डीआईटी विवि में सात दिवसीय फैकल्टी डवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ

देहरादून। डीआईटी विवि में आज सात दिवसीय फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉ एवं रसायन विभाग ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का उदघाटन आईआईपी देहरादून के निदेशक डा अंजन रे ने अपने अध्यक्षीय भाषण से किया। उन्होंने बताया कि आज के समय में हमें किसी भी तत्व को कैसे प्रयोग एवं निस्तारण करना चाहिए। पर्यावरण को बचाने के लिए हमें किस प्रकार सीओ 2 की मात्रा को हवा में कम करना जरूरी है। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. वंदना सुहाग ने सात दिन चलने वाले कार्यक्रम के बारे में सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया। प्रथम सत्र में अमृता विवि के कोयंबटूर के एरोस्पेस इंजीनियर के वैज्ञानिक डा शांतनु भौमिक ने प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की विभिन्न विधियों से सभी अभियार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में किस प्रकार हम प्लास्टिक वेस्ट को कम करके रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते है। द्वितीय सत्र में तीर्थांकर महावीर विवि मुरादाबाद के कुलपति प्रो रघुवीर सिंह ने आउटकम बेस एजुकेशन पर गहन चर्चा की और नई शिक्षा नीति पर अपने विचार रखे। कार्यशाला का विशय न्यू ट्रेडस इन द फील्ड ऑफ कैमिस्ट्री इनवायरमेंट एवं शिक्षा नीति है। कार्यक्रम का संचालन डा तरुमय घोषाल ने किया। आज के सत्र में उपस्थित प्रतिभागियों का अभिनंदन कार्यशाला के समन्वय डा नवीन सिंघल ने किया।

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