Saturday, 30 November 2019

वीर सेनापति कल्याण सिंह का जिक्र किये बिना स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अधूरा: उप राष्ट्रपति


हरिद्वार। शहीद राजा विजय सिंह स्मारक एवं कन्या शिक्षा प्रसार समिति ग्राम कंुजा बहादुरपुर द्वारा आयोजित स्मृति दिवस कार्यकम में पहंुच आज  उप राष्ट्रपति वैकंया नायडू ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गांव के बलिदान को गौरवशााली बताया। उन्होंने कहा कि इस गांव के लोगों में देशभक्ति भरी है। ये ऐसा गांव है जिसके घर में आज की पीढ़ी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की वंशज है। हमें ऐसे महान देशभक्तों पर गर्व करना चाहिए। उन शहीदों का बलिदान ही आज हमें यहां तक लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि राजा विजय सिंह के वीर सेनापति कल्याण सिंह का जिक्र किये बिना स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अधूरा है। हमारी स्वतंत्रता के लिए उन शहीदों ने बलिदान दिया है। हमारे यहां आने का उद्देश्य यह ही है कि इन शहीदों के पराक्रम की गाथा सभी तक पहुंचे और युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा मिले। उन्हांेने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार पहल करे कि उत्तराखण्ड कंुजा बहादुरपुर जैसी सभी शौर्य गाथाओं को भावी पीढ़ी को बताया जाये। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से भी यह पहल देशभर के वीरों के लिए की जानी चाहिए। भारत के ऐसे महान पुरूषों का जीवन परिचय कक्षा 12 तक के छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाये। कुंजा बहादुरपुर के वीर शहीदों का जिक्र किये बिना भारत का इतिहास अधूरा है। उत्तराखण्ड के वीरों की बड़ी संख्या आज भी भारतीय सेना में है। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री, मुख्यमंत्री तथा समिति को इस गौरवशाली जगह पर बुलाने पर आभार व्यक्त किया।
राज्यपाल बेबी रानी मोर्य ने कहा कि उत्तराखण्ड की भूमि वीर भूमि है। 1857 की क्रांति से पहले ही आजादी की लड़ाई का बिगुल फूंकने वाले कुंजा बहादुरपुर गंाव के वीर शहीदों ने क्रांति की शुरूआत कर दी थी। मातृ भूमि की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वालों के गंाव बुलाने पर राज्यपाल ने समिति का आभार व्यक्त किया। भारत वर्ष को स्वतंत्र कराने के लिए जिन असख्य लोगों ने अपना बलिदान दिया है हम उनके सपनांे के भारत का निर्माण करे। इस  कार्यक्रम से लोगों में देश भक्ति की भावना जागृत होगी।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है और हम गौरवान्वित होेते हैं यह सुनकर कि हमारे राज्य का गांव कुंजा बहादुरपुर ऐसा गाँव है जो देश की आजादी के 126 साल पहले ही देश की आजादी के लिए फिरंगियों के खिलाफ लड़ने लगा था।  गांव की हर मां की संतान स्वंतत्रता संग्राम सेनानी की संतानों की मां है। यह गांव शौर्य की पराकाष्ठा है। उन्होंने शहीद स्मारक को भव्य रूप में झबरेड़ा में बनाये जाने की घोषणा की।
इस अवसर पर केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक, उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ धन सिंह रावत, खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, विधायक रूड़की श्री प्रदीप बत्रा, झबरेड़ा विधायक श्री देशराज कर्णवाल, भगवानपुर विधायक श्रीमती ममता राकेश सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।


शिक्षा हमें संस्कारवान व सामर्थ्यवान बनाती: उपराष्ट्रपति एम. वैंकैया नायडू


-समृद्ध भारत के निर्माण में सहयोगी बनें युवा


 


देहरादून। यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस)  के 17 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति एम. वैंकैया नायडू ने कहा कि शिक्षा हमें संस्कारवान व सामर्थ्यवान बनाती है। उपराष्ट्रपति ने दीक्षांत उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत व अनुशासन से ही सपने साकार होते हैं। परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। हमें अपनी संस्कृति व परम्पराओं पर भी गर्व होना चाहिए। भारतीय संस्कृति का आधार सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया व वसुधैव कुटुम्बकम की भावना रही है। भारतीयों के डीएनए में ही सर्वधर्म समभाव है। हमारी अनेक भाषाएं, बोलियां हो सकती हैं परंतु देश एक ही है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमें अपनी समृद्ध परम्पराओं को कायम रखना होगा इसके लिये युवाओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हमारा युवा देश है हमारी आबादी का 50 प्रतिशत हिस्सा 25 वर्ष से कम आयु के युवाओं का है। हमारे ये युवा देश के स्थायी विकास तथा तकनीकि दक्षता के वाहक बनेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा देश शिक्षा का केन्द्र रहा है। नालन्दा जैसे विश्वविद्यालय हमारे ज्ञान के आधार रहे हैं। लोकतन्त्र की मजबूती का आधार भी युवाओं के दक्षता विकास पर निर्भर है। समाज के बेहतर जीवन के लिये भी यह जरूरी है।

उन्होंने कहा कि यह हमारे शिक्षा संस्थाओं का दायित्व है कि वे युवाओं को बेहतर शिक्षा प्रदान कर उनके दक्षता विकास में मददगार बने। शिक्षा का मतलब केवल शिक्षित होना ही नही अपनी संस्कृति एवं परिवेश को मजबूती प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि चरक, सुश्रुत, चाणक्य, विवेकानन्द जैसे महापुरुषों ने देश को ज्ञान की समृद्ध विरासत सौंपी हैं। हमारे युवाओं को उनके आदर्शो पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने युवाओं से अपनी फिटनेस पर भी ध्यान देने का कहा। हमारी आधुनिक जीवन शैली हमे आरामतलब बना रही है। हमारे युवा अपनी परम्परा तथा अपने परम्परागत खान पान पर ध्यान दे। यह हम सबके लिये उपयोगी रहेगा। उन्होंने युवाओं से समृद्ध भारत के निर्माण में भी सहयोगी बनने को कहा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार ने नए भारत के निर्माण के लिए स्किल इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम प्रारम्भ किया हैं। युवाओं की इनमें महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रिफॉर्म, परफोर्म व ट्रांसफोर्म का मंत्र दिया है।

उन्होंने कहा कि हमें जीवन में कभी भी अपनी मां, अपनी जन्मभूमि, अपनी मातृभाषा व अपने मातृदेश, अपने गुरूजनों तथा संस्थान को नहीं भूलना चाहिए। वर्तमान युग, ज्ञान का युग है। विश्वविद्यालयों को ज्ञान का सृजन केंद्र बनना होगा। इसके लिए मौलिक व स्तरीय शोध को महत्व देना होगा। हमारे युवा जागरूक व दक्ष बनें, हमारी शिक्षा व्यवस्था युवाओं में प्रगतिशील सोच विकसित करे और उन्हें सृजनात्मक, आत्मविश्वासी व स्व-निर्भर बनाए। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। हमारी योग व आयुर्वेद की महान परम्परा रही है। इस विरासत का संरक्षण कर वैकल्पिक चिकित्सा, योग व आयुर्वेद में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।

