Tuesday, 20 July 2021

व्यक्ति के समग्र विकास में संज्ञानात्मक कौशल बहुत बड़ी भूमिका निभाताः कमलेश

देहरादून। हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष कमलेश डी पटेल (दाजी) का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के समग्र विकास में संज्ञानात्मक कौशल बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। इन कुशलताओं का उपयोग हम समस्याओं को हल करने, दिए गए कार्यों को याद रखने और निर्णय लेने में उपयोग करते हैं और ये हमारी सीखने की क्षमता और प्रदर्शन पर असर डालते हैंद्य यह लेख संज्ञानात्मक कौशल और सीखने की प्रक्रिया में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालता है। मस्तिष्क के कुछ प्रमुख कार्य जैसे सोचना, पढ़ना, सीखना, जानकारी को याद रखना और ध्यान देना आदि संज्ञानात्मक कौशल के अंतर्गत आते हैं। सबसे महत्वपूर्ण और मूलभूत संज्ञानात्मक कौशल है ध्यान देनाद्य यह हमें अपने वातावरण से महत्वपूर्ण सूचनाओं को संसाधित करने के योग्य बनाता हैद्य अक्सर हम ऐसी सूचनाएँ अपनी इन्द्रियों से, स्मृतिकोष से और अपनी अन्य संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं की सहायता से संसाधित करते हैं। ध्यान देने में कमी, हमारी सूचना-संसाधन की प्रक्रिया में बाधक है और इसे धीमा कर देती है। यानी हमारा ध्यान बँट जाता है और हमने जो सीखा था उसे याद करके दोहराने में संघर्ष करना पड़ता हैद्य जब लोग एक साथ कई काम करना चाहते हैं तब हम ऐसा देख सकते हैं, जैसे कोई कार्यक्रम देखते हुए ईमेल या मेसेज लिखनाद्य दोनों कार्यों को एक साथ और अच्छी तरह करना कठिन हैद्य असल में हमारी रूचि का कार्य हमारा ध्यान खींचे रखता है। याददाश्त या स्मृति एक अन्य संज्ञानात्मक कौशल है जो हमें जानकारी को फिर से याद करने में मदद करती हैद्य उदाहरण के लिए- कोई छात्र पिछले हफ्ते की विज्ञान की कक्षा में पढ़े मुख्य बिन्दुओं को याद रखता है, यह उसकी दीर्घावधि की याददाश्त हैद्य पर शर्त यह है कि उस छात्र ने इसके पहले इस जानकारी पर ध्यान दिया हो। यह उदाहरण यह भी दर्शाता है कि संज्ञानात्मक कौशल आपस में सम्बंधित हैं। हमारी दीर्घावधि की याददाश्त तभी काम करेगी अगर हमने उस विषय पर ध्यान दिया हो और उस जानकारी को अपनी अल्पावधि की याददाश्त के कोष में संभाल कर रख लिया हो जिसे कार्य-स्मृति कहा जाता है। इस कार्य-स्मृति में एकत्र जानकारी पर एक-दो बार थोड़ा मनन कर लिया जाए तो यह हमारी दीर्घावधि याददाश्त में शामिल हो जाती है। कक्षा में ध्यान न दे पाना और जानकारी को संजो कर न रख पाना कक्षा में और हमारे जीवन दोनों में ही लम्बे समय तक चुनौतियाँ खड़ी करता है।

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