लोगों को जनविरोधी कानून नहीं रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा व देश का विकास चाहिए


 

देहरादून। एनपीआर, एनआरसी  व सीएए को लेकर आज हिन्दी भवन में राज्य के विपक्षी दलों एंव जन संगठनों के प्रतिनिधियोें द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वक्ताओं द्वारा कहा गया कि आज देश भर में लोग डरे हैं और बेचैनी के माहौल में जी रहे हंै। जबकि छात्रों व आम नागरिकों के आंदोलन का सरकार हिंसक दमन करवा रही है। 

ृ सम्मेलन में शिक्षण संस्थानों पर भगवा ब्रिगेड द्वारा किये जा रहे हमले और पुलिस की अकर्मण्यता के प्रति भी गहरी चिन्ता व्यक्त की गयी। वक्ताओं ने कहा कि आम लोग इंटरनेट पर नागरिकता नियमावली पढ़ सकते हंै। जिसमें एनपीआर से एनआरसी बनने के दौरान किसी भी व्यक्ति को संदिग्ध नागरिक घोषित किया जा सकता है। कहा कि यह प्रावधान भ्रष्ट अधिकारियों व सत्ताधारी पार्टी के हाथ में एक घातक हथियार हो जायेगा। जब आधार कार्ड, वोटर आइडी इत्यादि सबूत मान्य नहीं होंगे तो आम आदमी अपनी नागरिकता साबित करने के लिए इधर से उधर भागता रहेगा। वक्ताओं का कहना था कि सरकार सिर्फ लोगों को इस बिल को लेकर गुमराह कर रही है और गरीब व जनविरोधी नीतियां ला रही है। लोगों को यह जनविरोधी कानून नहीं रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा देश का विकास चाहिए।

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