इस अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में दीक्षांत समारोह की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, इससे उन्हें एक चुनौतीपूर्ण दुनिया का सामना करने के लिए अपने को तैयार करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन मूल्य, हमारी अर्जित विद्या के आधार पर ही निर्धारित व प्रभावित होते हैं। इसलिए विद्या का सकारात्मक व सृजनात्मक रूप ही अच्छा माना गया है। शिक्षा का मूल उद्देश्य है कि हम अपने ज्ञान के द्वारा एक कल्याणकारी समाज की स्थापना कर सकें।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा मनुष्य के अन्दर पहले से ही उपलब्ध परिपूर्णता का प्रकटीकरण है। शिक्षा व्यक्ति की अन्तर्निहित क्षमताओं को विकसित करने का माध्यम है ताकि वह समाज के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सक,े और अपने तथा अपने देश, उसकी संस्कृति और परम्पराओं का संवर्धन कर सके। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की वास्तविक सफलता का मूल्यांकन इस बात से होगा कि उनके कार्यों का समाज पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी से अपने कर्तव्यों के निर्वहन की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड आज शिक्षा का केन्द्र बन रहा है। देश के तमाम बड़े प्रतिष्ठित संस्थान हमारे राज्य में स्थित हैं। उन्होंने कहा कि बात चाहे विज्ञान की हो या स्वास्थ्य की, मैनेजमेंट की हो या टेक्नोलॉजी की, प्लास्टिक की बात हो या पेट्रोलियम की। हमारे राज्य में सभी तरह के राष्ट्रीय स्तर के संस्थान मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने पेट्रोलियम विश्वविद्यालय की इसके लिये भी सराहना की कि उनके सुझाव पर उन्होंने दीक्षान्त समारोह हेतु अपने देश की वेषभूषा स्वंय डिजाइन की इसका अनुसरण आई.आई.टी कानपुर सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों द्वारा किया गया है।

उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षण संस्थान मिनी इंडिया की एक झलक प्रस्तुत करते हैं। लगभग सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के छात्र छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं। इसी के दृष्टिगत राज्य स्थापना दिवस पर भारत भारती कार्यक्रम के जरिये देश की सांस्कृतिक विविधता तथा देश की एकता की झलक प्रस्तुत की गई, इससे राज्य में पढ़ने वाले युवाओं में सुरक्षा का भाव भी जागृत हुआ है। उन्होंने कहा कि एनर्जी के बिना कुछ भी कर पाना असंभव है, उन्हें खुशी है कि एनर्जी पर शोध में इस संस्थान ने विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान ने राज्य के 13 जिलों में पाइन नीडल्स की मैपिंग का भी काम किया। हमने राज्य पिरूल पॉलिसी शुरू की है, जिसमें पिरूल से बायोफ्यूल बनाने के टेंडर आवंटित किए गए हैं। इस संस्थान द्वारा की गई मैपिंग इसमें बहुत काम आएगी। सोलर एनर्जी, बायोमास एनर्जी, माइक्रो-हाइड्रो एनर्जी, की मैपिंग के साथ साथ कार्बन फुट प्रिंटिंग जैसी तकनीक पर भी इस संस्थान ने काम शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा हमेशा से ये प्रयास रहा है कि प्रदेश की असल तस्वीर सबके सामने आनी चाहिए। इसलिए हमने पहली बार प्रदेश में इकोनॉमिक सर्वे कराया। इस इकोनॉमिक सर्वे को भी इस यूनिवर्सिटी ने सहयोग दिया है। उन्होंने इस संस्थान की इसके लिए भी सराहना की कि उनके द्वारा बेटियों के लिए एक खास पहल की गई है, हमारी कई ऐसी बेटियां हैं जो गरीब हैं, पढ़ना तो चाहती हैं लेकिन धन की समस्या आड़े आती है। इस संस्थान ने उन बेटियों के लिए जो फौजी परिवारों से हैं, या जो सिंगल पैरेंट्स के साथ रह रही हैं, उनके लिए फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी है, जो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कई नए संस्थान खुल रहे हैं और इन संस्थानों के पीछे क्वालिटी एजुकेशन के साथ साथ हमारा मकसद ये भी है कि ऐसे संस्थानों से लोकल इकोनॉमी जनरेट हो। इस यूनिवर्सिटी के आसपास करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने संस्थान के छात्रों से अपेक्षा की कि वे समाज के हुनरमंद बच्चों का भी सहारा बनें। समाज की इन प्रतिभाओं का सहारा बनकर वे समाज का बड़ा हित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी अपेक्षा की कि यदि राज्य से जुड़े मुद्दों पर कोई खास रिसर्च, कोई सुझाव या कोई बात आप साझा करना चाहते हैं तो बेहिचक उसे हम तक पहुंचाइए। प्राप्त सुझावों या शोधों का सदुपयोग कर हम देश व प्रदेश के विकास को नई दिशा दे सकते हैं। यूपीईएस के कुलपति डॉ. दीपेंद्र कुमार झा ने बताया कि यूनिवर्सिटी आफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीस के 17 वें दीक्षांत समारोह में 80 विभिन्न कार्यक्रमों के 3741 छात्र-छात्राओं को उनकी डिग्री से सम्मानित किया गया। कुल 3741 छात्रों को दीक्षांत समारोह में उनके संबंधित डिग्री से सम्मानित किया गया जिसमें 29 पीएचडी, 1215 स्नातकोत्तर डिग्री जिनमें एम.बी.ए, एम.टेक, एम.ए, एल.एल.एम, एम. प्लान और 2497 स्नातक डिग्री के डोमेन में जिनमें एम. डिजाइन, बी.टेक, बी.बी.ए, बी.ए, बी. डिजाइन और कानून के विभिन्न यूजी कार्यक्रम शामिल हैं। स्नातकोत्तर उपाधियों में से उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों को ओपनध्डिस्टेंस लर्निंग मोड के तह 69 डिग्रीयां प्रदान की गई जिसमें 35 एम.बी.ए इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट में और 34 एम.बी.ए-पावर मैनेजमेंट में हैं। इनके साथ ही भारत सरकार के उपक्रम एच.पी.सी.एल के 72 कर्मचारियों को भी एम.बी.ए-ऑयल एंड गैस की डिग्रीयों के साथ सम्मानित किया गया।



स्वतंत्रता सेनानी ग्राम देवलाड़ सड़क सुविधा से वंचित

पौड़ी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ग्राम देवलाड़ के ग्रामीण सड़क सुविधा से वंचित हैं। इस गांव में करीब 500 की जनसंख्या है। शासन की नीति के अनुरूप स्वतंत्रता सेनानी ग्राम को सड़क आदि सुविधाएं मुहैया कराना शासन का दायित्व है। इसी नीति के तहत नैनीडांडा ब्लाक व धुमाकोट तहसील के ग्राम देवलाड़घ् को भी सड़क सुविधा से जुड़ना था। 

