Wednesday, 17 February 2021

महाराष्ट्र का पर्यटन विभाग जुन्नर में 19 से 21 फरवरी तक करेगा अंगूर उत्सव का आयोजन

मुंबई। राज्य सरकार का पर्यटन विभाग 19 से 21 फरवरी तक महाराष्ट्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक, जुन्नर में 3-दिवसीय अंगूर महोत्सव की मेजबानी करेगा। इस महोत्सव का उद्देश्य जुन्नर के अंगूर के बगीचों को राज्य के अत्यधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनाना और अंगूर कृषि-पर्यटन को बढ़ावा देना है। महामारी के एक मुश्किल वर्ष के बाद, फिर से पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार महाराष्ट्र, राज्य में घूमने और राज्य भर के उत्सवों में शामिल होने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। मालशेज की खूबसूरत पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा जुन्नर, अपने घुमावदार प्राकृतिक घाटों, पुरातन गुफाओं और दो अष्टविनायक मंदिरों के साथ राज्य का एक आदर्श पर्यटन स्थल है। पर्यटन निदेशालय पुणे क्षेत्र की उप निदेशक सुप्रिया करमरकर ने बताया, “महोत्सव में पर्यटक खेत-के-ताजे अंगूरों के विशेष सफर का आनंद उठा सकेंगे, मौके पर ही पेय पदार्थों का उपभोग कर सकेंगे, उन्हें खरीद सकेंगे और वाइन बनाने की पूरी प्रक्रिया देख सकेंगे। यहाँ अंगूरों की विभिन्न किस्में और अंगूर के उत्पाद जैसे कि किशमिश, ब्लैक करंट, ग्रेप जूस आदि होंगे। पर्यटकों को सीधे खेत से ताजा-तोड़े गए अंगूर खरीदने का मौका भी मिलेगा।उन्होंने आगे कहा, “अंगूर की फसल उगाने वालों को पर्यटकों, विशेषज्ञों और व्यावसायिक उद्यमों के साथ मिलने और अनुभव का आदान-प्रदान करने के अवसर के साथ, यह उनकी पहुँच का दायरा बढ़ाने में मदद करने का एक उत्कृष्ट तरीका है। उत्सव का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने के लिए, प्रतिभागियों को 18 फरवरी तक अपना पंजीकरण कराना होगा। वे https://bit.ly/3tUCoQLपर जा सकते हैं और इसका हिस्सा बनने के लिए फॉर्म भर सकते हैं।” महोत्सव के कुछ प्रमुख आकर्षणों में स्थानीय भोजन और ग्रामीण झांकी, हेरिटेज वॉक और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। उनके यात्रा-कार्यक्रम में अंगूर फार्म की यात्रा, जुन्नर हेरिटेज वॉक, वाइनरी की यात्रा, नानेघाट, नौका विहार, ओझर गणपति मंदिर, गिब्सन स्टैचू, लेन्याद्री गणपति मंदिर, तम्हाने संग्रहालय, अंबा-अंबिका गुफाएं और जुन्नर साप्ताहिक बाजार जैसे कम घूमे गए पर्यटक स्थल शामिल होंगे। महोत्सव के दौरान कई सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव स्थानीय किसानों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों को पर्यटकों के समक्ष अपने कार्य को प्रस्तुत करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा

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