Monday, 29 August 2022

हेरिटेज स्कूल के युवराज ने जीता एयर पिस्टल प्रतियोगिता में काँस्य पदक

देहरादून। हेरिटेज स्कूल के कक्षा नौवीं के छात्र चैधरी युवराज सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग अंडर-17 वर्ग में काँस्य पदक जीत कर स्कूल का नाम रोशन किया। स्कूल चेयरमैन चैधरी अवधेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कौंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन यु पी एंड यु के रिजिनल शूटिंग टूर्नामेंट जोकि सेंट जॉर्जश्स कालेज मसूरी में आयोजित की गई थी, उसमें हेरिटेज स्कूल के कक्षा नौवीं के छात्र चैधरी युवराज सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग अंडर-17 वर्ग प्रतियोगिता में काँस्य पदक जीत कर हेरिटेज स्कूल का नाम रोशन किया है वधाई के पात्र हैँ स उन्होंने बताया कि युवराज अब हेरिटेज स्कूल की तरफ से नेशनल स्तर पर आयोजित होने वाले सी आई एस वी इ गेम्स में प्रतिभाग करेगा जोकि सितम्बर 2022 को बंगलोर में होंगे। बधाई एवं शुभकामनायें देने वालों में स्कूल डायरेक्टर विक्रांत चैधरी, चारु चैधरी, सिद्धार्थ चैधरी, चंद्रिका चैधरी, वाइस प्रिंसिपल डॉ अंजू त्यागी, सेवा सिंह मठारु, सुभाष शाह,प्रेम सिंह चैहान, मधुलिका, हरजीत कौर, अम्बुजा थपलियाल, ऋचा, संजय, पूजा, जसविंदर कौर, जय रुचिका, महेश चहर, स्वाति एवं स्कूल स्टॉफ शामिल हैं।

राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में भाग लेने वालों को किया सम्मानित

देहरादून। राष्ट्रीय खेल दिवस पर हर्षल फाउंडेशन ने राष्ट्रीय पेरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का सम्मान सर्टिफिकेट एवम् गिफ्ट देकर किया। संस्था ने अपने वायदे के अनुसार सभी मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सर्टिफिकेट, गिफ्ट के साथ साथ कैश रिवॉर्ड भी दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा जोगिंदर पुंडीर जी ने उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर हर्षल फाउंडेशन की अध्यक्ष रमा गोयल ने अपने आगामी दिव्यांग शिविर की जानकारी देते हुए सभी को संभव मदद करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के पश्चात सभी को नाश्ते के डिब्बे भी दिए। इस कार्यक्रम में पेरा स्पोर्ट्स के अध्यक्ष प्रेम कुमार, उनकी पत्नी, प्रिया गुलाटी, आशिमा रतूड़ी, प्रवीण भारती, कुसुम भारती, बबीता गुप्ता आदि सदस्य उपस्टिथ रहे।

मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना का हुआ शुभारम्भ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पुलिस लाईन मैदान में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ‘‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना‘‘ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर प्रदेश के खिलाड़ियों के उन्नयन हेतु कई घोषणाएं भी की गई। उन्होंने कहा कि खेल विभाग के अन्तर्गत खेल प्रशिक्षकों की कमी को देखते हुए प्रत्येक जनपद के लिए 08-08 विभागीय खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। खिलाड़ियों को त्वरित नियमानुसार वित्तीय लाभ दिये जाने हेतु मुख्यमंत्री खेल विकास निधि की स्थापना की जायेगी। इसके साथ ही खेल विभाग, उत्तराखण्ड के कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों को भारतीय खेल प्राधिकरण के कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों को देय मानदेय के अनुसार मानदेय में वृद्धि की जायेगी। मलखंब खेल को भी खेल नीति में शामिल किया जायेगा। पूर्व की भांति राज्याधीन सेवाओं में कुशल खिलाड़ियों को 4 प्रतिशत आरक्षण पुनः लागू किये जाने का प्रयास किया जायेगा। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज मेजर ध्यानचंद जी का जन्मदिन है और आज के दिन हम प्रदेश में “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ प्रारंभ कर रहे हैं। इसके लिये आज से बेहतर दिन हो ही नहीं सकता था। मेजर ध्यानचंद जी ने खेल की दुनिया में भारत को एक पहचान दिलाई थी, वो भी उस समय जब भारत में स्पोर्ट्स का इंफ्रास्ट्रक्चर इतना नहीं था, खिलाड़ियों को सुविधाएं नाम मात्र की थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कुछ समय पहले राज्य के प्रतिभाशाली उभरते खिलाड़ियों के लिए खेल छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया था, हमें खुशी है कि योजना को शुरू कर दिया गया है। हमारी सरकार जो कहती है, वो करती भी है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जायेगी। हर कुल 3900 उभरते खिलाड़ियों जिसमें से 1950 बालकों एवं 1950 बालिकाओं को खेल छात्रवृत्ति दी जाएगी। राज्य में खेलों को बढावा देने के लिए हम हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों को खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करने, भविष्य में उत्तराखण्ड राज्य को खेल क्षेत्र में अग्रणी पंक्ति में स्थापित किये जाने के उद्देश्य से खेल नीति- 2021 लागू की गई। खेल नीति में खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित करने पर पूर्व में देय नकद पुरस्कार धनराशि से लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार प्रशिक्षकों हेतु भी धनराशि में वृद्धि की गई। दिव्यांग खिलाड़ियों को भी सामान्य खिलाड़ियों की भांति समान अधिकार प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य खेल पुरस्कार यथा देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न, देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कारों के साथ ही हिमालय रत्न खेल पुरस्कार भी प्रदान किया जा रहा है। खिलाड़ियों को राज्य में सरकारी नौकरी प्रदान किये जाने की आउट ऑफ टर्न नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से खेल क्षेत्र में रूचि लाने हेतु 08 से 23 वर्ष तक के खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालयों में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 05 प्रतिशत स्पोर्ट्स कोटा की व्यवस्था की गई है। निजी खेल क्षेत्रों के माध्यम से खेल अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण हेतु अनुदान दिये जाने की व्यवस्था की गई है। राज्य के खिलाड़ियों का राज्य परिवहन बसों में निःशुल्क यात्रा किये जाने की व्यवस्था की गई है। स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर को अंतराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। खेल छात्रावासों के खिलाड़ियों का दैनिक भत्ता 175 रूपए से बढ़ाकर 225 रूपए प्रति छात्र किया गया है। ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिये 10 करोड़ रूपए का बजट में प्राविधान किया गया है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस पर राज्य में मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ की शुरूआत हुई है। खेल के क्षेत्र में हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो इसके लिए राज्य की नई खेल नीति में हर प्रकार की सुविधाएं दी गई हैं। राज्य की प्रतिभाएं आगे बढ़े इसके लिए खिलाड़ियों को हर संभव मदद करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है, जिससे वह अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण कर सकते हैं। राज्य के अंतर्गत कई राष्ट्रीय एवं राजकीय स्तर के स्टेडियमों का निर्माण किया जा रहा है, जो उत्तराखंड राज्य के साथ ही यहां के खिलाड़ियों को नई पहचान देगा। उन्होंने आने वाले समय में खेल महाकुंभ का आयोजन किए जाने की भी बात कही। इस अवसर पर विधायक धर्मपुर विनोद चमोली, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव खेल अभिनव कुमार, निदेशक खेल गिरधारी सिंह रावत, संयुक्त निदेशक डॉ. धर्मेन्द्र भट्ट आदि गणमान्य उपस्थित थे।