देवलाड़ निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, आजाद हिंद फौज के फौजी स्व. मखराम बलोदी के नाम पर गांव के लिए काशीपुर बुआखाल हाईवे के किमी 93 से 3 किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति 2015 में हुई थी लेकिन पांच साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई। शासन तथा विभाग की लापरवाही के चलते सड़क निर्माण अधर में लटका हुआ है। ग्राम विकास समिति देवलाड़ के अध्यक्ष जेएन बलोदी का कहना है कि गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग लंबे समय से की जा रही है। 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जनरल बीसी खंडूड़ी को ज्ञापन भेजकर सड़क निर्माण की मांग की गई। तब से लेकर समय-समय पर लगातार शासन से मांग करते रहे हैं। विधायक दिलीप रावत के माध्यम से सड़क का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। 2015 में सीएम के निर्देश पर तीन किमी सड़क स्वीकृत हुई इसके बावजूद अभी तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका। जेएन बलोदी द्वारा सूचना के अधिकार के तहत उत्तराखंड शासन लोनिवि अनुभाग लोक सूचना अधिकारी से जानकारी मांगी गई। सूचना के अनुसार अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं हो पाई है। ग्राम विकास समिति के उपाध्यक्ष होशियार सिंह, महामंत्री चंदन सिंह, सदस्य पीतांबर बलोदी, मधुदेवी, रोशनी देवी आदि का कहना है कि गांव के लिए सड़क सुविधा बहुत जरूरी है। बुजुर्गों, बीमारों, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। विधायक दिलीप रावत का कहना है कि शीघ्र ही वित्तीय स्वीकृति के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा। ग्रामीणों के साथ ही प्रवासी बंधु भी गांव के विकास में लेते हैं रुचिसमय समय पर गांव में आकर कुछ दिन गांव में ही रुकते हैं।

राजस्व अफसर रहें नए कानूनों से अपडेट

पौड़ी। राजस्व क्षेत्रों में घटित अपराधों की विवेचनाओं में किसी तरह की त्रुटि न रहे इसके लिए राजस्व पुलिस अफसरों का पौड़ी में प्रशिक्षण शुरू हो गया। प्रशिक्षण का मकसद कानूनों में हुए संशोधनों के साथ ही नए बने कानूनों की पूरी जानकारी देना है। ताकि विवेचना के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया में किसी तरह की कमी न रह जाए। प्रशिक्षण चरणवार दिया जाएगा।

 इस ट्रेनिंग में जिले की सभी 13 तहसीलों के नायब तहसीलदार से राजस्व उपनिरीक्षक तक के अधिकारी शामिल हैं। डीएम पौड़ी धीराज सिंह गब्र्याल के निर्देशों के तहत भू लेख अनुभाग ने छह चरणों में टे्रनिंग का आयोजन किया है। शुक्रवार को पहले चरण का प्रशिक्षण पौड़ी प्रेक्षागृह में शुरू की गई। जिसमें एसपीओ श्रद्धा रावत, जिला शासकीय अधिक्वता अवनीश नेगी, सहायक अभियोजन अधिकारी प्रदीप भट्ट आदि ने राजस्व पुलिस अफसरों को आईपीसी,आर्म्स एक्ट, पोस्को, साइबर क्राइम, जुबेनाइल जस्टिस, एसिड अटैक, आबकारी अधिनियम आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि विवेचनाओं के लिए किस तरह से साक्ष्यों को जुटाने में सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही इस दौरान होने वाली कमियों को दूर कैसे किया जाए इसके बाबत भी अधिवक्ताओं ने विस्तार से बताया। बताया गया कि जिन भी कानूनों में संशोधन हो गया है या फिर नए कानून बने है उसकी पूरी जानकारी विवेचक को होनी जरूरी है। सहायक भूलेख अधिकारी नरेश चंद्र नौडियाल ने बताया कि पौड़ी जिले की 13 तहसीलों में कार्यरत 180 नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और राजस्व उपनिरीक्षकों के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। इसके लिए 6 बैंच बनाए गए है ताकि तहसीलों का कामकाज प्रभावित न हो। तहसील वार राजस्व पुलिस अफसर टे्रनिंग में हिस्सा ले रहे है। पहले दिन कोटद्वार के नायब तहसीलदार डब्बल सिंह रावत सहित राजस्व निरीक्षक जोतेंद्र नेगी, राजेंद्र सिंह बिष्ट, पीताम्बर सिंह रावत आदि मौजूद रहे।

श्राईन बोर्ड के पुरजोर विरोध में हैं पुरोहित समाज

टिहरी। त्रिवेंद्र सरकार के प्रस्तावित चारधाम श्राइन बोर्ड विधेयक को तीर्थपुरोहित समाज धार्मिक क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप मान रहा है। तीर्थ पुरोहितों के अनुसार नारायणदत्त तिवारी सरकार ने भी इस तरह का विधेयक लाने का प्रयास किया गया था। जिसे चारधाम तीर्थ पुरोहित समाज के कड़े विरोध के चलते विधानसभा पटल तक नहीं लाया जा सका था।

श्राइन बोर्ड के अधीन प्रमुख तीर्थस्थलों को लाये जाने से इससे जुड़े हजारों परिवारों की रोजी-रोटी से बेदखल होने की आशंका जतायी जा रही है। तीर्थपुरोहितों का एक वर्ग इसे जनविरोधी भी बता रहा है। उनके अनुसार हिन्दू धर्म की मान्यता अनुसार उन्हें पुरातन समय से जो हक हकूक मिले हैं। वह बोर्ड बनने के बाद सुरक्षित नहीं रहेंगे, इसको लेकर वर्तमान सरकार ने आश्वस्त भी नहीं किया है। उधर युवा तीर्थ पुरोहित संगठन का कहा है कि सरकार परंपरागत धार्मिक अधिकारों को बोर्ड बनाकर खत्म करना चाहती है। इसको युवा तीर्थ पुरोहित किसी तरह सहन नहीं कर सकते। तीर्थपुरोहितों व हक हकूकधरियों ने बोर्ड को उनके धार्मिक, पारंपरिक, वैधानिक हितों पर कुठाराघात करने वाला बताया जा रहा है। चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्ण कांत कोठियाल का कहना है कि वे इस मामले में अपना कड़ा विरोध सरकार को जतायेंगे। सरकार का श्राईन बोर्ड को लेकर आधा-अधूरी जानकारी वाला कदम है। श्राइन बोर्ड के कारण उपजी आशंकाओं को सरकार के पास अब तक कोई जबाब नहीं है।

