Saturday, 31 October 2020

कांग्रसियों ने किया सरदार पटेल व इंदिरा गांधी को किया याद

देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर स्व. इन्दिरा गांधी के शहादत दिवस एवं सरदार बल्लब भाई पटेल के जन्म दिवस को पूरे प्रदेश में ’किसान अधिकार दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस कार्यक्रम के तहत सभी जिला मुख्यालयों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इसी कार्यक्रम के तहत आज उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह  के नेतृत्व में प्रातः 11 बजे से देहरादून के गांधी पार्क में किसान अधिकार दिवस मनाया गया। इससे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम ने इन्दिरा मार्केट में स्व. इन्दिरा गांधी की प्रतिमा तथा घण्टाघर स्थित सरदार पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये।  
  प्रीतम के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गांधी के शहादत दिवस एवं भारत रत्न स्व. सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय मे दोनों नेताओं के चित्रों पर मल्यापर्ण करते हुये उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये तथा उनके द्वारा देश के लिये किये गये बलिदान को याद करते हुये सम्पूर्ण समाज को उनके उनके बाताये मार्ग पर चलने का अवाह्न किया। गांधी पार्क में आयोजित किसान अधिकार दिवस में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम ने कहा कि आज हम राष्ट्र एवं विश्व की महान जननायिका तथा देश की एकता के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाली त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति, मात्र शक्ति स्व. इन्दिरा गांधी एवं भारत के लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए हैं। जहां स्व. इन्दिरा ने अपनी प्रतिभा कौशल एवं विद्यता से देश को प्रगति के पथ पर लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तथा गरीबी निवारण के साथ-साथ बैंकों का राष्ट्रीयकरण, बीस सूत्रीय कार्यक्रम जैसे विकासोन्मुखी कार्यक्रम शुरू करने के साथ ही सामाजिक समरसता एवं सद्भाव को मजबूत बनाने की दिशा में अनेकों उल्लेखनीय कार्य किये थे। वहीं सरदार बल्लभ भाई पटेल ने देश के विभिन्न प्रान्तों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए मजबूत भारत की नींव रखने का काम किया था। स्व. इन्दिरा ने विश्व ख्याति प्राप्त करते हुए समूचे विश्व का ध्यान भारत की ओर आकर्षित किया और देश के दुश्मनों का सिर झुका कर भारत की सम्प्रभुता मानने को मजबूर किया। उन्होंने शिमला समझौता तरते हुए शांति की दिशा में एक और कदम उठाकर गुट निरपेक्ष आन्दोलन की अध्यक्ष निर्वाचित होकर विश्व में भारत के गौरव को बढ़ाया। कांग्रेस पार्टी ने सदैव साम्प्रदायिक सौहार्द एवं भाईचारे का वातावरण बनाने में सफलता प्राप्त की किन्तु आज कुछ विघटनकारी ताकते फिर से देश को गुलामी की ओर ले जाने का काम कर ही हैं उनका हमें डटकर मुकाबला करना है।
प्रीतम ने लोकसभा एवं राज्यसभा में पारित बिलों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि देश का किसान और खेत मजदूर सड़कों पर है और सत्ता के नशे में मदमस्त मोदी सरकार उनकी रोजी रोटी छीन खेत खलिहान को पूंजीपतियों के हवाले करने का षडयंत्र कर रही है। कृषि विरोधी तीन काले कानूनों ने समूची मोदी सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मुखौटे को उतार दिया है। असल में मोदी सरकार का मूलमंत्र है- किसानों को मात, पूंजीपतियों का साथ, खेत मजदूरों का शोषण, पूंजीपतियों का पोषण गरीबों का दमन, पूंजीपतियों को नमन। प्रीतम ने कहा कि आत्म निर्भर भारत अभियान की आढ में भारत की आत्मा को किस तरह मारा जा रहा है इसका ताजा उदाहरण है मोदी सरकार द्वारा लाये गये किसानों के तीन अध्यादेश, जिन्हें संसद के दोनों सदनों से किस तरह अलोकतांत्रिक तरीके से पास कराया गया, वो इतिहास के पन्नों में काले अध्याय की तरह लिखा जायेगा। जो तीन विधेयक सदन में परित किये गये हैं उनमें पहला कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा विधेयक), दूसरा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संसोधन विधेयक एवं तीसरा मूल्य आश्वासन पर किसान (संरक्षण एवं सषक्तीकरण) समझौता और कृशि सेवा विधेयक। ये तीनों ही विधेयक किसान की कमर तोडने के लिए काफी हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत, हीरा सिंह बिष्ट, मातवर सिंह कण्डारी, शूरवीर सिंह सजवाण, उपाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, सूर्यकान्त धस्माना, धीरेन्द्र प्रताप, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, नवीन जोशी, हरिकृष्ण भट्ट, प्रदीप तिवारी, ताहिर अली, अजय सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, जिलाध्यक्ष गौरव चैधरी, मथुरादत्त जोशी, जयेन्द्र रमोला, सूरत सिंह नेगी, शिल्पी अरोड़ा, प्रदेश सचिव राजेश शर्मा, राजेश चमोली, प्रदीप जोशी, मंजुला तोमर, संदीप चमोली, शांति रावत, नवीन पयाल, कै. बलवीर सिहं रावत, शोभाराम, गिरीश पुनेड़ा, डाॅ. प्रतिमा सिंह, अकील अहमद, जगदीश धीमान, कमर खान ताबी, संदीप कुमार, कमलेश रमन, महेश जोशी, आनन्द बहुगुणा, अमित भण्डारी, मोहित नेगी, भूपेन्द्र नेगी, हरेन्द्र बेदी, सुलेमान अली, देवेन्द्र सती, मनीष नागपाल, आयुश सेमवाल, पुष्कर सारस्वत, विपुल नौटियाल, सूर्यप्रताप राणा, सत्येन्द्र शर्मा, सुनित राठौर, आदर्श कुमार, अमरजीत सिंह, लाखीराम बिजलवाण, रघुवीर सिह बिष्ट, बाला शर्मा, राॅबिन पंवार, विजय रतूड़ी मोन्टी, विशाल मौर्य, सुधीर राय, कार्तिक चांदना, सुधीर सुनेहरा, सोनू तिवारी, राजेन्द्र थापा, अनिता निराला, रामकुमार थपलियाल, नीरज नेगी, मंजू चैधरी, सावित्री थापा आदि कांग्रेसजन उपस्थित थे।


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