Friday, 25 June 2021

आपदा के दृष्टिगत सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंः डीएम

अल्मोड़ा। जिलाधिकारी व अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट में मानसून के दृष्टिगत विभिन्न विभागों द्वारा की जाने वाली पूर्व तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में संबंधित अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने आपदा से जुडे विभागों को निर्देश दियें कि आपदा के दृष्टिगत सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की घटना घटित होने पर कम समय में राहत एवं बचाव कार्य किया जाय, इसमें किसी भी प्रकार का विलंब न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाय। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दियें कि सभी तहसील मुख्यालयों में संचालित आपदा कंट्रोल रूम पर पैनी नजर रखी जाय, इसमे वायरलैस सेट सहित अन्य सभी आवश्यक उपकरण दुरूस्त रखा जाय तथा उपकरण संचालन हेतु कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाय, ताकि आपदा की घटना होने पर त्वरित गति से राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद के किसी भी क्षेत्र में घटित होने वाली घटना की सूचना कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराया जाय, तथा घटना का पूरा विवरण अंकित किया जाय। उन्होंने कहा कि विगत दिनों हुई वर्षा के कारण जो विभागीय परिसम्पत्तियों का नुकसान हुआ है उसका मुआयना कर 15 दिन के भीतर आगणन सम्बन्धित उपजिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाय। जिलाधिकारी ने लोनिवि और एनएच के सभी अधिकारियों से मानसून के दौरान सभी सड़कों की नालियों एवं कलमठों की सफाई अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होने कहा कि जिन क्षेत्रों में भू-स्खलन के कारण अधिकांश सड़क मार्ग बाधित होते है ऐसे सड़को को चिन्हित करते हुए उनमें पर्याप्त मात्रा में जेसीबी तैनात करते हुए इसके चालको के मोबाईल नंबर जिला आपदा कार्यालय को उपलब्ध कराये जाए तथा अवरूद्ध मोटर मार्ग को तत्काल यातायात के लिए सुचारू किया जाय, तथा ऐसे भू-स्खलन वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाने के निर्देश दिये। जनपद में पेयजल की आपूर्ति आदि के संबंध में समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं पेयजल निगम को निर्देशित करते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों को तत्परता के साथ ठीक किया जाय, तथा जनपद में स्थित पेयजल टेंकों की नियमित रूप से सफाई की जाय, जिस पर सफाई किये जाने की तिथि का स्पष्ट रूप से अंकन हो। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में आपदा के कारण पेयजल लाईने क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, ऐसे क्षेत्रों में टैंकरों एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं के साथ पेयजल आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाय। उन्होंने जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता बनाये रखने हेतु जिला पूर्ति अधिकारी को आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त खाद्यान्न सामग्री की उपलब्धता बनाये रखने को कहा, तथा यह सुनिश्चित किया जाय कि जिन क्षेत्रों में सड़क मार्ग अवरूद्ध हो उन क्षेत्रों में स्थानीय दुकानदारों के माध्यम से क्षेत्र में खाद्यान्न की आपूर्ति का उचित प्रबंधन किया जाय तथा डीजल व पेट्रोल की निरंतर उपलब्धता बनाये रखने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दियें कि अत्यधिक वर्षा के कारण नदी का जल स्तर बढने पर नदी किनारे रह रहें लोंगो को तत्काल अलर्ट किया जाय, इसके लिए उन्हें पूर्व में ही सचेत किया जाय। उन्होंने विद्युत विभाग को भी निर्देश दियें कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल की जाय, तथा पर्याप्त मात्रा में ट्रांसफार्मर सहित अन्य उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही झूल रहें विद्युत तारों को तत्काल ठीक करने तथा विद्युत लाईनों के लिए खतरा बने हुए पेडों की लॉपिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ विभाग एवं पशुपालन विभाग को आवश्यक दवा के साथ आपदाग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित गति से स्वास्थ सुविधा उपलब्ध करायी जाय, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में दवा का स्टॉक रखने के निर्देश दियें।उन्होंने नगर क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था हेतु अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देश दियें कि मानसून से पहले नगर क्षेत्र की सभी नालियों एवं कलमठों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाय, ताकि भारी वर्षा के कारण जल भराव की समस्या न होने पाए। इसके साथ ही उन्होंने निरंतर नगर क्षेत्र में फॉगिंग एवं चूने का छिडकाव करने को कहा। जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग से पुलिस थानों को आपदा के समय अलर्ट पर रखने, सभी उपकरणों को दूरस्थ रखने के साथ ही इनको संचालित करने वाले कार्मिकों को भी उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दियें कि आपदा के दौरान कोई भी अधिकारी अपने मोबाईल फोन को बंद नहीं रखेंगे एवं कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के अवकाश पर नहीं रहेंगे और कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अपने कार्य में लापरवाही बरती जाती है तो उनके विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लायी जायेगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे, उपजिलाधिकारी सीमा विश्वकर्मा, मोनिका, अधिशासी अभियन्ता पीएमजीएसवाई के0सी0 आर्या, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान के0एस0 खाती, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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