गुलगुनी धूप खिली, ठंड से मिली कुछ राहत

टिहरी। दो दिन की बारिश के बाद जिले में गुनगुनी धूप खिली। जिससे लोगों को ठंड से राहत मिली। बारिश के दौरान धनोल्टी क्षेत्र में मामूली बर्फबारी हुई। जिले के प्रतापनगर, घनसाली व चंबा क्षेत्र में ठंड के बाद धूप खिलने से लोग धूप का आनंद लेते दिखे। बीते दो दिनों तक पड़ी ठंड के बाद टिहरी व आस-पास के क्षेत्रों में सुबह से गुनगुनी धूप खिली। जिससे स्थानीय लोगों ने तेज ठंड से राहत महसूस की। दोपहर में लोग धूप में चंबा, घनसाली, नई टिहरी व बौराड़ी क्षेत्र में बैठे व घूमते दिखे। यकायक बढ़ी से ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लिया। बारिश के बाद सूखी ठंड से जहां लोगों को राहत मिली है।

पांचवें धाम सेम नागराजा के त्रिवार्षिक मेले का समापन


 

टिहरी। देवभूमि के पांचवें धाम सेम नागराजा के त्रिवार्षिक मेले का भव्य तरीके से समापन किया गया। मेले के समापन में मुख्य अतिथि प्रतापनगर विधायक विजय पंवार और विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री रोशनलाल सेमवाल मौजूद रहे। हालांकि इससे पहले कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था। लेकिन, निजी कारणों के चलते वे नहीं पहुंच पाए। सेम नागराजा के त्रिवार्षिक मेला कार्यक्रम में 11 विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने देव डोलियों के दर्शन किए. 20 नवंबर से श्रद्धालुओं का पांचवें धाम सेम नागराजा पहुंचने का सिलसिला जारी था। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो इस बार शासन-प्रशासन की उचित व्यवस्थाओं के चलते जाम जैसी स्थितियां सामने नहीं आईं। वहीं श्रद्धालुओं को भी किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। कार्यक्रम में जिला अधिकारी वी षणमुगम ने शिरकत की और मेले की व्यवस्था का जायजा लिया।

चमोली में मां सती अनसूया मेला 11 व 12 दिसंबर को

चमोली। प्रसिद्ध धार्मिक दत्तात्रेय मां सती अनसूया मेला इस वर्ष 11 व 12 दिसंबर को आयोजित होगा। भगवान दत्तात्रेय जयंती पर होने वाले मां अनसूया मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। अपर जिलाधिकारी एमएस बर्निया की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों के साथ मंदिर समिति के सदस्यों की बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। 

जिसमें मेले के सफल संचालन के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने मेले से पूर्व पैदल मार्ग व मन्दिर परिसर से अत्री मुनि आश्रम तक मार्ग को दुरुस्त करने तथा मार्ग में अस्थायी पुलों की व्यवस्था करने के निर्देश लोनिवि को दिए। मंदिर परिसर व पैदल मार्ग में पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के लिए जल संस्थान को, मार्ग में पर्यावरण संबधित स्लोगनध्पोस्टर चस्पा करने एवं आग जलाने के लिए लकड़ियों की व्यवस्था हेतु वन विभाग को, शांन्ति एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग, मन्दिर की साज-सज्जा के लिए फूल मालाओं की व्यवस्था करने हेतु उद्यान विभाग को निर्देशित किया गया। स्वास्थ्य विभाग को मेले के दौरान आवश्यक दवाओं के साथ चिकित्सकों की टीम तैनात रखने तथा जिला पंचायत को साफ-सफाई की जिम्मेदारी दी गई। विद्युत विभाग को मेले के दौरान विद्युत व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश दिए गए। अनसूया मेले के दौरान तीर्थयात्रियों को देर रात्रि तक मंदिर पहुंचने में रास्ते में अंधेरे का समाना न करना पड़े, इसके लिए उरेडा को पैदल मार्ग में समुचित प्रकाश व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। युवा कल्याण विभाग को मेले के दौरान स्वयं सेवकों की तैनाती करने के निर्देश भी दिए गए। मेले में महिला एवं युवक मंगल दलों व स्कूली छात्र-छात्राओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे तथा नेहरू युवा केन्द्र के माध्यम से सांस्कृतिक टीमों को पुरस्कार वितरण किया जाएगा। श्री अनसूया मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष बीएस झिंक्वाण ने बताया कि मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस दौरान एसडीएम बुशरा अंसारी, सीओ पुलिस आरके चमोली सहित सड़क, शिक्षा, जल संस्थान, पर्यटन, उद्यान, जिला पंचायत, पुलिस आदि विभागों के अधिकारी तथा मंदिर समिति के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे। 

डीएम की जनता से अपील, शराब संचालकों की करें शिकायत 

-मनमर्जी के रेट लेकर शराब बेच रहे संचालक

-प्रिंट रेट से अधिक दामों में बेची जा रही ग्राहकों को शराब 

-शराब की दुकानों से ग्रामीण इलाकों में हो रही अवैध सप्लाई 

-ग्रामीण इलाकों का माहौल हो रहा खराब

 

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जिले में शराब विक्रेताओं की पौबारह मची हुई है। महंगे दामों पर शराब बेची जा रही है। जिला मुख्यालय सहित अन्य इलाकों में शराब संचालक खुलेआम अपनी मनमर्जी का रेट ग्राहकों से ले रहे हैं। शिकायत करने पर ग्राहकों के साथ गाली-गलौच और मारपीट तक की जा रही है। ऐसे में क्षेत्र की जनता में प्रशासन और आबकारी विभाग के खिलाफ आक्रोश बना हुआ है। 

