विभिन्न सैक्टर की डिमाण्ड और आपूर्ति के अनुसार वर्कफोर्स तैयार की जायः डीएम  

देहरादून। यह निर्देश जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने स्किल इण्डिया मिशन के अन्तर्गत कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तर पर गठित जिला कौशल विकास समिति की बैठक के दौरान कलेक्टेªट सभागार में सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को दिये।
जिलाधिकारी ने हर तरह के सैक्टर की डिमाण्ड और आपूर्ति के अनुसार कार्यबल को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये, ताकि डिमाण्ड और सप्लाई का गैप दूर हो सके। उन्होंने कहा कि जिस सैक्टर में जितनी और जिस तरह के कार्यबल की जरूरत है उनको उस तरह का और उतनी आवश्यकता में कार्यबल उपलब्ध करवाने का काम किया जाय। उन्होंने इसके लिए ग्रामीण और शहरी दोनों जगह पर हर सैक्टर के कार्यबल की डिमाण्ड, सोसाइटी की प्रकृति, उपलब्ध कार्यबल, उपलब्ध कार्यबल की गुणवत्ता इत्यादि का सर्वे करने के निर्देश देते हुए कहा कि सर्वे सटीक व्यावहारिक और जमीनी स्तर पर हो ताकि सही डेटा प्राप्त हो जाय, जिससे अच्छा प्लान बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सर्वे में यह भी देखा जाय कि आगामी 2 से 5 वर्ष में किस सैक्टर में कितने और किस प्रकृति के कार्यबल की आवश्यकता होने वाली है इसका सम्बन्धित विभागों से विवरण प्राप्त कर लें तथा उसी अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाय। जिलाधिकारी ने मुख्य फोकस कृषि-उद्यान और इससे जुडे़ सहायक उद्यम जैसे डेयरी, मत्स्यपालन, मौन पालन, कुक्कुट पालन, फूड प्रोसेसिंग पर अधिक फोकस करने के निर्देश देते हुए कहा कि कृषि सैक्टर में सर्वाधिक लोगो को रोजगार देने की क्षमता है तथा  सबसे अधिक तकनीकी रूप से दक्ष लोगों की आवश्यकता भी है। उन्होंने हाॅप पोर्टल पर पंजीकृत तथा सेवायोजन विभाग से प्रशिक्षण प्राप्त कार्यबल के स्तर और वह कार्यबल किसी सैक्टर की कितनी डिमाण्ड पूरी कर पाता है इसका अवलोकन करने के सेवायोजन अधिकारी को निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वे किस तरह से होगा, सही डेटा कैसे प्राप्त हो सकेगा तथा सभी सम्बन्धित रेखीय विभागों का सूचना आदान-प्रदान और अन्य प्रकार से सक्रिय सहयोग-समन्वय कैसे प्राप्त होगा इसकी पूरी टाइमलाईन बना लें। इसके अतिरिक्त  आईटीआई, पाॅलिटैक्निक जैसे तकनीकी संस्थानों को भी उद्योग, मार्केट और स्थानीय कार्यबल की आवश्यकता के अनुरूप अपने पाठ्यक्रम में और ट्रेड में बदलाव करने को भी कहा जाय। बैठक में रेखीय विभागों के अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव समिति के समक्ष प्रस्तुत किये। कुछ महत्वपूर्ण सुझाव के अन्तर्गत प्रशिक्षण को डिमाण्ड और आपूर्ति केन्द्रित बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर ही प्लम्बर, इलैक्ट्रीशियन आदि कार्यबल तैयार करने, मार्केट और इण्डस्ट्रियल की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण देने, जनपद स्तर पर विभागों के मध्य बेहतर समन्वय और माॅनिटरिंग मैकेनिज्म को मजबूत करने तथा गांव से माइग्रट होने वाले कार्यबल की पूर्ति करने तथा शहर में आने वालों के लिए शहर में ही रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने पर जोर देने की बात कही गयी। बैठक में सेवायोजन अधिकारी अजय सिंह और प्रवीन गोस्वामी द्वारा प्रजेन्टेशन के माध्यम से स्किल इण्डिया मिशन के अन्तर्गत कौशल विकास कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर पर बेहतर क्रियान्वयन करने से सम्बन्धित जानकारी दी गयी तथा समिति के अग्रिम प्रयासों की रूपरेखा से भी अवगत कराया गया। इस दौरान बैठक में जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य शिखा अधिकारी आशा रानी पैन्यूली, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र शिखर सक्सेना, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी भास्कर कुलियाल, उद्योग प्रतिनिधि विजय सिंह, लीड बैंक अधिकारी जी.एस मर्तोलिया आदि सम्बन्धित विभागीय अधिकारी व कार्मिक उपस्थित थे।


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