कोविड-19 के रोगियों के लिए ग्लेनमार्क ने लॉन्च की फेविपिरविर एंटीवायरल ड्रग


-हल्के से मध्यम लक्षण्णें वाले कोविड-19 के उपचार में ग्लेनमार्कओरल एंटीवायरल फेविपिरवीर के लिए रेग्यूलेटरी एप्रूवल प्राप्त करने वाली भारत की पहली फार्मास्युटिकल कंपनी बनी


देहरादून। भारत में कोविड-19 के रोगियों के लिए ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए, शोध-केंद्रित, एकीकृत वैश्विक दवा कंपनी, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स, ने आज हल्के से लेकर मध्यम लक्षणों वाले कोविड-19 के रोगियों के उपचार के लिए एंटीवायरल ड्रग फेविपिरविर (ब्रांड नाम फेबीफ्लू) को लॉन्च करने की घोषणा की। ग्लेनमार्क ने भारत के ड्रग रेग्यूलेटर से मैन्यूफैचरिंग और मार्केटिंग के लिए मंजूरी हासिल की है, जिससे फेबीफ्लू भारत में कोविड-19 के इलाज के लिए पहली ओरल फेविपिरविर-अनुमोदित दवा बन गई है।
 फेविपिरवीर से मजबूत नैदानिक साक्ष्य मिले हैं, जो हल्के से लेकर मध्यम तक के लक्षणों वाले कोविड-19 रोगियों में उत्साहजनक परिणाम दर्शाता है। एंटीवायरल 20 से 90 वर्ष के बीच के लोगों में क्लिनिकल सुधार के साथ व्यापक स्पेक्ट्रम आरएनए वायरस कवरेज प्रदान करता है। फेविपिरविर को मधुमेह और हृदय रोग जैसी सह-रुग्णता वाले कोविड-19 रोगियों में हल्के से लेकर मध्यम तक कोविड-19 के लक्षणों के दिखने पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह 4 दिनों में वायरल लोड में तेजी से कमी लाता है और तेजी से रोग के लक्षणों संबंधी और रेडियोलॉजिकल सुधार प्रदान करता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है कि फेविपिरवीर ने कोविड-19 हल्के से लेकर मध्यम तक के कोविड-19 के मामलों में 88 प्रतिशत तक नैदानिक सुधार दिखाया है। ग्लेनमार्क ने अपने इन-हाउस आरएंडडी टीम के माध्यम से एक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रेडिएंट (एपीआई) और फेबीफ्लू के लिए फॉर्मुलेशन सफलतापूर्वक विकसित किया। ग्लेनमार्क ने भारत के ड्रग रेग्यूलेटर डीसीजीआई के सामने क्लिनिकल परीक्षण के लिए प्रॉडक्ट को पेश किया और हल्के से लेकर मध्यम लक्षणों वाले कोविड-19 रोगियों पर क्लिनिकल परीक्षण के लिए अनुमोदन प्राप्त करने वाली भारत की पहली दवा कंपनी बन गई।
इस सफलता के बारे में बताते हुए, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, ग्लेन सल्डान्हा ने कहा कि ‘‘यह एप्रूवल ऐसे समय में मिला है, जब भारत में कोविड-19 केमामले पहले से काफी तेजी से बढ़ रहे हैं, और हमारे स्वास्थ्य प्रणाली पर जबरदस्त असर डाल रहे हैं। हमें उम्मीद है कि फेबीफ्लू जैसे प्रभावी उपचार की उपलब्धता काफी हद तक इस संकट को कम करने में मदद करेगी, और भारत में रोगियों को समय पर बहुत ही आवश्यक चिकित्सा विकल्प उपलब्ध करेगी।’’



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