पेपर ललीक मामले में कांग्रेस ने सरकार को घेरा

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक घोटाले मामले को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस राज्य सरकार पर हमलावर होती नजर आ रही है। दिल्ली में पूरे मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार को घेरा। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार के माननीयों के चहेतों को जहां बिना किसी इंटरव्यू और परीक्षा के नौकरियां दी जा रही हैं। वहीं योग्य और शिक्षित युवा बिना नौकरियों के भटकने को मजबूर है। उत्तराखंड में कई विभागों में भर्तियों में घोटाले सामने आना और उसके बाद बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है। इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा होनी चाहिए और मुख्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आनी चाहिए। राहुल गांधी और कांग्रेस का प्रयास है कि उत्तराखंड के युवाओं के साथ कोई नाइंसाफी ना हो। वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि परीक्षा में बड़ा घोटाला हुआ है और इसमें बीजेपी सरकार की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस पूरे मामले की ब्ठप् जांच होनी चाहिए और हमें सीबीआई से कम की जांच मंजूर नहीं है। श्री यादव ने कहा कि गरीबों को सस्ता राशन तथा किसानों को उनका वाजिब हक दिलाना रेवडियां बांटने में नहीं आता है। श्री यादव ने कहा कि उत्तराखण्ड में जहां एक ओर सत्ताधारी दल अपने नाते-रिस्तेदारों, भाई-भतीजों को प्रदेश के नौजवानों को धोखा देकर तथा उनके हक मार कर बिना परीक्षा एवं साक्षात्कार के सभी नियमों को ताक पर रखकर नौकरियां दे रहे हैं वह रेवडियां बांटने में आता है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि जिस प्रकार उत्तराखण्ड राज्य में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, विधानसभा, न्याय विभाग, सहकारिता, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग में योग्यता पर अयोग्यता को हाबी कर नौकरियां दी गई हैं उससे स्पष्ट है कि उत्तराखण्ड में राजनीति, नौकरशाही ने मिलीभगत कर अपनो को रेवडियां बांटने का काम किया गया है। उत्तराखण्ड कांग्रेस इन सभी भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग करती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में विभिन्न विभागों की भर्तियों में जो घोटाले हुए हैं उसका राहुल गांधी ने जो संज्ञान लिया है उसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। जिस प्रकार से उत्तराखण्ड में पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान राज्यपाल, राज्यसभा संासद, मुख्यमंत्री, मंत्री तथा आरएसएस के प्रांन्तीय प्रचारक आदि के रिस्तेदार व नजदीकियों को नौकरियों की रेवडियां बाटी गई है उससे स्पष्ट हो जाता है कि उत्तराखण्ड में बडे पैमाने पर भर्तियों में घोटाले हो रहे हैं। श्री महरा ने भर्तियों में कई ऐसे लोगों के नामों का उल्लेख किया है जिससे साबित हो गया है कि सीधे-सीधे प्रभावशाली लोगों के रिस्तेदारों को नौकरियों की रेवडियां बांटी गई हैं। करन माहरा ने कहा कि भय-भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का दावा करने वाली उत्तराखण्ड की डबल इंजन सरकार सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार रोकने में पूरी तरह से विफल साबित हुई हैै। राज्य सरकार द्वारा नौजवानों को रोजगार मुहैया कराना तो दूर जिन सरकारी पदों पर अभी तक भर्तियां की भी गई हैं उनमें भारी भ्रष्टाचार एवं भाई भतीजावाद को अंजाम दिया गया है। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से वीपीडीओ एवं अन्य पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा में 15-15 लाख रूपये लेकर पेपर लीक कर नौकरियां बेचने का मामला राज्य के सरकारी विभागों की भर्तियों में भारी भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण है। उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी ने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अपने आप में भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर देवभूमि को कलंकित करने का काम किया है। उत्तराखण्ड राज्य में न्याय विभाग, सचिवालय, विधानसभा, पुलिस, शिक्षा, सहकारिता सहित तमाम विभागों में नियुक्ति के नाम पर पदों को बेचने का काम किया गया है। इन भर्ती घोटालों से साफ हो गया है कि उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश दो राज्यों के भर्ती माफियाओं का सरकारी पदों को बेचने में आपसे गठजोड रहा है। श्री कापडी ने कहा कि उत्तराखण्ड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग एवं अन्य विभागों में भर्ती घोटालों की जांच सरकार द्वारा एस.टी.एफ. के माध्यम से कराकर छोटे भ्रष्टाचारियों को गिरफतार कर जांच में लीपा-पोती करने का काम किया जा रहा है उससे प्रदेश की जनता का इन जांच ऐजेंसियों से भरोसा उठ गया है। इसलिए उत्तराखण्ड की भर्तियों की सीबीआई जांच होनी आवश्यक है। हम यहां पर उत्तराखण्ड में विभिन्न विभागों में हुए भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।