जिले के खांखरा, खेड़ाखाल, रुद्रप्रयाग, सतेराखाल, तिलवाड़ा, मयाली, अगस्त्यमुनि, काकड़ागाड़ एवं बसुकेदार में शराब की दुकाने संचालित हो रही है। इन शराब की दुकानों से गांव का माहौल खराब हो रहा है। शराब माफिया शराब की दुकानों से कम दामों पर पेटी खरीदकर गांवों में महंगे दामों पर शराब बेचकर सामाजिक माहौल को खराब कर रहे हैं, जबकि शराब दुकान संचालक भी ओवर रेट में शराब बेच रहे हैं। सबसे ज्यादा तिलवाड़ा और अगस्त्यमुनि की दुकानों में लूट मची हुई है। यहां पर ओवररेट से कई अधिक दामों पर शराब की बोतलों को बेचा जा रहा है। तिलवाड़ा दुकान से भरदार पट्टी में भी शराब की सप्लाई की जा रही है। भरदार क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार फल फूलने से आम जनता भी परेशान है। शाम होते ही महिलाओं का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। रुद्रप्रयाग मुख्यालय से धनपुर पट्टी के गांवों में सप्लाई हो रही है तो खांखरा से पूरे बच्छणस्यूं में शराब माफिया अपना जाल बिछाए हुए हैं। काकड़ागाड़ की दुकान से मनसूना और तुंगनाथ घाटी में अवैध सप्लाई हो रही है। रात के समय में शराब संचालक ग्रामीण इलाकों में शराब की पेटियों को पहुंचा रहे हैं। अगस्त्यमुनि शराब की दुकान में शराब संचालक अपनी मनमर्जी से शराब को बेच रहे हैं। यहां नियम कानून कई पर भी लागू नहीं हो रहे हैं। आये दिन शराब संचालकों से लड़ाई झगड़ा होना आम बात हो गई है। ग्राहकों के साथ गाली-गलौच और मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। आबकारी विभाग का पूरा संरक्षण इन दुकानों को मिल रहा है। इसके अलावा सतेराखाल, बसुकेदार, खेड़ाखाल में शराब की दुकान के बाद से गांव का माहौल पूरा खराब हो गया है। ग्रामीण इलाकों की शांति को इन दुकानों ने पूरा भंग कर दिया है। यहां सोचने वाली यह है कि सरकार और शासन की ओर से शराब के दामों को बढ़ाया गया है, जिससे जनता पर पहले ही बोझ पड़ गया है। ऊपर से शराब विक्रेता जनता को और लूटने में लगे हैं। ओवररेट से कई ज्यादा दामों पर शराब को बेचा जा रहा है। साथ ही दुकानों से ग्रामीण इलाकों में सप्लाई जा रही है। ऐसे में पूरे जिले में माहौल काफी गंदा हो गया है। महिलाओं और बेटियों का शाम को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। सामाजिक कार्यकर्ता देवेन्द्र चमोली, दीपांशु भट्ट, अशोक चैधरी ने कहा कि सरकार को ग्रामीण इलाकों के माहौल को बनाये रखने के लिए शराब की दुकानों को निरस्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में शराब के कारण ग्रामीण सामाजिक माहौल शराब के कारण पूरा खराब हो गया है। युवा वर्ग शराब की लत में पड़ चुकी है। विकास को किसी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने इस पर अंकुश नहीं लगाया तो आने वाले समय में पहाड़ी जिलों की बहुत बड़ी दुर्दशा होगी। वहीं जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि शराब की दुकानों पर ओवररेट से अधिक दाम लिए जाने की शिकायत मिल रही है। इस संबंध में आबकारी विभाग को कड़े निर्देश दिए गये हैं। उन्होंने कहा कि जो भी दुकान संचालक ग्राहक से अधिक पैंसा वसूलता है, उसके खिलाफ शिकायती पत्र भेंजे और जो काउंटर पर बैठा रहता है उसकी फोटो खींचकर वट्सअप करें, जिससे बदतमीजी करने वाले के साथ ही संचालक के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जा सके। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का समाधान करना प्रशासन का कर्तव्य है। 

दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी युवक की पुलिस हिरासत में मौत, मामले में दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, थानाध्यक्ष सहसपुर पीडी भट्ट व विवेचक लाइन हाजिर 


देहरादून। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी युवक की पुलिस हिरासत में संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार सुबह उसका शव सहसपुर थाने की हवालात में मिला। पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है। हालांकि, उसकी कहानी किसी के गले आसानी से नहीं उतर रही है। शव का तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय किया गया। इसके लिए स्वजनों का इंतजार किया जा रहा है। मृतक की पहचान उप्र के बलिया जिले के ग्राम चौबे छपरा निवासी अभिनव कुमार के रूप में हुई है। इन दिनों वह दिल्ली में रह रहा था। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष पीडी भट्ट, विवेचक एसआइ लक्ष्मी जोशी को लाइन हाजिर कर दिया, साथ ही हवालात ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबिल महेंद्र सिंह नेगी व सर्वेश कुमार को निलंबित कर दिया है। जांच एसपी सिटी श्वेता चौबे को सौंपी गई है। 24 वर्षीय अभिनव के खिलाफ मेडिकल की एक छात्रा के पिता की तहरीर पर सहसपुर थाने की पुलिस ने शुक्रवार को दुष्कर्म के प्रयास और धमकी देने व पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बीती शाम पुलिस ने आरोपित अभिनव को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बताया गया कि वह शुक्रवार को देहरादून आया था। यहां उसने छात्रा से मिलने की कोशिश की, लेकिन छात्रा ने इन्कार कर दिया। इस पर उसने छात्रा को वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी दी। छात्रा के पिता ने पुलिस से इसकी शिकायत की। पुलिस आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले आई। शनिवार सुबह थाने की हवालात में वह संदिग्ध परिस्थितियों में मरा हुआ मिला।


सहसपुर थाने में पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि थानाध्यक्ष सहसपुर पीडी भट्ट व विवेचक म0उ0नि0 लक्ष्मी जोशी को लाइन हाजिर किया गया है। उक्त प्रकरण की विभागीय जांच पुलिस अधीक्षक नगर को सौंपी गयी है।  जानकारी के अनुसार शनिवार को थानाध्यक्ष सहसपुर द्वारा अपनी रिपोर्ट के माध्यम से अवगत कराया गया कि 29-11-2019 को वादी निवासी 177 विष्णु कालोनी, निकट विवेकानंद विद्या मंदिर, टनकपुर चम्पावत द्वारा थाना सहसपुर पर लिखित सूचना दी कि उनकी पुत्री उम्र 17 वर्ष सहसपुर में एक प्राइवेट कालेज में अध्ययनरत है। कुछ समय पूर्व उसकी मुलाकात अभिनव कुमार यादव पुत्र लालजी यादव निवासी चैबे छपरा, थाना खेती बलिया, उत्तर प्रदेश, उम्र 24 वर्ष से हुई थी। उक्त व्यक्ति द्वारा उनकी पुत्री से दोस्ती कर उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करते हुए उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की तथा उसका पीछा करते हुए उसके काॅलेज डीआईएमएस शंकरपुर सहसपुर पहुँच गया। उक्त सूचना पर थाना सहसपुर पर सम्बन्धित धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए विवेचना प्रारम्भ की गयी। अभिनव कुमार यादव को पूछताछ एवं साक्ष्य संकलन की कार्यवाही हेतु थाना सहसपुर पर बुलाया गया, जिसे पूछताछ के पश्चात एंव अग्रिम साक्ष्य संकलन की कार्यवाही हेतु सुरक्षा की दृष्टि से थाना सहसपुर के हवालात में रखा गया। जो आज 30-11-2019 की प्रातः हवालाती कम्बल के किनारों को कील से बांधकर उसमें लटका हुआ पाया गया। जिसे तत्काल् सीएचसी सहसपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसे मृत घोषित किया गया। उक्त रिपोर्ट के आधार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशानुसार सर्वप्रथम मृतक के परिजनों को उक्त घटना से अवगत कराया गया। घटना के सम्बन्ध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा निर्देशानुरूप जिलाधिकारी देहरादून को उपरोक्त प्रकरण की सूचना देते हुए अग्रिम कार्यवाही करने, मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून को चिकित्सको का पैनल गठित कर मृतक का पोस्टमार्टम कराने तथा पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराये जाने एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून को मृतक के पंचायतनामे की कार्यवाही तथा उक्त प्रकरण की न्यायिक जांच हेतु न्यायिक मजिस्ट्रेट नियुक्त करने हेतु पत्राचार करते हुए सम्पूर्ण प्रकरण व की गयी कार्यवाही के सम्बन्ध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व राज्य मानवाधिकार आयोग को रिपोर्ट प्रेषित की गई है। उक्त प्रकरण के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा विभागीय कार्यवाही की गयी है। जिसमें उक्त घटना के परिप्रेक्ष्य में प्रारम्भिक रूप से लापरवाही परिलक्षित होने पर रात्रि अधिकारी हे0कां0प्रो0 महेन्द्र सिंह नेगी तथा हे0कां0प्रो0 सर्वेश कुमार को तत्काल् प्रभाव से निलम्बित किया गया। उक्त घटना की निष्पक्ष जांच हेतु थानाध्यक्ष सहसपुर उ0नि0 पी0डी0 भट्ट तथा विवेचक म0उ0नि0 लक्ष्मी जोशी को लाइन हाजिर किया गया है। उक्त प्रकरण की विभागीय जांच पुलिस अधीक्षक नगर को सौंपी गयी है।


