स्वस्थ जीवनशैली से दें ह्रदय रोगों को मातः डॉ. प्रीति शर्मा

देहरादून। कोविड-19 महामारी के दौरान हृदय रोगियों को विशेष रूप से डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली सलाह से सावधानियां बरतने की जरुरत है, ताकि संक्रमण और सूजन से बचाव के लिए हाई रिस्क में रखा जाए। सर्दियां आ गयी हैं इस समय उम्र दराज लोगों को हृदय रोगी समस्याएं अधिक होती हैं।
देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल की इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रीति शर्मा ने बताया कि भारत में कोरोनरी आट्र्री की बीमारी बढ़ रही है, यह ऐसे हालात हैं जो तब बढ़ते हैं जब प्लाग का निर्माण होता है और यह आट्र्री को कठोर कर देता है जो आपके दिल को जरुरी ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाते हैं, इसे एथेरोस्क्लेरोसिस भी कहा जाता है। ये रोगी को उसके जीवन के सबसे अधिक महत्वपूर्ण समय में प्रभावित करती हैं जिसके नतीजे सामाजिक और आर्थिक रुप से बहुत भयानक होते हैं।
डॉ. प्रीति शर्मा कहती हैं कि, ‘‘पहले से हृदय रोगों से जूझ रहे लोगों को तब तक क्लीनिकल रूप से संकेत एसीई अवरोधक और एआरबी दवाओं का उपयोग जारी रखना चाहिए जब तक कि किसी अन्य विशेषज्ञ द्वारा सलाह न दी जाए। यह हृदय की मांसपेशियों की सूजन, मायोकार्डिटिस नामक एक स्थिति जैसे किसी भी जटिलताओं से बचने में मदद कर सकता है। यह आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाने और एक स्वस्थ जीवन शैली का नेतृत्व करने के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। जब शरीर की इम्यूनिटी अच्छी नहीं होती है, तो इससे ब्लड प्रैशर में बदलाव हो सकता है, जिससे हृदय की मांसपेशियों पर बहुत अधिक भार पड़ता है। चूंकि ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए दिल को दोगुना मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए समय के साथ असर गंभीर हो सकता है।” जटिलताओं से बचने के लिए धूम्रपान छोड़ें और शराब पीना कम करें, धूम्रपान छोड़ने के दो साल के भीतर कोरोनरी हृदय रोग का खतरा काफी कम हो जाता है।


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