कोरोना महामारी के कारण दिवंगत हुए व्यापारियों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करें सरकार, दून वैली महानगर उधोग व्यापार मंडल ने सीएम को भेजा ज्ञापन

देहरादून। दून वैली महानगर उधोग व्यापार मंडल ने कोरोना महामारी के कारण दिवंगत हुए व्यापारियों के परिजनों को तुरन्त आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की मांग की है। व्यापार मंडल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को एक ज्ञापन भेजा है। व्यापार मंडल का कहना है कि जो लोग हॉस्पिटलांे मंे जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं या स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं उनके इलाज का सारा खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जाना चाहिए ताकि विपदा की घड़ी मे परिवार वालों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। दून वैली महानगर उधोग व्यापार मंडल के द्वारा मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि इस ज्ञापन का तुरंत संज्ञान लेते हुए और आमजन की समस्याओ को समझते हुए तत्काल उचित कार्यवाही कर इन सबको सहायता प्रदान करें। व्यापार मंडल का कहना है कि पिछले एक वर्ष से कोरोना महामारी के चलते सरकार द्वारा जो भी निर्देश दिए जा रहे हैं उनका सख्ती से पालन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री व्यापारी वर्ग की इस विकट समस्या को समझते हुए व्यापारी वर्ग के हित में फैसला लें। दून वैली महानगर उधोग व्यापार मंडल ने कोरोना काल में दिवंगत हुए व्यापारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति सवेंदना प्रकट की है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन ने कहा हम कोरोना के कारण दिवंगत हुए अपने उन सभी व्यापारी भाइयों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस दुख की घड़ी में भगवान से प्रार्थना करते हैं कि परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। हम इन सभी परिवारों के साथ इस संकट की घड़ी में खड़े हैं। हम शासन से अपील करते हैं कि कोरोना नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। वर्चुअल बैठक में पंकज दिदान, राकेश किशोर गुप्ता, विश्वनाथ कोहली, संतोष कोहली, तेज प्रकाश तलवार, सुशिल अग्रवाल, रवि मल्होत्रा, शेखर फुलारा, हरीश विरमानी, बलदेव पराशर, राजीव सच्चर, जसपाल छाबड़ा, विनय नागपाल, महेश महेन्द्रू, विनीत मिश्रा, रोहित बहल, शैलेश चांदना, राजेश गोयल, हरमीत जैसवाल, सुरेश गुप्ता, सचिन डोरा, हरजीत सिंह, सनी कुमार, गोपाल कपूर, दिव्य सेठी, मनन आनंद, मोहित मेहता, मनीष मोनी, नितेश मल्होत्रा, हेम रस्तोगी, अमरदीप सिंह, पुनीत सेहगल, दीपू नागपाल आदि जुड़े।