---------------------------------------------------------


माह के दूसरे बुधवार को विकासखण्ड दिवस का आयोजन 

रुद्रप्रयाग। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के लिए माह के दूसरे बुधवार को तीनों विकाखण्ड में विकासखण्ड दिवस का आयोजन किया जाना है। विकासखण्ड दिवस का आयोजन विकास खण्ड कार्यालयों में आयोजित किया जायेगा।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में माह दिसम्बर से दिसम्बर 2020 तक का प्रत्येक माह के दूसरे बुधवार को विकास खण्ड ब्लाक दिवस का आयोजन किये जाने के लिए रोस्टर जारी कर दिया गया है। उन्हांेने समस्त जनपदीय स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने तहसील स्तरीयध्विकास खण्ड स्तरीय कार्मिकों को विकास खण्ड कार्यालय में रोस्टर के अनुसार विकास खण्ड दिवस पर अनिवार्य रूप में उपस्थित होने के निर्देश जारी करने के लिए कहा है। मुख्य विकास अधिकारी एसएस चैहान ने बताया कि जारी रोस्टर के अनुसार माह दिसम्बर में 11 दिसम्बर को विकास खण्ड अगस्त्यमुनि में अपर जिलाधिकारी, विकाखण्ड ऊखीमठ में उपजिलाधिकारी ऊखीमठ एवं विकाखण्ड जखोली में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता विकासखण्ड दिवस आयोजित किया जायेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक माह के द्वितीय बुधवार को विकास खण्ड में कार्यरत सभी अधिकारी कर्मचारियों सहित अनिवार्य रूप से उपस्थित होना सुनिश्चित करें।  

अधिकारी आपस में बेहतर समन्वय बनाकर करें कार्य  


 

-बाल अधिकार के मुद्दे होते हैं संवेदनशीलः ऊषा नेगी 

-बाल अधिकार एवं संरक्षण के मुद्दों को लेकर बैठक 

 

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा ऊषा नेगी ने जनपद से जुड़े बाल अधिकार एवं संरक्षण के मुद्दों पर जिला कार्यालय सभागार में संबंधित विभागों की बैठक लेते हुए आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कहा कि बाल अधिकार से संबधित मुद्दे अत्यंत संवेदनशील होते हंै, जिन पर तत्परता व अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कार्य करना होगा। कहा कि विभागीय अधिकारियों को अपने अधिकारों व कर्तव्यों की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए, तभी वे बेहतर तरीके से कार्य कर सकेंगे।

शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2011 के तहत निर्धन एवं गरीब बालक-बालिकाओं के निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर होने वाले प्रवेश की समीक्षा के तहत शिक्षा विभाग ने बताया कि समय से स्कूलों की धनराशि नहीं मिल पाती जिस कारण निजी स्कूल प्रवेश के लिए आना-कानी करती हैं। इस संबंध में अध्यक्षा ने कहा कि निजी स्कूल सोसाइटी व ट्रस्ट के तहत अपना पंजीकरण कराकर सरकार से इनकम टैक्स, बिजली, पानी जैसी अन्य छूट का का लाभ लेते है व दूसरी तरफ प्रवेश में आना कानी करते हैं। ऐसे में प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत सीटों में गरीब व निर्धन बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। कहा कि सरकार द्वारा स्कूलों को बजट का आंवटन भले ही देर से दिया जाता है, मगर सम्पूर्ण धनराशि दे दी जाती है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ने बताया कि जनपद में लगभग 150 निजी स्कूल हैं, जिनमें 2011 से आतिथि तक 1133 बच्चों का आरटीई अधिनियम के तहत प्रवेश कराया गया है। इस वर्ष मात्र 25 बच्चों का ही प्रवेश हुआ है, जिस पर अध्यक्षा ने आगामी वर्ष में सुधार लाने के निर्देश दिए। अध्यक्षा ने कहा बच्चों के अधिकारों को सुलभ करना हम सभी का कर्तव्य है। बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशील होकर लोगों में जागरूकता पैदा करके ही बाल संरक्षण प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत सभी सरकारी विभागों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं को आपस में बेहतर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मा अध्यक्षा ने कहा कि शिक्षा से वंचित एवं नशे व भिक्षा में लिप्त बच्चों को सही दिशा देने की जरूरत है। कहा कि भिक्षा मांगने में लिप्त बच्चों को भिक्षा के वजाय शिक्षा दें और उनके भीतर छुपी प्रतिभा को उजागर करने का काम करें, ताकि ऐसे बच्चें भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने सभी स्कूलों, तहसीलों एवं विभागों में बाल अधिकारों की जानकारी के लिए बोर्ड चस्पा कराने के निर्देश भी दिए, ताकि आम लोगों को भी बाल अधिकारों की जानकारी मिल सके। अध्यक्षा ने बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, निर्भया सेल, किशोर न्याय बोर्ड के मामलों की समीक्षा करते हुए पीड़ित, अनाथ, बेसहारा बच्चों के संरक्षण के लिए त्वरित कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित बच्चों को पुलिस की मदद से समय पर रेस्क्यू करने, समय समय पर बच्चों की माॅनिटरिंग करने तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ ऐसे बच्चों तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बसों की नियमित चैकिंग करने, स्कूलों में मिड डे मील का औचक निरीक्षण करने तथा कुपोषित बच्चों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के भी निर्देश दिए।

