राजेन्द्र की सकुशल वापसी के लिए प्रार्थनाएं   

देहरादून। छह दिनों से लापता हवलदार राजेन्द्र सिंह का कोई समाचार न मिलनेे से उनके परिजनों की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है तथा लोग उनकी सकुशल वापसी की प्रार्थनाएं कर रहे है।

आठ जनवरी से लापता राजेन्द्र सिंह गुलमर्ग में ड्यूटी के दौरान बर्फ पर पैर फिसलने से पाकिस्तान की सीमा में चले गये थे उसके बाद से उनका कोई अता पता नहीं मिल सका है। 8 जनवरी को ही अंतिम बार उनकी अपनी पत्नी राजेश्वरी देवी से बात हुई थी जिसमें उन्होने मौसम की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा था कि उनका जैनरेटर भी खराब हो गया है। राजेन्द्र सिंह का परिवार इन दिनों दून के अम्बीवाला में रहता है। उनके माता पिता व पत्नी तथा बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। दिन रात बेचैनी में कट रहे है तथा हर पर वह यह उम्मीद लगाये बैठे है कि कहीं से उनके बेटे की कुशलता का कोई समाचार मिल सके। लेकिन 6 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हे कोई खबर नहीं मिल सकी है। घर में सन्नाटा पसरा है सभी गुमसुम है। आने जाने वालों का घर मे तांता लगा हुआ है। हर कोई उन्हे दिलासा दे रहा है कि जल्द ही कोई अच्छी खबर मिलेगी। विधायकों से लेकर तमाम जनप्रतिनिधि अपने अपने स्तर पर उनसे मिलकर प्रयास कर रहे हैं। परिजन मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हे भी घटना से वाकिफ करा चुके हैं। सीडीएस विपिन रावत, रक्षा सलाहकार अजीत डोभाल व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक से सम्पर्क साधा जा चुका है लेकिन अभी तक सिर्फ भरोसा दिलाने से आगे कुछ नहीं हो सका है। रक्षा विभाग के अधिकारियों  द्वारा उनकी तलाश में लगे होने की बात की जा रही है लेकिन जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है परिजनों के उम्मीद की डोर कमजोर पड़ती जा रही है तथा तरह तरह की आंशकाएं घेरती जा रही हैं। हर किसी की जुबान पर एक ही बात है कि किसी तरह राजेन्द्र सिंह सकुशल एक बार अपने घर में वापस लौट आये।

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