ऑनलाइन खेल का टास्क: छात्र ने महिला के सिर पर मार दिया हथौड़ा

देहरादून। ऑनलाइन खतरनाक गेम खेलकर बच्चे अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला देहरादून में सामने आया है। यहां बारहवीं कक्षा के एक छात्र ने सड़क पर चल रही महिला के सिर पर हथौड़ा मारकर उसे घायल कर दिया और इसके बाद वह फरार हो गया। पुलिस ने पांच दिन बाद छात्र को शिमला से बरामद कर लिया। महिला पर हमले के बाद वह पैदल पैदल चलता रहा। वह रात भर चलकर हरबर्टपुर होते हुए पांउटा साहिब पहुंचा। वहां एक रात उसने गुरुद्वारा में गुजारी। वह अगली सुबह एक अनजान व्यक्ति से उसने एक हजार रुपये लिए। इस राशि से उसने स्वयं के लिए जूते खरीदे। इसके बाद बस में बैठ कर शिमला बस स्टैंड में उतर गया। शिमला में वह पैदल-पैदल घूमता रहा। वहां लोग उसे खाना खिला देते थे। कुछ ने लोगों ने उसे घर जाने को भी कहा। वह पूरे शिमला में पैदल-पैदल घूमता रहता, फिर घूम फिर कर एक ही जगह वापस आ जाता था। इस पर कुछ लोगों ने उसे गुरुद्वारा में जाकर रहने खाने की सलाह दी। वह गुरुद्वारे में गया और रहने की जगह मांगी। तब तक पुलिस पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक इस छात्र का कहना है कि उसे नहीं पता कि उसने ऐसा क्यों किया। वह अक्सर वर्चुअल वर्ल्ड में समय व्यतीत करता है। पुलिस के मुताबिक इस किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग का शौकीन है। उसका अधिकतर समय ऑनलाइन गेम खेलने में व्यतीत हो जाता है। दिन रात वह साइबर वर्ल्ड में व्यस्त रहता है। कथा, वेब सीरीज और नोबेल लिखने का वह शौकीन है। उसने बताया कि घटना के दिन वह घर से अपनी प्रोजेक्ट फाइल पर बाइंडिंग करवाने के लिए घर से निकला था। वह पैदल पैदल चलते हुए बंगाली कोठी के पास पहुंचा। वहां उसे कारपेंटर का काम करते हुए लोग दिखाई दिए। उसने वहां से एक हथौड़ी उठाई व आगे चलता गया। तभी उसे एक लड़की फोन पर बात करते हुए दिखाई दी, तो उसने उसके सिर पर हथौड़े से वार कर दिया। जब लड़की नीचे गिरकर चिल्लाई तो वह फाइल व हथौड़ी वहीं छोड़कर भाग गया। घटना 22 फरवरी की सायं आठ बजे की है। नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्वर्ण गंगा एनक्लेव लेन नंबर दो निवासी सिद्धार्थ आहलूवालिया की पत्नी ज्योति नेगी पशुपति हाट के पास मोबाइल पर बात कर रही थी। तभी किसी पीछे से उसके सिर पर हथौड़ा मार दिया। साथ ही उसके गले में भी धारदार हथियार से वार किया गया। इससे महिला लहूलुहान हो गई। हमला करने वाला मौके से फरार हो गया। घायल महिला को कनिष्क अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला के पति ने इस संबंध में नेहरू कालोनी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया तो घटनास्थल पर स्कूल की एक प्रोजेक्ट फाइल मिली। इस पर छात्र का नाम लिखा था। पीड़ित महिला से जब जानकारी चाही तो उसे छात्र से संबंधित कोई जानकारी नहीं थी। साथ ही वह उसे पहचानती भी नहीं थी। ऐसे में पुलिस की मुसीबत और बढ़ गई। पुलिस ने आसपास जांच की तो वहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं मिले। साथ ही महिला पर हमले का उद्देश्य भी पता नहीं चल पाया। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि पटेलनगर थाना क्षेत्र से एक 17 वर्षीय छात्र गायब है। वह महिला पर हमले की घटना से पूर्व घर से प्रोजेक्ट की फाइल बाइंडिंग कराने गया था। इस संबंध में उसके परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। उसके बाद पुलिस को पक्का विश्वास हो गया कि घटनास्थल पर मिली फाइल गायब हुए छात्र की है। किशोर को तलाशती हुई पुलिस हिमाचल के पांउटा साहिब पहुंची। वहां पता चला कि वह शिमला की बस में सवार हुआ था। बस के परिचालक का मोबाइल नंबर लेकर पुलिस ने जानकारी चाही तो पता चला कि वह शिमला बस स्टैंड पर उतारा गया था। इस पर एक टीम शिमला भेजी गई। साथ ही वहां सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। शुक्रवार रात्रि को उसे शिमला स्थित एक गुरुद्वारा से बरामद कर लिया गया।

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