शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को एसएसपी को भेजा पत्र, DG शिक्षा से की विभागीय कार्रवाई की मांग

विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा पिन्नी ने कहा कि तत्कालीन मुख्य शिक्षा अधिकारी मुकुल कुमार सती, तत्कालीन मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली एवं वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी (मा) सुदर्शन सिंह बिष्ट आदि द्वारा सूचना आयोग के समक्ष झूठे तथ्य प्रस्तुत करनेध् मोर्चा की छवि धूमिल करने को लेकर एसएसपी, डीआईजी को पत्र प्रेषित कर इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने एवं महानिदेशक, शिक्षा से उक्त निकम्मे, भ्रष्ट एवं गैर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को लेकर पत्र प्रेषित किया। शर्मा ने कहा कि वर्ष 2919-2020 में एसजीआरआर इंटर कॉलेज, सहसपुर में 3 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में हुई गंभीर अनियमितता को लेकर मोर्चा द्वारा सूचना आयोग में अपील योजित की गई थी, जिसमें सुनवाई के दौरान उक्त शिक्षा अधिकारियों ने सूचना आयोग में बयान दिया था कि भर्ती प्रक्रिया के समय विज्ञापन प्रदेशीय संस्करण में विज्ञापित कराया गया था तथा जन संघर्ष मोर्चा द्वारा झूठी शिकायत की गई। मामले का संज्ञान लेते हुए मा. सूचना आयुक्त विपिन चंद्र ने 24 मार्च 2023 को विज्ञापित संस्करण की जांच के निर्देश दिए थे, जिसके क्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून प्रदीप कुमार ने खंड शिक्षा अधिकारी, सहसपुर को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। जांच के उपरांत खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट 3 जुलाई 2023 में उल्लेख किया कि भर्ती प्रक्रिया में व्यापक धांधली हुई है तथा विज्ञापन मात्र गढ़वाल संस्करण में प्रकाशित कराया गया, जोकि नियमावली का घोर उल्लंघन है। उक्त साजिश के कारण हजारों अभ्यर्थी प्रतिभाग करने से वंचित रह गए थे। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के प्रयास से पूर्व में भर्ती निरस्त हो गई थी, लेकिन भ्रष्ट आशारानी पैन्यूली ने प्रबंधक एवं अन्य से सांठगांठ कर नौकरियां बांट दी थी। इस सारे खेल में एक अन्य जालसाज भी है, जिसका इलाज होना भी तय है। मोर्चा भ्रष्ट अधिकारियों तो रसातल में भी नहीं छोड़ेगा।

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