आईआईटी जोधपुर का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एनएआईबीएस-2023 ‘नेक्स्ट-जेन एआई: इंस्पिरेशन फ्रॉम ब्रेन साइंस’ सम्पन्न हुआ

 यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 26 से 28 जनवरी 2023 तक चला  इस आयोजन में पूरी दुनिया के 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए  इस सम्मेलन का मकसद नेक्स्ट जेनरेशन एआई सिस्टम में नवीनता खोजने की भावना जगाना है देहरादून, गढ़ संवेदना न्यूज: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर ने एनएआईबीएस 2023 अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। 26 से 28 जनवरी 2023 तक आयोजित इस सम्मेलन का मकसद सभी संबद्ध क्षेत्रों के शोधकर्ताओं को एजीआई (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) सिस्टम डिजाइन करने के सामान्य लक्ष्य से एक साथ विमर्श में शामिल करना था। यह सिस्टम डिजाइन करने की प्रेरणा मानव मस्तिष्क में मल्टीमॉडल प्रक्रियाओं के लिए व्यक्तिगत सेंसरिमोटर कम्प्युटेशन है। सम्मेलन में यह परिकल्पना भी की गई है कि मानव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उत्पत्ति, प्रकृति और भविष्य पर अंतःविषयी शोध कर रहे करियर के शुरुआती दौर के स्काॅलरों में एक सजग नेटवर्क बनाने की अभिरुचि बढ़े। सम्मेलन का प्रायोजन विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) ने किया। इस सम्मेलन में कई अन्य शिक्षाविदों के साथ टॉमासो पोगियो, नैन्सी कनविशर, सुसान गोल्डिन-मीडो, सुब्बाराव कंभमपति जैसे प्रसिद्ध शिक्षाविदों ने वक्तव्य दिए।. इस सम्मेलन में आईआईटी गांधीनगर, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी गुवाहाटी, इंपीरियल कॉलेज लंदन, फ्रेडरिक-शिलर-यूनिवर्सिटैट जेना, यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम स्टडीज देहरादून, एआईआईएमएस दिल्ली, आईआईआईटी हैदराबाद सहित विभिन्न संस्थानों के 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। 3 दिन के इस सम्मेलन में कोर एआई/एजीआई से न्यूरोसाइंस तक शोध के व्यापक क्षेत्रों पर वार्ता, विमर्श और पोस्टर पेश किए गए। एनएआईबीएस-2023 ऐसे विचारों सम्मेलन था जो एथिकल एजीआई सिस्टम के डिजाइन पर अनुसंधान, नए प्रश्न और उत्तर को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर मस्तिष्क के कार्यों के जिन मॉडलों पर विमर्श किए गए उनमें भाषा विकास, जेस्चर, संवाद, चिंतन, सीखना, याद रखना, निर्णय लेना, देख कर धारणा बनाना, वस्तु पहचाना, धारणा, ध्यान देना, उम्र बढ़ना, बहु-संवेदी प्रसंस्करण शामिल थे। सम्मेलन के कुछ अन्य थीम: ऽ ब्रेन इमेजिंग ऽ प्रकृति से प्रेरित एल्गोरिदम ऽ सैद्धांतिक और कम्प्यूटेशनल न्युरोसाइंस ऽ मस्तिष्क का संज्ञान आर्किटेक्चर ऽ कंप्यूटर और मानव हैप्टिक्स ऽ मनुष्य के प्रदर्शन का प्रतिरूप देने वाली इंटेलिजेंट मशीनें ऽ सहायक प्रौद्योगिकियों के लिए संज्ञानात्मक कंप्यूटिंग ऽ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, कंप्यूटर विजन, विश्वनीय एआई आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर शांतनु चैधरी ने इस ‘संदर्भ’ में अपनी वार्ता से नेक्स्ट जेनरेशन एआई सिस्टम डिजाइन के भविष्य का एजेंडा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि नेक्स्ट जेनरेशन एआई के विकास के लिए पृष्ठभूमि को एआई के साथ जोड़ना आवश्यक है। एनएआईबीएस-2023 सम्मेलन ने मानव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उत्पत्ति, प्रकृति और भविष्य जानने को उत्सुक देश-विदेश के ख्यातिनाम जानकारों और संबद्ध क्षेत्रों में करियर के शुरुआती दौर के स्काॅलरों को एकजुट करने का अवसर दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने ग्रीन और एथिकल एआई के महत्व; नेक्स्ट-जेन एआई सिस्टम डिजाइन की प्रक्रियाआंे में तालमेल के महत्व पर जोर दिया।

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