इस दौरान अध्यक्षा ने जिले में अनाथ, उपेक्षित बच्चों की देखभाल, पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए चलाई जा रही समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विकास, शिक्षा, चिकित्सा, पुलिस, श्रम, चाइल्ड लाईन, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड एवं जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित कार्यो की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बेटी बचाओ व बेटी बचाओं अभियान, शिक्षा विभागे के तहत किए गए कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण दिया जिस पर अध्यक्षा ने सराहना करते हुए एक प्रति आयोग को उपलब्ध कराने को कहा। कहा कि जनपद रूद्रप्रयाग के नवाचार कार्यों को अन्य जनपदों में शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर बाल संरक्षण आयोग के सदस्य वाचस्पति सेमवाल, एसीएमओ डाॅ जितेन्द्र नेगी, डीईओ माध्यमिक एलएस दानू, बेसिक डाॅ विद्या शंकर चतुर्वेदी, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस बिष्ट, बाल संरक्षण अधिकारी रोशनी रावत, समाज कल्याण व अन्य विभागीय अधिकारियों सहित बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष ऊषा सकलानी, सदस्य नरेन्द्र सिंह कण्डारी, बचपन बचाओं आंदोलन के राज्य समन्वयक सुरेश उनियाल, केन्द्र प्रशासक वन स्टाॅप सेन्टर रंजना गैरोला, एआरटीओ मोहित कोठारी, जिला आबकारी अधिकारी के पी सिंह, डीपीओ हिमाशु बडोला, बाल आयोग के कमल गुप्ता आदि उपस्थित थे।

श्रम मंत्री करेंगे योजनाओं का शुभारम्भ

देहरादून। श्रममंत्री उत्तराखण्ड सरकार डाॅ हरक सिंह रावत आगामी 30 नवम्बर को पूर्वान्ह 11 बजे आईआरडीटी आॅडिटोरियम (प्रेक्षागृह) सर्वेचैक देहरादून में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना एवं लघु व्यापारी एनपीएस योजना के कैम्प का शुभारम्भ करेंगे।

अपीलों, शिकायतों की सुनवाई की तिथि परिवर्तित

देहरादून। उप सचिव उत्तराखण्ड सूचना आयोग ने अवगत कराया है कि मुख्य सूचना आयुक्त की पीठ में 02 दिसम्बर से 10 दिसम्बर तक योजित द्वितीय अपीलों, शिकायतों की सुनवाई की तिथि परिवर्तित की गयी है।

उन्होंने अवगत कराया है कि 02 दिसम्बर की सुनवाई 24 जनवरी 2020, 03 दिसम्बर की सुनवाई 27 जनवरी 2020, 04 दिसम्बर की सुनवाई 07 जनवरी 2020, 05 दिसम्बर की सुनवाई 29 जनवरी, 06 दिसम्बर की सुनवाई 30 जनवरी, 09 दिसम्बर की सुनवाई 31 जनवरी तथा 10 दिसम्बर को योजित सुनवाई 04 फरवरी 2020 को की जायेगी।

6 करोड़ 87 लाख के श्रण वितरण प्रस्ताव किये गये स्वीकृत’’

देहरादून। जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में गठित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जिला टास्कफोर्स समिति की 28 एवं 29 नवम्बर को समन्वय बैठक में कुल 87 परियोजनाओं में 687.09 लाख के श्रण प्रस्ताव स्वीकृत किये गये।

इस दौरान महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र शिखर सक्सेना द्वारा जिला उद्योग केन्द्र, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की परियोजनाअेां को प्रस्तुत किया गया। इस दौरान विभिन्न परियोजनाओं में कुल 128 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 26 आवेदक अनुपस्थित रहे और 15 आवेदन विभिन्न कारणों के चलते निरस्त हुए। योजना के अन्तर्गत उद्योग केन्द्र के 70 परियोजनाओं के साक्षात्कार हेतु प्रस्तुत की गई थी, जिसमें 39 परियोजनाओं ने सापेक्ष रू0 374.59 लाख की स्वीकृति हुई, इसी प्रकार खादी ग्रामोद्योग आयोग की 32 परियोजनाएं साक्षात्कार हेतु प्रस्तुत की गयी, जिसमें 25 के सापेक्ष रू0 178.00 लाख की स्वीकृति प्रदान की गयी तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की 26 परियोजनाएं साक्षात्कार हेतु प्रस्तुत की गयी, जिसमें से 23 परियोजनाओं के सापेक्ष रू0 134.50 लाख की स्वीकृति प्रदान करने सभी बैकों को आॅनलाईन प्रेषित किये गये। इस तरह से कुल 128 परियोजनाओं के सापेक्ष 87 परियोजनांए जिसकी धनराशि रू0 687.09 लाख जिला टास्कफोर्स कमेटी द्वारा स्वीकृत करते हुए बैंकों को प्रेषित किया गया। इस अवसर पर साक्षात्कार समिति में जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक संजय भाटिया, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग राकेश शर्मा, जिला समन्वयक तथा जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी अल्का पाण्डेय के अतिरिक्त समिति के सदस्य उपस्थित थे।  

आईआईएफएल ने एएए टेबलेट द्वारा निशुल्क व्यवसायिक अवसर प्रदान किया

देहरादून। भारत की अग्रणी वितरण एवं ब्रोकिंग फर्म, आईआईएफएल सिक्योरिटीज ने एक अद्वितीय उत्पाद 'एडवाईजरी एनीटाईम एनीव्हेयर' (एएए) लॉन्च किया है। यह टेबलेट युवाओं को बिना किसी फिक्स्ड खर्च के अपना खुद का व्यवसाय प्रारंभ करने में समर्थ बनाता है। जो लोग फाईनेंशल एडवाईजर का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, लेकिन कार्यबल, ऑफिस स्पेस, सेबी रजिस्ट्रेशन, रिसर्च इनपुट एवं गोपनीयता बनाए रखने जैसी बाधाओं के कारण ऐसा नहीं कर पाते, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है। 'एएए-एडवाईजर एनीटाईम एनीव्हेयर' के माध्यम से आईआईएफएल सिक्योरिटीज का उद्देश्य 1 लाख उद्यमियों एवं 5 लाख नौकरियों का निर्माण करना है। आईआईएफएल का यह नया उत्पाद पूरी तरह से मोबाईल एवं सुविधाजनक एडवाईजरी समाधान प्रदान करता है, जिसके द्वारा लोग फाईनेंशल सर्विसेस प्रोफेशनल बन सकते हैं। आईआईएफएल का मोबाईल-आधारित एडवाईजरी समाधान एक पूर्ण सुसज्जित ऑफिस हैं, जिसमें फ्रंट एवं बैक ऑफिस की क्षमताएं हैं। 'एएए' आधार कार्ड पर आधारित ई-केवाईसी का उपयोग कर नए ग्राहकों को पेपरलेस तरीके से जोड़ने में मदद करेगा और ग्राहक से संबंधित सभी सेवाएं जैसे अकाउंट स्टेटमेंट, लेजर, पासवर्ड में परिवर्तन या ग्राहकों की शंकाओं का निवारण सुगमता से करेगा। अद्वितीय मॉनिटर फीचर के माध्यम से पार्टनर अपना प्रदर्शन निर्मित किए गए राजस्व, निष्क्रिय ग्राहकों की सूची, निर्मित एसआईपी आदि द्वारा देख सकेगा। 'ट्रेडर टर्मिनल' ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में ट्रेडर के लिए अनेक टूल्स के साथ अत्यधिक तीव्र क्रियान्वयन क्षमताएं हैं। इससे ईक्विटी एवं म्यूचल फंड्स में सुगम विनिमय संभव होगा। इसके अलावा, बीमा एवं अन्य फाईनेंशल उत्पाद जैसे पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेस, स्ट्रक्चर्ड उत्पाद, नेशनल पेंशन स्कीम भी ग्राहकों को कभी भी और कहीं भी प्रदान किए जा सकते हैं। विविध अद्वितीय फीचर्स में टेबलेट पार्टनर्स को ग्राहकों की रियल टाईम पोजिशन देखने और उनकी ओर से ट्रेड करने, सभी सेक्टर्स एवं अर्थव्यवस्था पर आईआईएफएल की रिसर्च देखने, रियल टाईम न्यूज एवं मार्केट अपडेट्स प्राप्त करने तथा टेक्निकल चार्ट एवं टूल्स के फीचर्स का उपयोग करने में समर्थ बनाता है। आईआईएफएल के पास उद्योग में सर्वाधिक 500 से ज्यादा स्टॉक्स पर उच्च गुणवत्ता की फंडामेंटल एवं टेक्निकल रिसर्च है। मोबाईल समाधान के लचीलेपन एवं एडवांस टेक्नॉलॉजी प्लेटफॉर्म द्वारा बिजनेस पार्टनर्स तीन माह के निशुल्क ट्रायल के अवसर एवं 25,000 रु. के एक बार के निवेश के साथ कई गुना ज्यादा रिटर्न निर्मित कर सकते हैं।