अगले दो महीने में स्पूतनिक वैक्सीन के 20 लाख डोज का आयात करेगी राज्य सरकार

देहरादून। राज्य सरकार ने विदेशों से वैक्सीन का आयात करने का लिया निर्णय लिया है। इसके लिए कमेटी गठित की गई है। राज्य सरकार अगले दो महीने में स्पूतनिक वैक्सीन के 20 लाख डोज का आयात करेगी। कोविड-19 की स्थिति को लेकर सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की गई। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि विदेशों से वैक्सीन का आयात किया जाए और इसके लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी में पांच सदस्य हैं, अपर सचिव युगल किशोर पंत, अपर सचिव अरूणय सिंह चैहान, निदेशक अभिप्राप्ति चिकित्सा महानिदेशालय, खजानचंद पांडे राज्य वित्त सेवा के अधिकारी और पीपीई किट प्रकोष्ठ नियोजन विभाग, उत्तराखंड शासन में तैनात सुमंत शर्मा हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार से भी हम लगातार वार्ता कर रहे हैं। जितनी वैक्सीन अभी मिली है, वे अपेक्षाकृत कम है। इस महीने हमें 8 लाख और अगले महीने 9 लाख वैक्सीन मिल पाएगी, उसमें भी यह शर्त है कि जिन्हें वैक्सीन का फर्स्ट डोज लग चुका है, उन्हें सेकंड डोज दिया जाए। उन्होंने बताया कि देश की प्रमुख कंपनियों से भी हमारी बातचीत चल रही है कि वे केंद्र सरकार के अतिरिक्त हमें भी वैक्सीन दे। कुछ वैक्सीन हमें मिल भी चुकी है और कुछ मिलनी बाकी है। हम अगले दो महीने में स्पूतनिक वैक्सीन के 20 लाख डोज का आयात करेंगे। इसके लिए समिति गठित हो गई है और धनराशि की भी व्यवस्था हो गई है। जो हॉस्पिटल एवं दवा विक्रेता वो ओवर चार्जिंग कर रहे हैं या दवा की कालाबाजारी कर रहे हैं या वास्तविक दवा न देकर नकली दवाइयां दे रहे हैं, उनके खिलाफ सख्ती से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव ने बताया कि हमारे पास 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंची है और हमें रोज 60 टन ऑक्सीजन चाहिए। अभी हमें 20-20 मीट्रिक टन के दो कंटेनर अलॉट हुए हैं। हमने केंद्र सरकार से कंटेनर उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया है और हमें विश्वास है कि शुक्रवार तक हमें 6 कंटेनर और मिल जाएंगे। अभी हमें दो कंटेनर मिले हैं। आईजी श्री अमित सिन्हा ने बताया कि कल 110 के करीब स्थानों पर दबिश दी गइ्र्र थी, हमें कालाबाजारी की भी काफी सूचनाएं मिलती हैं, जिनके आधार पर 136 स्थानों पर कल दबिश दी गई थी। अब तक कुल 24 एफआईआर हुई हैं, 35 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 204 की बरामदगी हुई है। 587 लोगों को मास्क न पहनने पर चालान हुआ है, 6057 लोगों पर सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन पर चालान हुआ है। उन्होंने बताया कि हमने अब तक 4 करोड़ 26 लाख रूपए का शमन शुल्क वसूला है। अब तक 2 लाख 61 हजार लोगों का चालान कट चुके हैं। नकली दवाई बेचने पर सजा आजन्म कारावास है। मेरा जनता से अनुरोध है कि जनता सामने आए और कालाबाजारी करते या नकली दवाई बेचते दिखें तो उसकी हमें सूचना दे। उस पर तुरंत जांच कर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। सचिव डॉ पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि हमारी टेक्निकल कमेटी के एक्सपर्टस ने हमें सलाह दी है कि हमें कोविड की गंभीरता को कम करना है तो यदि हम प्रोफाइलेक्सिस देंगे तो इसके अच्छे परिणाम होंगे। राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि हम अपनी पूरी जनसंख्या को दवाई देंगे। इसमें आइवरमेक्टिन दवाई का प्रयोग किया जाएगा। इसकी प्रोसेस शुरू कर दी गई है। इसमें एडल्ट्स को तीन दिन दी जाएगी। इसका बहुत कम साइड इफेक्ट हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को नहीं दी जाएगी।

पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा की हालत नाजुक

ऋषिकेश। ऋषिकेश एम्स में भर्ती पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा की हालत नाजुक है। सांस में तकलीफ और पैरो में सूजन के बाद डाक्टरों ने उन्हें कोविड आईसीयू में शिफ्ट कर दिया है। वहीं उनका ब्लड शूगर लेवल और ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ है। एम्स के विशेषज्ञों की टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रख रही है। पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा को बीते आठ मई को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया था। उन्हें बीते 15 दिनों से बुखार और खांसी की शिकायत थी। वह बीते 23 अप्रैल से अस्वस्थ चल रहे हैं। एम्स में कोविड जांच में वे पॉजिटिव मिले थे। बीते सोमवार की रात सुंदरलाल बहुगुणा को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। पहले उनको आक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। लेकिन बाद उन्हें कोविड आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि उन्हें सोमवार देर रात को कोविड आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। पांच लीटर ऑक्सीजन सपोर्ट के बाद फिलहाल उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल 97 प्रतिशत है। उनका इलाज कर रहे डाक्टरों के अनुसार उन्हें एनआरबीएम मास्क से ऑक्सीजन दी जा रही है। हरीश थपलियाल ने बताया कि सुंदर लाल बहुगुणा हृदय रोग, डायबिटीज और हाईपरटेंशन के रोगी भी हैं। करीब 20 साल पहले उनके हार्ट में दो स्टंट लग चुके हैं। तभी से वे दवाएं ले रहे हैं। पिछले कुछ समय से वह बिस्तर पर हैं। कार्डियॉ

कोरोना की दूसरी व तीसरी लहर से निपटने को हाई पावर टास्क फोर्स का गठन

देहरादून। कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहे राज्य में महामारी के बढ़ते प्रकोप के प्रबंधन के लिए मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में कोविड-19 हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स कोरोना की तीसरी लहर से पूर्व नियंत्रण को लेकर रणनीति भी बनाएगी। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने मंगलवार को टास्क फोर्स गठन के आदेश जारी किए। जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य में कोविड-19 महामारी का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके प्रबंधन के लिए हाई पावर टास्क फोर्स बनाई गई है। यह फोर्स राज्य में महामारी के प्रबंधन के लिए लगातार समीक्षा करेगी। तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए प्रभावी निर्णय लेगी। भविष्य की महामारी के नियंत्रण के लिए रणनीति तैयार करेगी। टास्क फोर्स में अपर मुख्य सचिव नियोजन मनीषा पंवार, सचिव स्वास्थ्य व वित्त अमित सिंह नेगी, सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली, सचिव वित्त सौजन्या, सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सोनिका, उत्तराखंड चिकित्सा विवि के कुलपति, महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, डॉ. भार्गव गायकवाड़, एमडी कम्युनिटी मेडिसिन, प्रभारी अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व मुख्य सचिव की अनुमति से विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं।

चौबट्टाखाल के लोगों को मदद करने के लिए उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी ने शुरू की अनोखी पहल

सतपुली/देहरादून। उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी के चैबट्टाखाल संयोजक चंद्रशेखर नेगी ने लोगों को मदद करने के लिए अनोखी पहल की शुरुआत की। पूर्व सैनिक चंद्रशेखर नेगी ने कहा कि अभी हमारी टीम सतपुली बाजार के आसपास स्थित दुधारू खाल, डोर बहेली, थल्दा एवं गवाणा गांवों में अपनी मदद से हम लोगों की सेवा कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि इन गांव में बसे हुए लोगों को कोरोना महामारी कि वजह से अगर किसी तरह की बुनियादी समस्या है तो उन्हें हम अपनी मदद दे सकते हैं। हमारे इस मुहिम में हमारी टीम आस-पास के गांव में अगर पेयजल की व्यवस्था उचित नहीं है और कहीं भी किसी पाइपलाइन में समस्या है तो उन पाइप लाइनों को अपने तरफ से ठीक करना एवं लोगों के घर तक पेयजल की व्यवस्था पहुंचाना है एवं जिन गांव में पेयजल की व्यवस्था नहीं है तो हम जरूरत के हिसाब से उनको पानी की टंकी घर तक छोड़ आते हैं ताकि गांव वाले इसका इस्तेमाल अपने जरूरत के अनुसार करें। जरूरतमंद लोगों को निशुल्क अपनी टैक्सी सुविधा मुहैया कराते हैं जिससे प्रवासी लोग जो लाॅकडाउन से प्रदेश लौट रहे हंै उन्हें बाजार तक पहुंचाना, डॉक्टर और संबंधित अन्य कार्यों के लिए सतपुली बाजार तक ले जाना और वापस घर छोड़ देना शामिल है। अगर कोई व्यक्ति को अपने घर तक राशन और खाने-पीने की वस्तु लाना चाहता है तो हम यह सुविधा भी उनके लिए उपलब्ध कराते हैं। इन सब कामों में हम सरकार के सभी नियम एवं कायदों को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिगं का पालन करते है और प्राॅपर सैनिटाइजेशन की भी व्यवस्था करते है। हमारी टीम आगजनी वाले क्षेत्रों में अपने टैक्सी से पानी टंकी लेकर इलाके में आग बुझाने का प्रयास करते रहे हैं और इसमें हम गांव के लोगों का भी मदद लेते हैं। हमारे इस मुहिम में उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी के संयोजक जंगवीर सिंह नेगी एवं अजय और विजय इन सभी लोगों द्वारा गांव गांव तक मदद पहुंचाई जा रही है। आधुनिक ग्लू थेरेपी वैरिकाज वेन्स के इलाज के लिए सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया है।

