Wednesday, 21 July 2021

सरस्वती विहार में खस्ताहाल सड़कों, पुलिया व नालियों सुधारीकरण न होने से लोगों में रोष

देहरादून। सरस्वती विहार में नालियां चोक होने से बारिश में सड़क तालाब बन जा रही है, जिस कारण स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों में शासन व लोनिवि के प्रति रोष व्याप्त है। पुलिया भी खस्ताहाल में है, जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। सड़कों की हालत बदहाल बनी हुई है। सरस्वती विहार अजबपुर खुर्द विकास समिति के अध्यक्ष पंचम सिंह बिष्ट सचिव गजेंद्र भंडारी ने का कहना है कि विगत 2 वर्ष पूर्व समिति के अनुरोध पर प्रमुख अभियंता लोनिवि के निर्देशानुसार अधिशासी अभियंता अस्थाई खंड लोनिवि जिसके द्वारा समिति के अध्यक्ष सचिव पदाधिकारियों के साथ संपूर्ण सरस्वती विहार के मुख्य मार्गों ,नालियों एवं पुलिया आदि का भ्रमण कर करीब एक करोड़ 68 लाख का प्राक्कलन बनाया गया, जिसे अधिशासी अभियंता अस्थाई खंड ऋषिकेश अधीक्षण अभियंता, देहरादून मुख्य अभियंता लोनिवि देहरादून द्वारा शासन को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया परंतु शासन में बैठे सलाहकारों द्वारा आगणन तो स्वीकृत नहीं किया गया, बल्कि उस में अनेकों कमियां लगाकर वापस कर दिया गया। समिति के अध्यक्ष श्री बिष्ट ने बताया कि उक्त संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ की संस्तुति के बाद भी शासन में बैठे सलाहकारों द्वारा आवरण को उलझा कर रख दिया जिस कारण क्षेत्रीय जनता में अत्यधिक रोष व्याप्त है, उन्होंने कहा कि सरस्वती विहार समुचित मार्गों का अनुरक्षण ना होने तथा नालियों , पुलिया आदि का निर्माण न होने से हर बरसात में सभी ब्लाकों में जलभराव की स्थिति बनी रहती है . अध्यक्ष श्री बिष्ट ने बताया कि विगत वर्ष भी बरसात के समय ए ब्लॉक ले नंबर 2 के मुख्य मार्ग प्रणाली ना होने से जलभराव हो गया था जिसके लिए क्षेत्रीय विधायक एवं जिलाधिकारी देहरादून को अवगत कराया गया, जिला प्रशासन द्वारा खानापूर्ति के लिए केवल पटवारी को भेजा गया, इतना ही नहीं ई ब्लॉक ले नंबर आठ के पीछे नाले में लगी दीवारें बरसात के कारण बह गई थी जो कि क्षेत्रीय विधायक के माध्यम से जाल लगाया गया जिससे दर्जनों मकान बहने एवं टूटने से बचाया गए थे, अध्यक्ष श्री बिष्ट एवं सचिव श्री भंडारी ने कहा कि यदि उक्त प्रकरण स्वीकृत हो जाता तो सरस्वती विहार में मार्गों में जलभराव की स्थिति पैदा ही नहीं होती उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरस्वती विहार के मुख्य मार्ग से आईएसबीटी एवं कुंजापुरी बिहार को आने जाने में 50ः वाहन आते जाते हैं जिस कर्म मुख्य मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के कारण मार्ग संकरा होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है, उन्होंने अधिशासी अभियंता अस्थाई खंड लोनिवि इसके से प्राथमिकता के आधार पर मार्गों का प्रकरण पर शासन द्वारा लगाई गई आपत्तियों का निराकरण कर शासन से यथा समय स्वीकृत कराकर मार्गो एवं उनका कार्य किया जाने का अनुरोध किया गया, साथ ही नगर निगम, एमडीडीए जल संस्थान जल निगम के अधिकारियों से अनुरोध किया कि वह भी अपने आधे अधूरे कार्यों को यथा समय मैं पूर्ण करें अन्यथा सरस्वती विहार विकास समिति को धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। समिति के पदाधिकारियों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी शिकायत दर्ज की जाएगी। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष पंचम सिंह बिष्ट सचिव गजेंद्र भंडारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बी एस चैहान, उपाध्यक्ष कैलाश तिवारी, वरिष्ठ मंत्री अनूप सिंह फर्त्याल, कनिष्ठ मंत्री सुबोध मैथानी, प्रचार सचिव सोहन रौतेला, कोषाध्यक्ष विजय सिंह रावत आदि मौजूद थे।

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