बंदी का शव लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण 


 

रुड़की। जेल में विचाराधीन बंदी की मौत के मामले में परिजन और ग्रामीणों ने प्रधान पति समेत चार लोगों की गिरफ्तारी तक शव का अंतिम संस्कार करने इनकार कर दिया। साथ ही शव लेकर गंगनहर की पटरी की ओर जाने लगे। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया।

इस पर लोग शव को गंगनहर की पटरी के पास रखकर धरने पर बैठ गए और गिरफ्तारी पर अड़ गए। यही नहीं वे परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 25 लाख मुआवजा भी मांगने लगे। मौके पर पहुंचे एसपी देहात और एएसडीएम ने ग्रामीणों को जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।

लिब्बरहेड़ी गांव निवासी दीपक ने रुड़की जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराना चाहा तो परिजनों ने प्रधान पति समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। साथ ही पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। देर शाम प्रधान पति समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद परिजन पोस्टमार्टम को राजी हुए थे। पुलिस में खलबली मच गई पोस्टमार्टम के बाद रात में परिजन शव गांव ले गए। वहीं, शनिवार को मामले ने फिर तूल पकड़ लिया। परिजन और सैकड़ों ग्रामीण शव लेकर हाईवे से होते हुए गंगनहर की पटरी पर जाने लगे। इससे पुलिस में खलबली मच गई। आनन-फानन में एसपी देहात एसके सिंह, सीओ मंगलौर डीएस रावत, एएसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट, मंगलौर कोतवाली प्रभारी प्रदीप चैहान समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उन्हें रोक लिया। इस पर परिजन और ग्रामीण शव को लेकर गंगनहर पटरी के पास धरने पर बैठ गए। इसी बीच भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये का मुआवजा मांगने लगे। साथ ही ग्राम प्रधान पति समेत चारों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़ गए। इस दौरान परिजनों ने एएसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और उन्हें सरकार से उचित सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच मृतक का अंतिम संस्कार हुआ। एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट ने ग्रामीणों को बताया कि जिस दिन दीपक की मौत हुई थी, उसी दिन डीएम ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए थे। इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।

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