हाईटेक बेड (फाओलर) की सूचना क्यों छुपाई स्वास्थ्य महानिदेशालय नेः मोर्चा, -1000 बेड की खरीद की गई थी विभाग ने !

-1000 बेड की खरीद की गई थी विभाग द्वारा -रुक्या गोदाम की शोभा बढ़ाने के लिए खरीदे गए थे बेड -प्रदेश में मरीजों को बेड न मिलने से मचा हुआ है हाहाकार -लापरवाह अधिकारियों को बर्खास्त करे सरकार विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा पांच- सात माह पहले हाईटेक बेड की खरीद कर उनको गोदामों की शोभा बढ़ाने के लिए छोड़ दिया गया। नेगी ने कहा कि विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि महानिदेशालय द्वारा 1000 हाईटेक बेड खरीदे गई थे। मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा पिन्नी द्वारा द्वारा दिसंबर 2020 को कोविड-19 के प्रारंभ से लेकर सूचना उपलब्ध कराने की तिथि तक खरीदे गए समस्त सामान यथा वेंटिलेटर, मास्क, सैनिटाइजर, पीपीई किट इत्यादि (यानी समस्त) की खरीद के बारे में सूचना मांगी गई थी, जिस के क्रम में महानिदेशालय द्वारा 27 फरवरी 2021 को अन्य खरीदे गए सामान की सूची तो उपलब्ध करा दी गई, लेकिन इन हाइटेक बेड की सूचना का कोई उल्लेख नहीं किया गया। यानी इनको डर था कि कहीं हाईटेक बेड की सूचना लीक हो गई तो जनता हिसाब मांगेगी। प्रदेश की जनता इस महामारी के दौर में एक-एक बेड के लिए मारी-मारी फिर रही है। इन लापरवाह अधिकारियों ने मरीजों को तड़पने के लिए छोड़ दिया। नेगी ने कहा कि सरकार के एक मंत्री अपने भांजे के इलाज को लेकर अस्पताल में हंगामा काट रहे हैं। काश! प्रदेश के मंत्रियों विधायकों ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया होता तो आज ये परिणाम न होते। मोर्चा सरकार से मांग करता है कि इन निकम्मे एवं लापरवाह अधिकारियों को बर्खास्त कर जनता को एक-एक बेड का हिसाब दे। पत्रकार वार्ता में मोर्चा उपाध्यक्ष विजय राम शर्मा व नारायण सिंह चैहान उपस्थित रहे। -------------------------------------

