Thursday, 10 September 2020

ऋषिकेश एम्स कोरोना मरीजों के लिए बन रहा मौत का कुंआः विजय सारस्वत



-विश्व स्तरीय चिकित्सालय में नहीं मिल पा रहा मरीजों को माकूल उपचार

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन विजय सारस्वत ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर तंज कसते हुए कहा कि ऋषिकेश एम्स कोरोना मरीजों के लिए मौत का कुंआ बनता जा रहा है। विश्व स्तरीय चिकित्सा का दावा करने वाले ऋषिकेश एम्स में कोरोना से संक्रमित मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा है। विजय सारस्वत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग खुद मुख्यमंत्री के अधीन है लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे है मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव आज तक अपने विकास के समय में से कुछ समय निकाल कर एम्स की व्यवस्थाओं का जायजा लेने नहीं जा पाये हैं। उन्होंने कहा कि एम्स में भर्ती मरीजों को न तो उनके तिमारदारों से वीडियो कान्फ्रेंसिग अथवा दूरभाष के माध्यम से वार्ता कराई जा ही है तथा एम्स द्वारा किसी प्रकार का स्वास्थ्य बुलेटिन भी जारी नहीं किया जा रहा है।
विजय सारस्वत ने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण कोरोना ग्रसित मरीजों की मौत के आंकडे दिन प्रतिदिन बढते जा रहे हैं। फण्ड जारी नहीं होने की बजह से 108 जैसी सेवा कई दिनों तक प्रदेश में ठप्प रही इस बजह से कई मरीजों ने अपनी जांन गंवाई। राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों को पीपीपी मोड पर दे रही है जिससे उसका निकम्मापन उजागर हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री ने कहा कि कोरोना टैस्ट की जो फीस निर्धारित की गई है गरीब आदमी उसे वहन करने में असमर्थ है। उन्होने कहा कि प्रदेश में कोरोना टैस्ट निःशुल्क किया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि अन्य बीमारियों की उपचार के लिए एम्स की ओ.पी.डी खुलवाई जानी चाहिए ताकि लोगों को कम दरों पर इलाज कराने की सुविधा मिल सके। राज्य के अन्य चिकित्सालयों में भी डाॅक्टरों, चिकित्सा कर्मियों व सफाई र्कमचारियों की भारी कमी के चलते व्यवस्थायें चरमरा चुकी हैं। ऐसे में सभी चिकित्सालयों में डाॅक्टरों, चिकित्सा कर्मियों व सफाई र्कमचारियों की समुचित तैनाती की जानी चाहिए।
विजय सारस्वत ने यह भी कहा कि प्रायः देखने में आ रहा है कि कोरोना संक्रमितों के लिए बनायेे गये कोविड वार्डों में चिकित्सक एव चिकित्सा कर्मियों के स्थान पर अटेन्डेंटों को भेजा जा रहा है जिससे मरीजों का मनोबल टूट रहा है तथा उनका स्वास्थ्य अच्छा होने की बजाय और बिगड़ रहा है। विजय सारस्वत ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना महामारी से लडने के लिए केन्द्र की ओर से 15 हजार करोड़ की घोषणा की गई थी। राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि केन्द्र से उत्तराखण्ड राज्य के हिस्से में कितना पैसा आया इस पर श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने एम्स प्रशासन से भी श्वेत पत्र जारी करने मांग की कि कोरोना महामारी में एम्स को कितना धन मिला तथा मिले हुए धन का किन मदों में उपयोग किया गया। पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री अजय सिंह, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, महिला नेत्री लक्ष्मी अग्रवाल, राजीव गांधी पंचायतराज विभाग के मोहित शर्मा, युवा कांग्रेस के महामंत्री संदीप चमोली, कपिल भाटिया, नवनीत कुकरेती आदि शामिल थे।


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