भर्ती घोटालों के खिलाफ कांग्रेस ने दिया शहीद स्थल पर धरना

देहरादून। उत्तराखण्ड में फैले व्यापक भर्ती घोटालों के खिलाफ आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में शहीद स्थल पर धरना दिया गया है। इस अवसर पर पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य आन्दोलन के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की जनता ने बहुत आशा और विश्वास के साथ भाजपा को भारी बहुमत के साथ डबल इंजन का तोहफा दिया था, परन्तु भय-भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का दावा करने वाली उत्तराखण्ड की डबल इंजन सरकार भ्रष्टाचार रोकने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। राज्य सरकार द्वारा नौजवानों को रोजगार मुहैया कराना तो दूर जिन सरकारी पदों पर अभी तक भर्तियां की भी गई हैं उनमें भारी भ्रष्टाचार एवं भाई भतीजावाद को अंजाम दिया गया है। गोदियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के सत्ता में आते ही सरकारी संस्थाएं बेचने के साथकृसाथ सरकारी नौकरियां भी लाखों रूपये लेकर बेची जा रही है, यह सरकारी विभागों की भर्तियों में भारी भ्रष्टाचार का जीताकृजागता प्रमाण है। भाजपा नेताओं के संरक्षण में पेपर लीक, सरकारी विभागों में नियुक्ति हेतु चल रही धांधली में गिरफ्तारियों से साबित हो गया है कि राज्य में भ्रष्टाचार किस हद तक फलता फूलता जा रहा है। उन्होनें कहा कि इन घोटालों व भ्रष्टाचारों की न्याययिक स्तर पर जांच हो और जांच में चाहें कोई भी दोषी हो उसको सजा मिलनी चाहिए। श्री गोदियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के सत्ता में आते ही सरकारी संस्थाएं बेचने के साथ साथ सरकारी नौकरियां भी लाखों रूपये लेकर बेची जा रही है, सरकारी विभागों की भर्तियों में 15-15 लाख में पेपर लीक का मामला भारी भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण है। भाजपा नेताओं के संरक्षण में पेपर लीकध्सरकारी विभागों में नियुक्ति हेतु चल रही धांधली में गिरफ्तारियों से साबित हो गया है कि राज्य की सभी सरकारी नियुक्तियों में भ्रष्टाचार किस हद तक फलता फूलता जा रहा है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजकुमार, उपाध्यक्ष संगठन प्रशासन मथुरादत्त जोशी, मीडिया चेयरमैन पीके अग्रवाल, मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी, महामंत्री गोदावरी थापली, दर्शन लाल, गौरव चैधरी, अश्विनी बहुगुणा, संजय किशोर, नवीन जोशी सहित कई कांग्रेसी शामिल रहे।

मुखिया ने ही कर डाला अपने परिवार का खत्मा, 3 बेटियों सहित 5 लोगों की निर्मम हत्या की

देहरादून। हर समय पूजा करने से खफा पत्नी ने नाश्ते के समय पूजा करने से मना किया तो परिवार के मुखिया ने पत्नी, तीन बच्चियों व मां की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। घटना का पता चलते ही एसएसपी, एसपी देहात, सीओ डोईवाला मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज प्रातः रानीपोखरी थाना पुलिस को सूचना मिली कि नागाघेर निवासी एक व्यक्ति ने अपने परिवार के पांच लोगों की चाकू से रेतकर हत्या कर दी। सूचना मिलते ही रानीपोखरी थाना प्रभारी शिशुपाल राणा मौके पर पहुंचे उन्होंने घटनास्थल पर पहुंच हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या की सूचना मिलते ही एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, एसपी देहात कमलेश उपाध्याय व सीओ डोईवाला अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आसपास के लोगों से पूछताछ की। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि महेश कुमार पुत्र दिनेश कुमार मूल निवासी इलाहाबाद रोड थाना अतहरा जिला बांदा उत्तर प्रदेश यहां वर्ष 2015 से नागाघेर में अपने भाई के मकान में रह रहा है। परिवार में उसकी चार बेटियां, पत्नी व मां साथ में रहती हैं। एसएसपी ने बताया कि आसपास के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार महेश कुमार कोई कामधाम नहीं करता है। उसके दो भाई विदेश में रहते हैं तथा महेश व उसके परिवार का खर्च उसके भाई ही उठाते हैं। भाईयों ने उसको घुमने के लिए कार व एक्टिवा भी लेकर दे रखी है। महेश सारा दिन घर पर ही रहता है तथा पूजा पाठ करता है। उसकी पूजा पाठ के कारण ही महेश का अपनी पत्नी नीतू देवी के साथ आये दिन विवाद रहता था। आज प्रातः भी बच्चियां स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी तथा उसकी पत्नी नीतू नाश्ता बना रही थी। इसी दौरान महेश ने पूजा करनी शुरू की तो नीतू से उसका पूजा करने को लेकर विवाद हो गया और इसी विवाद में महेश ने चाकू से पहले अपनी पत्नी की गोदकर हत्या कर दी और उसके बाद अपनी दिव्यांग पुत्री स्वर्णा उर्फ गुल्लो (11 वर्ष) तथा अपर्णा (13 वर्ष) अन्नपूर्णा (9 वर्ष) की भी चाकू से गोदकर हत्या कर दी। चारों की हत्या करने के बाद महेश ने अपनी मानसिक रूप से विक्षिप्त मां बीतन देवी की भी हत्या कर दी। हत्या से पूरा घर खून से लाल हो गया था। एसएसपी ने बताया कि उसकी सबसे बडी बेटी अपनी बुआ के घर ऋषिकेश गयी हुई थी जिसकी जान बच गयी। पुलिस ने मौके पर पहुंच महेश को चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।ेहरादून। हर समय पूजा करने से खफा पत्नी ने नाश्ते के समय पूजा करने से मना किया तो परिवार के मुखिया ने पत्नी, तीन बच्चियों व मां की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। घटना का पता चलते ही एसएसपी, एसपी देहात, सीओ डोईवाला मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच महेश को चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

