Sunday, 12 September 2021

करछो में आजीविका पुनर्वास परियोजना स्थानीय अधिकारियों को सौंपी

चमोली। देश के सबसे बड़े बच्चों के एनजीओ एसओएस चिलड्रन विलेज ऑफ इंडिया द्वारा संचालित पिछले छह महीनों में उत्तराखंड के एक दूरदराज के गांव करछों में चलायी जा रही एक आजीविका पुनर्वास परियोजना को सौंप दिया है। ये गाँव 7 फरवरी, 2021 को नंदा देवी ग्लेशियर फटने के बाद अलकनंदा नदी प्रणाली में हिमस्खलन से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ था। आगे जाकर, सरकार द्वारा चलायी जा रही आजीविका पुनर्वास परियोजना जारी रहेगी। 9 फरवरी को शुरू हुई ये परियोजना 8 सितम्बर 2021 को अपने निष्कर्ष पर पहुंची, जिसमें इस परियोजना द्वारा आजीविका विकास, स्थानीय समुदाय में क्षमता निर्माण और बाल कल्याण के क्षेत्र में कई आशातीत उपलब्धि हासिल की। राहत कार्यों को बढ़ावा देने के उपलक्ष से भारत के एसओएस चिल्ड्रन विलेज ने लगभग 350 (2011 की जनगणना) की आबादी के साथ, जोशीमठ से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित घाटी के आखिरी गाँव, करछों में छह महीने की पायलट परियोजना शुरू की। इसने 117 परिवारों को सहायता देने के साथ साथ 40 परिवारों को आजीविका सहायता के लिए चुना। प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता के बाद, लगभग 11 परिवार बकरी पालन में, 6 भैंस पालन में और 18 गाय पालन में लगे हुए हैं। एसओएस ने 2 परिवारों को खच्चर पालन में भी सहायता दी। परियोजना के तहत, एक परिवार बिजली की दुकान चलाता है, और गैर सरकारी संगठन ने एक छोटी सी दुकान और एक सिलाई इकाई की स्थापना की है जो दो परिवारों की सहायता करती है। सभी 40 लाभार्थी परिवारों के लिए प्रेशर कुकर भी उपलब्ध कराए गए हैं। बाल कल्याण के मोर्चे पर, परियोजना ने 48 स्कूल जाने वाले बच्चों को पोषण और शैक्षिक सहायता सुनिश्चित की। इसने इन बच्चों के लिए स्कूल बैग, ट्रैकसूट और जूते उपलब्ध कराए। परियोजना का औपचारिक हस्तांतरण एक कार्यक्रम में जोशीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी, आशा देवी, जिला पंचायत सदस्य, सचिन-प्रधान और शैलेश सिंह, जोनल निदेशक एसओएसवीआई की उपस्थिति में हुआ। जोशी ने करछों का चयन करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया से लेकर आजीविका प्रशिक्षण और बच्चों की शिक्षा तक विस्तारित परियोजना की व्यापक प्रकृति के लिए एसओएसवीआई की सराहना की। पायलट प्रोजेक्ट के बारे में टिप्पणी करते हुए, सुमंत कार, महासचिव, एसओएस चिल्ड्रन विलेज ऑफ इंडिया ने कहा हम हमेशा समुदायों में जमीनी स्तर पर लंबे समय तक चलने वाले और सतत विकास के लिए उत्सुक हैं। करछों में हमारे कार्यक्रम में ये हमारे प्रयास थे। हमें खुशी है कि हम अपने किए गए सभी वादों को पूरा कर पाए और आजीविका विकास और बाल कल्याण में ठोस परिणाम दे सके। गांव अब आत्मविश्वास के साथ अपने पैरों पर खड़ा हो गया है और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने में सक्षम हो गया है। हम अधिकारियों और स्थानीय समुदायों को इन सभी महीनों में उनके भारी सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं।

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