Thursday, 22 July 2021

निम के अनुभवी प्रशिक्षक ट्रैकिंग ट्रक्शन सेंटर के चिन्हित गांव के पर्वतारोहण व ट्रैकिंग गाइड की देेंगे ट्रेनिंग

देहरादून। उत्तराखंड में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए देश-दुनिया को दर्जनों नामचीन पर्वतारोही देने वाले उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) युवाओं को कम और अधिक ऊंचाई पर ट्रेकिंग और पहाड़ पर चढ़ने और राहत और बचाव की बारीकियां सिखाएगी। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) और निम के बीच गुरुवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर यूटीडीबी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक पर्यटन) कर्नल अश्विन पुंडीर और निम के प्रिंसिपल कर्नल अमित बिष्ट सेना मेडल की उपस्थिति में किए गए। एमओयू के तहत निम के अनुभवी प्रशिक्षक यूटीडीबी के साहसिक खेल विंग के साथ मिलकर उत्तराखंड के युवाओं को गाइड की टेªनिंग, पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, साहसिक गतिविधियों के अंतर्गत चिकित्सा पहलू सहित अन्य संबद्ध विषयों के क्षेत्र में सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद युवाओं को निम और यूटीडीबी द्वारा संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निम और यूटीडीबी की ओर से परामर्श सेवा और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी, जो साहसिक, पर्वतारोहण और अनुसंधान गतिविधियों और आयोजनों के संचालन में विशेषज्ञता को बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही दोनों संगठनों की संयुक्त कमेटी प्रशिक्षण, अनुसंधान और अन्य आयोजनों में आगे के विकास और सुधार के लिए अपनी सिफारिशों की निगरानी करने के साथ अपने सुझाव देगी। उत्तराखंड में पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित करने और स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ट्रैकिंग ट्रक्शन सेंटर होम स्टे योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत छह जिलों में 13 ट्रैकिंग सेंटर से 73 गावं अधिसूचित किए गए हैं। ऐसे में एमओयू के तहत प्रशिक्षण लेने के लिए ट्रेकिग ट्रैक्शन सेंटर के इच्छुक उम्मीदवारों को पहले आओ पहले पाओ के तहत मौका दिया जाएगा। इन उम्मीदवारों का चयन उत्तराखंड के सभी जिलों के साहसिक खेल अधिकारी व जिला पर्यटन अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष के बीच होगी। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर उम्मीदवारों को संबंधित जिला पर्यटन अधिकारी द्वारा विभिन्न ट्रेकिंग ट्रैक्शन सेंटरध्ट्रैकिंग मार्गों पर ट्रेकिंग गाइड के रूप में काम करने के लिए एक पहचान पत्र जारी किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान होने वाले व्यय का 90 प्रतिशत अनुदान विभाग द्वारा दिया जायेगा वहीं 10 प्रतिशत अनुदान उम्मीदवारों को देना होगा।

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