंने दिल से महसूस किया है। खासकर पहाड़ की महिलाओं का जीवन बेहद विकट है। उन्होंने अपना जीवन जोखिम में डालकर रोज खतरनाक पहाड़ों से घास काटकर लाना पड़ता है। हमारी सरकार ने फैसला किया है कि महिलाओं के सिर से घास की गठरी का बोझ कम किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को ठोस योजना बनाने को कहा गया है। जब रसोई गैस कस सिलेण्डर घर-घर सप्लाई हो सकता हो तो घास की भी आपूर्ति की जा सकती है। जल्द ही इस योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा।

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