राज्य के पहले प्रशासनिक ई-लर्निंग स्टूडियो का डीएम ने किया उद्घाटन 


हल्द्वानी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिक्षा में तकनीकि के समावेशन की महत्ता एवं आवश्यकता को समझते हुए कैम्प कार्यालय में स्थापित राज्य के पहले प्रशासनिक ई-लर्निंग स्टूडियों का शनिवार को विधिवत उद्घाटन किया। श्री बंसल ने कहा कि यू-ट्यूब सहित विभिन्न चैनलों पर विषय सर्च करने पर सैकड़ों वीडियों प्राप्त होती हैं तथा बच्चों को अपने पाठ्यक्रमानुसार वीडियों सलेक्शन में भी काफी दिक्कतें आती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को विषय वस्तु उपलब्ध कराने के लिए ई-लर्निंग स्टूडियों सक्षम एवं सार्थक सिद्ध होगा। ई-लर्निन स्टूडियों के बनने से विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम के अनुसार विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया उच्च क्वालिटी का रिकाॅर्डेड डाटा पढ़ने के लिए प्राप्त होगा। श्री बंसल ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जनपद के नेट कनेक्टिविटी वाले 125 विद्यालयों में भी आॅनलाईन ई-क्लास का संचालन स्टूडियों से किया जायेगा। श्री बंसल ने बताया कि स्टूडियों द्वारा फिजिक्स, केमिस्टी, मैथ्स, बायलाॅजी, इंग्लिश आदि विषयों पर तैयार किए गए डाटा की वीडियों जनपद के 188 विद्यालयों में उपलब्ध करायी जायेगी, जिसें वहाॅ पढ़ने वाले विद्यार्थी टीचरों के अभाव में भी ओथेंटिक डाटा से आॅफ लाईन पढ़ाई कर सकेंगे। श्री बंसल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया कराने के लिए अध्यापकों की कमी मेहसूस नहीं होने दी जायेगी।

श्री बंसल ने कहा कि देश दुनिया डिजिटल तकनीकि की ओर आगे बढ़ रहा है। सभी क्षेत्रों में तकनीकि का समावेश हो चुका है। इसलिए आवश्यक है कि जनपद भी अन्य क्षेत्रों के साथ ही डिजिटल शिक्षा की दिशा में आगे बढे। जनपद की शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी के समावेशन के लिए हाई स्कूल एवं इण्टर काॅलेजों में एलईडी उपलब्ध करायी जा रही हैं। श्री बंसल ने जीजीआईसी हल्द्वानी, जीजीआईसी धौलाखेड़ा में दो-दो अतिरिक्त कम्प्यूटर लगवाने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।  

मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार ने कहा कि जनपद में ई-लर्निंग को और अधिक बढ़ावा देने, विषयवार हाईक्वालिटी का कन्टेंट उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। श्री कुमार ने कहा कि प्रोफेशनल तरीके से रिकोर्ड की गयी उच्च क्वालिटी की वीडियों विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए मिलेंगी। श्री कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को यू-ट्यूब पर आॅनलाईन तैयारी हेतु जनपद का यू-ट्यूब चैनल भी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तो शिक्षा में तकनीकि समावेशन की शुरूआत है, जनपद में शिक्षा व्यवस्था में तकनीकि के समावेशन हेतु सभी आवश्यक कदम उठाये जायेंगे।

इस अवसर पर बालिकाऐं जनपद की महिला अधिकारियों से रूबरू हुई। अधिकारियों व चिकित्सकों द्वारा बालिकों की कैरियर काउंसिलिंग के साथ ही स्वास्थ्य एवं पोषण, बालिका सुरक्षा, चाईल्ड हैल्प लाईन, पोक्सो एक्ट, महिला हैल्प लाईन, वन स्टाॅप सेंटर आदि के बारे विस्तार से जानकारी दी गयी। इस दौरान 111 बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। जिसमें से आंख, कान एवं महिलाओं सम्बन्धित बीमारियों के कारण 19 बालिकाओं को ईलाज के लिए रेफर किया गया, जबकि 7 बालिकाऐं एनीमिया ग्रस्त पायी गयीं, जिन्हें आयरन-फोलिड एसिड की दवा दी गयी। पोषण मिशन के अन्तर्गत सभी 111 बालिकाओं को पोषण किट दी गयी।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी एचएल गौतम, एसीएमओ डाॅ.रश्मि पन्त, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी व्यौमा जैन, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी काण्डपाल, सीडीपीओ डाॅ.रेनु मर्तोलिया, प्रेरक तुलीका जोशी, रेणु यादव, प्रबन्धक ग्लोबस इंफोकोम लि. रमेश खेतवाल, तेजस्वी, आकाश के अलावा शिक्षक आशुतोष साह, हेम त्रिपाठी, गौरी शंकर काण्डपाल सहित बालिकाएं व अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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