कैंपा की 250 करोड़ की कार्ययोजना के प्रस्ताव का अनुमोदन 

देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में प्रतीकरात्मक वनरोपण निधि प्रबन्धन और नियोजन प्राधिकरण (उत्तराखण्ड कैम्पा) संचालन समिति की तृतीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 की 250 करोड़ की कार्ययोजना के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

कैम्पा की वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना के तहत जोनल स्तर से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के उपरान्त कार्यकारी समिति द्वारा प्रस्तुत 250 करोड़ की कार्ययोजना के प्रस्ताव का संचालन समिति द्वारा अनुमोदन किया गया। जिसमें निम्न कार्यों का प्राविधान किया गया है जिसके अन्तर्गत मा. मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाली योजना नदियों का पुनर्जीवन मद में कोसी, शिप्रा, खोह व नयार नदियों के उपचार हेतु प्राविधान किया गया तथा कुंभ मेले के आयोजन मे मानव वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम के दृष्टिगत हाथियों की रेडियो कॉलरिंग, हाथी खाई खुदान एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्यो का प्राविधान किया गया। अनुमोदन के प्रस्ताव में वर्षा जल संग्रहण के अन्तर्गत जलकुण्डों, तालाबों, चैकडैम धारा नौला का विकास स्पिं्रग रिचार्ज आदि कार्य प्राविधानित है। एक अन्य अनुमोदित योजना में 3000 हैक्टयर क्षतिपूरक वनीकरण का प्राविधान शामिल है तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बुग्यालों के संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्यो हेतु प्राविधान किया गया है। अनुमोदित कार्ययोजना में सिटी फारेस्ट की स्थापना तथा वनों का सर्वेक्षण एवं सीमाकंन का कार्य भी प्राविधानित है एवं प्रदेश में संचालित कैट प्लानों हेतु प्राविधान किया गया है। बैठक में कैम्पा की संचालन समिति के सदस्य प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आनन्द वर्द्धन, सदस्य सचिव वित्त सौजन्या जावलकर, सदस्य प्रमुख वन संरक्षक (हाफ) जय राज, सदस्य, अपर प्रमुख वन संरक्षक क्षेत्रीय कार्यालय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार पंकज अग्रवाल,सदस्य मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक सदस्य राजीव भरतरी, सदस्य नोडल अधिकारी (प्रमुख वन संरक्षक वन पंचायत) रंजना काला, सदस्य अपर प्रमुख वन संरक्षक जे.के शर्मा उपस्थित थे।

Popular posts from this blog

नेशनल एचीवर रिकॉग्नेशन फोरम ने विशिष्ट प्रतिभाओं को किया सम्मानित

व्यंजन प्रतियोगिता में पूजा, टाई एंड डाई में सोनाक्षी और रंगोली में काजल रहीं विजेता

घरों के आस-पास चहचहाने वाली गौरैया विलुप्ति के कगार पर