पुलिस ने दबोचा फरार हत्यारोपी

देहरादून । प्रेमनगर में गत वर्ष नवम्बर में अपने साले की रंजिशन हत्या कर फरार चल रहे हत्यारोपी को दून पुलिस ने आखिरकार दबोच ही लिया। हत्या कर फरार हुआ आरोपी घटना के बाद से अलग-अलग जगहों पर अपनी पहचान छिपा कर रह रहा था। आरोपी के ऊपर 2500 रुपये का इनाम भी रखा गया था।
गत वर्ष 5 नवम्बर को डिंपल शर्मा पुत्री स्वर्गीय सुशील शर्मा निवासी विंग नंबर 7 प्रेमनगर देहरादून ने थाना प्रेमनगर पर आकर सूचना देते हुए एक लिखित तहरीर दी कि उनके पति (तलाकशुदा) पवन शर्मा के द्वारा उनके भाई सुनील शर्मा उर्फ सोनू की बातचीत करने के बहाने ले जाकर चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी गई है। जिसके बाद से ही पुलिस हत्यारोपी की तलाश में जुटी थी किंतु आरोपी इतना शातिर था कि अपनी गिरफ्तारी को बचाते हुए हर साक्ष्य सबूत को मिटाता चला गया। इसी दौरान अभियुक्त की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हेतु गत 24 जुलाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा वांछित चल रहे अभियुक्त पवन शर्मा पर 2500ध्- रुपए का इनाम घोषित किया गया। अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून के आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी मसूरी के निर्देशानुसार एक पुलिस टीम को उचित दिशा निर्देश एवं गिरफ्तारी संबंधी लाभप्रद जानकारी देते हुए गठन कर संभावित स्थानों पर अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु रवाना किया गया। लगातार प्रयासरत पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना एवं सीसीटीवी की मदद से गाजियाबाद के विजयनगर से अभियुक्त पवन शर्मा उम्र 56 वर्ष पुत्र स्वर्गीय सोमनाथ शर्मा निवासी मुकुंद नगर थाना सिहानी गेट जिला गाजियाबाद को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ के दौरान अभियुक्त पवन शर्मा पुत्र स्वर्गीय सोमनाथ शर्मा ने बताया गया कि वर्ष 2000 में उसकी शादी डिंपल शर्मा पुत्री स्वर्गीय सुशील शर्मा निवासी सहारनपुर से हुई थी। अभियुक्त ने बताया कि करीब 25- 26 साल की उम्र से ही उसे नशे की लत लग गई थी, जिस कारण वह गलत संगत में पड़ गया था, कई बार लोगों से झगड़े फसाद हुए तथा जिसके चलते अभियुक्त के विरुद्ध थाना सिहानी गेट गाजियाबाद में 3 लोगों की हत्या, मारपीट एवं गुंडा अधिनियम का मामला दर्ज हुआ था। अभियुक्त के माता-पिता द्वारा वर्ष 2000 में डिंपल शर्मा से शादी करा दी थी, डिंपल शर्मा से अभियुक्त की तीन बेटी तथा एक बेटा है, लेकिन मुकुंद नगर गाजियाबाद में अभियुक्त की छवि अच्छी नहीं होने के कारण वर्ष 2005 में वहां का मकान बेचकर अपनी मां तथा बीवी बच्चों के साथ देहरादून शिफ्ट हो गया था, जहां पर अभियुक्त द्वारा गाड़ी लेकर चलाई गई जिसमें नुकसान होने के बाद अभियुक्त सेलाकुई में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा, लेकिन नशे की लत के कारण सारी जमा पूंजी समाप्त हो गई, इसी दौरान अभियुक्त की मां की मृत्यु हो गई तथा अभियुक्त के नशा करने व बच्चों