Tuesday, 2 August 2022

देहरादून और विकासनगर के चाय बागानों की 5500 बीघा जमीन सीलिंग एक्ट के तहत सरकारी

देहरादून। चाय बागान की जमीन को लेकर अब एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले में खुलासा हुआ है कि देहरादून ही नहीं विकासनगर तक सीलिंग की 5500 बीघा जमीन है। इस जमीन को लेकर वर्ष 2005 में तत्कालीन डीएम मनीषा पंवार ने सर्वे रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के बाद सीलिंग की जमीन को लेकर अध्यादेश भी जारी हो चुका है। देहरादून में एक प्रेसवार्ता के दौरान सोशल एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश नेगी ने बताया कि यह प्रदेश का सबसे बड़ा जमीन घोटाला हुआ है। उन्हें सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मिली है कि चाय बागान की जमीन को लेकर 4 मई 2005 में तत्कालीन डीएम मनीषा पंवार ने गढ़वाल कमिश्नर को रिपोर्ट दी कि चाय बागान समेत अन्य भूमि के संरक्षण के लिए सर्वेक्षण किया गया। ऐसी भूमि की खरीद-फरोख्त के लिए तहसील स्तर पर अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने के आदेश 5 फरवरी को किये गये। विकेश नेगी के अनुसार रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि दस अक्टूबर 1975 के बाद चाय बागान की जमीन की खरीद-फरोख्त या हस्तांतरण होने की स्थिति में सीलिंग अधिनियम के तहत जमीन को शून्य कर राज्यसात किये जाने का निर्णय हुआ है। आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश नेगी ने बताया कि सुुप्रीम कोर्ट ने भी यही व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि सीलिंग एक्ट के तहत देहरादून और विकासनगर की कुल 424.381 हेक्टेयर यानी लगभग 5500 बीघा जमीन चाय बागान की है। सीलिंग की जमीन को लेकर विभाग ने तहसीलदार से भी जवाब मांगा लेकिन विभाग को कोई जवाब नहीं दिया गया। एडवोकेट विकेश नेगी के अनुसार इस संबंध में अध्यादेश को भी छिपा कर रखा गया। उन्होंने बताया कि चाय बागान की जमीन को लेकर यूपी अध्यादेश संख्या 31 सन् 1975 द्वारा 10 अक्टूबर 1975 से ऐसी भूमि के नामांकरण और बिक्रय पर रोक लगाई गई तथा ग्रामीण सीलिंग अधिनियम की धारा 6 ख्2, के उल्घंन पर धारा 6 ख्3, के तहत ऐसे अतंरण/नामांकरण/ ब्रिकय को सून्य कर राज्यसात किये जाने का नियम स्थापित हुआ था। उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी तो अध्यादेश छिपाने का खुलासा हो गया। गौरतलब है कि चकरायपुर, रायपुर, लाडपुर और नत्थनपुर की 350 बीघा जमीन को लेकर एडवोकेट विकेश नेगी ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है कि सरकारी भूमि को भूमाफिया खुर्द-बुर्द कर रहा है। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर इस जमीन की खरीद-फरोख्त पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस मामले की जांच एक समिति कर रही है जो कि डीएम को रिपोर्ट देगी और डीएम हाईकोर्ट में यह रिपोर्ट पेश करेंगे।

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