केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये

देहरादून। ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं और उसे इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस (आईओई) का दर्जा दिया गया है। यह जेजीयू के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस संदर्भ में आईओई नियमों के तहत सभी वैधानिक, विनियामक और प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को विधिवत रूप से पूरा किया गया है और जेजीयू को ष्इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंसष् के रूप में कार्य करने की स्वीकृति दी गयी है। आईओई नीति विश्वस्तरीय शिक्षण और अनुसंधान संस्थानों को विश्व स्तरीय शिक्षण और अनुसंधान संस्थान बनने में मदद करने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता को लागू करने के लिए शुरू की गई थी। ष्इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंसष् के चयन और सिफारिश की जिम्मेदारी एक सशक्त विशेषज्ञ समिति को सौंपी गई थी जिसे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नियुक्त किया गया था।
ष्इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंसष् के रूप में दर्जा दिये जाने के साथ, जेजीयू देश के शीर्ष 10 निजी संस्थानों के एक प्रतिष्ठित समूह में शामिल हो गया है, जिसे विनियामक नियंत्रणों से हटाकर पूर्ण स्वायत्तता दी गई है। ष्इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंसष् की तलाश वर्ष 2017 में निजी संस्थानों के लिए ष्यूजीसी (इंस्टीट्यूशंस ऑफ एमिनेंस डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटीज) रेगुलेशन, 2017ष् और सार्वजनिक संस्थानों के लिए यूजीसी (इंस्टीट्यूशंस ऑफ एमिनेंस के रूप में सरकारी शिक्षण संस्थानों की घोषणा), दिशानिर्देश 2017ष् के साथ शुरू हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक चांसलर और संरक्षक, नवीन जिंदल ने कहा, ष्मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि जेजीयू को ष्इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंसष् के दर्जा से सम्मानित किया गया है। यह जेजीयू के लिए एक अविश्वसनीय मान्यता है और विश्वविद्यालय की असाधारण उपलब्धियों के लिए एक महान सम्मान है। जेजीयू मेरे पिता श्री ओपी जिंदल की याद में स्थापित किया गया था, जो शिक्षा, उद्यमिता, परोपकार और राष्ट्र-निर्माण में विश्वास करते थे।


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