का भविष्य को लेकर अक्सर पति-पत्नी में लड़ाई झगड़ा रहने लगा। डिंपल शर्मा ये सारी बातें प्रेम नगर में रहने वाले अपने भाई सुनील शर्मा उर्फ सोनू को बताती थी, इसी के चलते वर्ष 2015 में डिंपल शर्मा ने पवन शर्मा से तलाक ले लिया, डिंपल शर्मा अपने भाई सुनील शर्मा उर्फ सोनू के पास प्रेम नगर में अपने बच्चों के साथ रहने लगी तथा अभियुक्त पवन शर्मा गाजियाबाद रहने लगा। तलाक के बाद अभियुक्त कई बार अपने बच्चों से मिलने प्रेमनगर आता रहता था तथा अपने साले पर अपने बीवी बच्चों को ले जाने के लिए दबाव बनाना चाहता था, लेकिन सुनील शर्मा उर्फ सोनू और सुनील शर्मा का दोस्त मनीष राजपूत नहीं चाहते थे, कि डिंपल शर्मा फिर से पवन शर्मा के साथ रहे, इसी बात को लेकर पवन शर्मा अपनी पत्नी डिंपल शर्मा व साले सुनील शर्मा उर्फ सोनू तथा मनीष राजपूत से रंजिश रखने लगा और इन्हें मारने का प्लान बनाया । इसी के चलते गत वर्ष 5 नवम्बर को पवन शर्मा अपनी पत्नी डिंपल शर्मा व साले सुनील शर्मा उर्फ सोनू तथा मनीष राजपूत की हत्या करने के लिए प्रेमनगर विंग नंबर 7 स्थित सुनील शर्मा उर्फ सोनू व डिंपल शर्मा( अभियुक्त की पत्नी) के मकान पर आया और दरवाजा खुलवाने की कोशिश की किंतु डिंपल शर्मा ने दरवाजा नहीं खोला सुनील शर्मा ने बाहर आकर पूछा तो अभियुक्त पवन शर्मा अपने साले सुनील शर्मा उर्फ सोनू को बात करने के बहाने गली में ले गया और अपने थैले में से धारदार चाकू निकालकर उसका गला रेत दिया इसके बाद अभियुक्त डिंपल शर्मा तथा मनीष राजपूत को मारना चाहता था लेकिन मौके पर भीड़ भाड़ होते देख  मौके से भीड़ भाड़ एवं अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला था। बाद में प्रेम नगर शमशान घाट के पास पहुंचकर अभियुक्त ने अपने कपड़े बदले और हत्या में प्रयुक्त चाकू को नदी के चलते पानी में फेंक दिया और वहां से टेंपो में बैठकर विकासनगर पहुंच गया तथा विकास नगर से रोडवेज पकड़ कर पोंटा साहिब और पोंटा साहिब से राजस्थान पहुंच गया तथा एक मंदिर के बाहर रहने लगा जहां पर उसको खाना-पीना मिल जाता था इसके बाद अभियुक्त कुरुक्षेत्र, हरियाणा पहुंच गया, जहां पर दो-तीन महीने रहा। अभियुक्त पंजाबी भाषा अच्छी बोल लेता है इसका फायदा उठाकर अभियुक्त अमृतसर स्थित गुरुद्वारे में चला गया तथा लॉकडाउन के दौरान अभियुक्त अमृतसर गुरुद्वारे में रहा तथा वही खाना-पीना खा लेता था, लॉकडाउन खुल जाने के बाद अभियुक्त वापस आनंद विहार, दिल्ली पहुंच गया तथा यह जानकर कि अब मामला शांत हो गया होगा वापस गाजियाबाद आ गया। जहां पर आसानी से नशे का शौक भी पूरा हो जाता तथा अपने पुराने दोस्तों से मिलने के प्रयास में था इससे पहले कि अभियुक्त को भनक लगती प्रेमनगर पुलिस उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में श्वेता चैबे, एसपी सिटी,
नरेंद्र पंत, क्षेत्राधिकारी मसूरी, धर्मेंद्र सिंह रौतेला, थानाध्यक्ष प्रेमनगर, कोमल सिंह रावत, डीपी काला, संदीप कुमार,नौशाद अंसारी, नरेंद्र रावत आदि शामिल थे।
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