महावीर जयंती पर जैन भवन प्रांगण में सूक्ष्म रूप से निकाली गई पालकी यात्रा

देहरादून, गढ़ संवेदना न्यूज। महावीर जयंती के अवसर पर मधु जैन ने प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान शासननायक 24 वें तीर्थंकर श्री 1008 महावीर स्वामी के 2620 वां जन्मकल्याणक गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण सूक्ष्म रूप से मनाया गया। इस अवसर पर गिरनार गौरव आचार्य श्री 108 निर्मल सागर जी महाराज के परम शिष्य गिरनार पीठाधीश्  क्षुल्लकरत्न 105 श्री समर्पण सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में प्रातः कालीन बेला में श्रीजी का अभिषेक और सभी संसार जगत के जीवों के लिए कोरोना संक्रमण महामारी से निवारण हेतु शांति धारा कराई गई। सभी को सुरक्षित रहने के लिए, दूरी बनाकर रहने के लिए, स्वस्थ रहने के लिए ,मंगल कामना की गई और जो भी संसार में कोरोना से लोग परेशान है जो जो मृत्यु को प्राप्त हो रहे हैं या जो हो चुके हैं उनके लिए भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई और शुभकामनाएं प्रेषित की गई। यह भावना भाई गई सभी लोग स्वस्थ रहें और उसका निवारण इस तरह की मंगल कामना की गई। तत्पश्चात श्री जी की पालकी यात्रा सूक्ष्म रूप से जैन भवन प्रांगण में निकाली गई। इस अवसर पर क्षुल्लक रत्न श्री 105 श्री समर्पण सागर जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि महावीर जयंती जैन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है इसी दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म हुआ था भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार साल पहले (ईसा से 599 वर्ष पूर्व), वैशाली के गणतंत्र राज्य क्षत्रिय कुण्डलपुर में हुआ था तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गए इस बार महावीर जयंती 25 अप्रैल को मनाई जा रही है। इस अवसर जैन भवन मंत्री संदीप जैन ने महावीर जयंती की बधाई देते हुए कहा कि विश्व वंदनीय, शासन-नायक, देवाधिदेव भगवान महावीर के 2620वें जन्म-कल्याणक  महोत्सव के पावन अवसर पर आपको अनन्त मंगलकामना एवं हार्दिक बधाई। भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा, अचैर्य, ब्रह्मचर्य  एवं अपरिग्रह के अत्यंत प्रासंगिक सिद्धान्तों को आज प्रत्येक मानव को सुख, शांति प्राप्त करने के लिए अंगीकार करने की आवश्यकता है। वैश्विक कोरोना महामारी से संपूर्ण विश्व को मुक्ति प्राप्त हो एवं प्रभु का जन्म-कल्याणक महोत्सव, प्रत्येक जीव के लिए मंगलमय एवँ कल्याणकारी हो, शांतिधारा में जैन समाज के लोगो ने बढ़चढ़ का प्रतिभाग किया जिसमे सुखमाल चंद जैन तनिष्क जैन, मधु जैन, चंद्र बाला जैन जनेश्वर दास जैन, संदीप जैन (बड़ा गांव वाले) सुरेंद्र जैन, मनीष जैन, प्रदीप जैन, प्रवीण जैन, सुमेर चन्द जैन, जेवेलर्स अनिल जैन, हर्ष जैन, विनय जैन, मिथलेश जैन, प्रतीक जैन, अशोक कुमार जैन, राजीव जैन, अजय जैन, गौरव जैन, अजय जैन, राजीव जैन, तुषार जैन, अमित जैन, अमित जैन, सनत जैन, अमित जैन, अभिषेक जैन, अमित जैन, सचिन जैन, सार्थक जैन, सचिन जैन, पारस, अजित जैन सोनम जैन नीरू जैन, संजीव जैन, राजीव जैन, प्रवीण जैन, गौरव जैन, संजय जैन, अजीत जैन, सनत जैन, प्रवीण जैन, वीणा जैन, उमा जैन, मोनिका जैन, सुदेश जैन, सौरभ जैन, पंकज जैन, विपिन जैन, इंदिरा जैन आदि लोग मौजूद रहे।

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