धारचूला-लिपुलेख निर्माणाधीन मार्ग पर तवाघाट में बना बैली ब्रिज ध्वस्त, कई गांवों का संपर्क कटा 


 

पिथौरागढ़। सामरिक महत्व और कैलाश मानसरोवर को जोड़ने वाले धारचूला-लिपुलेख निर्माणाधीन मार्ग पर तवाघाट में बना बैली ब्रिज पोकलैंड मशीन ले जा रहे ट्रॉला के गुजरते समय ध्वस्त हो गया है। हादसे में दो लोगों को गंभीर चोटें आईं है। पुल ध्वस्त होने से जहां भारत चीन सीमा पर सेना, एसएसबी और आईटीबीपी की अग्रिम चैकियों तक सामान पहुंचाने में दिक्कत आएगी वहीं व्यास घाटी के सात गांवों और चैदास घाटी के कई गांवों के लिए आवाजाही बाधित हो गई है। 

रविवार दोपहर लगभग ढाई बजे सड़क निर्माण का कार्य कर रही गर्ग एंड गर्ग कंपनी की नई पोकलैंड मशीन को चंडीगढ़ से पांगला ले जा रहा ट्रॉला धारचूला से 18 किमी दूर तवाघाट के बैली ब्रिज से गुजर रहा था। ट्रॉले ने अभी पुल का आधा हिस्सा ही पार किया था कि पुल अचानक ध्वस्त हो गया। इससे ट्रॉला पुल की रेलिंग पर लटक गया। हादसे में ट्रॉला चालक नवीन सिंह (32) पुत्र धरम सिंह निवासी रजनू जिला कांगड़ा (हिमाचल), पोकलैंड ऑपरेटर सुरेंद्र कुमार (40) पुत्र जीवा राम निवासी देवपुर जिला होशियारपुर (पंजाब) घायल हो गए। नवीन सिंह को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुल की रेलिंग टूटती तो ट्रॉला पोकलैंड समेत धौली नदी में जा गिरता। माना जा रहा है कि बैल ब्रिज लोडेड ट्रॉले का भार नहीं सहन कर पाया। पुल 65 आरसीसी ग्रिफ (बीआरओ) के अधीन है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रिफ के अधिकारियों के साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। घटना के समय पुल में लोग आवाजाही नहीं कर रहे थे, अन्यथा हादसा और गंभीर हो सकता था। 

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