अधिक से अधिक लोगों को श्रमयोगी मानधन एवं लघु व्यापारी-एनपीएस योजना से जोड़े 


 

देहरादून। मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत की अध्यक्षता में कलेक्टेªट सभागार में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना एवं लघु व्यापारी-एनपीएस योजना के समुचित क्रियान्वयन के सम्बन्ध में सम्बन्धित रेखीय विभागों के साथ बैठक आयोजित की गयी। मुख्य विकास अधिकारी ने फैसिलेटर श्रम विभाग तथा ग्राम्य विकास, पंचायत आईसीडीएस, कृषि, समाज कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर निकाय, उद्योग, दुग्ध एवं पशुपालन आदि विभागीय अधिकारियों को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना एवं लघु व्यापारी-एनपीएस योजना के अन्तर्गत अपने विभागीय स्तर पर कार्यरत् कार्मिकांे अथवा योजना लाभार्थियों के अधिक से अधिक पंजीकरण कराते हुए योजना का लाभ दिलवायें और इस सम्बन्ध में व्यापक तौर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। 

उन्होंने श्रम विभाग को सभी लाइन डिपार्टमेन्ट को इस सम्बन्ध में पत्राचार करते हुए सेन्सेटाइज करने को कहा साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार  से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने की बात कही। उन्होंने दोनों योजनाओं में मानक के अनुसार शीघ्रता से योग्य लाभार्थियों का चयन करते हुए उनके सामान्य सेवा  केन्द्रो (सीएससी सेन्टर) पर पंजीकरण करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान बैठक में सहायक श्रमायुक्त श्रम विभाग कमल जोशी ने दोनों योजना का परिचय देते हुए योग्य लाभार्थियों के मानक और पंजीकरण करवाने की समस्त औपचारिकताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को सामाजिक सुरक्षा लाभ से कवरेज कराने हेतु अधिक से अधिक पंजीकरण करवाना है। लाभार्थी की उम्र 18 वर्ष से 40 किसी अन्य पेंशन स्कीम से कवर्ड ना हो, आम करदाता न हो, इत्यादि मानक यदि पूरे करे तो आधारकार्ड और जनधन अथवा बचत खाता के माध्यम से सीएससी केन्द्रों पर पंजीकरण कराया जा सकता है। लाभार्थियों को उम्र के अनुसार न्यूनतम 18 वर्ष की उम्र वाले आवेदकों को 55 रू0 तथा अधिकतम 40 वर्ष से अधिक की उम्र वाले आवेदकों को  200 रू0 का मासिक प्रीमियम देय होगा। 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पर 3000 रू0 प्रतिमाह पेंशन हकदार होगा। और लाभार्थी की पेंशन भी उसी खाते में निर्गत होती रहेगी। लघु व्यापारी एनपीएस हेतु 1.5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले व्यापारी-दुकानदार और किसी तरह के कामगार को पात्र बताया साथ ही प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में स्वयं सहायकता समूह, आशा कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ती, फेरी वाले, रिक्शा चालक, ईट भट्टा, श्रमिक, कृषि श्रमिक, मिड-डे-मील कर्मचारियों सहित असंगठित क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को पात्र बताया।

इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी प्रदीप पाण्डेय, जिला प्रतीरक्षण अधिकारी उत्तम सिंह चैहान, आईसीडीएस से क्षमा बहुगुणा सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

एन.सी.सी स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित, सीएम ने कैडेटों को सम्मानित किया 


देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को घंघोड़ा, देहरादून में एन.सी.सी स्थापना दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग चैपिंयनशिप, नौकायन स्पर्धा जीतने वाले कैडेटों एवं बैण्ड कम्पीटिशन में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले कैडेट को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने एन.सी.सी की वार्षिक पत्रिका 'संकल्प' का विमोचन भी किया।  

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि एन.सी.सी का उद्देश्य केवल सेना में जाने के लिए ही नहीं है, बल्कि एकता, अनुशासन व समन्वय के साथ कार्य करने की प्रेरणा इससे मिलती है। एन.सी.सी प्रशिक्षण में सांस्कारिक भाव विकसित होते हैं, जिसमें कैडेट में अपनत्व का भाव विकसित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अनुशासित शक्ति के रूप में एन.सी.सी हमारे पास है, जिसका उपयोग समय-समय पर आवश्यकता पड़ने पर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी में एन.सी.सी की एक बटालियन खोलने के लिये संस्तुति दी गई है। उत्तराखण्ड के सीमांत जिलों चमोली एवं पिथौरागढ़ में भी एन.सी.सी बटालियन खोलने के लिए प्रयास किये जायेंगे। यह सौभाग्य की बात है कि गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखण्ड का एन.सी.सी बैण्ड को प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। अपर महानिदेशक एन.सी.सी मेजर जनरल सुधीर बहल ने कहा कि एन.सी.सी रक्षा सेवाओं के लिए ही नहीं बल्कि सभी के लिए लाभकारी है। एन.सी.सी का प्रशिक्षण व्यक्तित्व के विकास, जीवन कौशल के ज्ञान और चरित्र निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड के एन.सी.सी कैडेट देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। हमारे कैटेड ने अपने कौशल से उत्तराखण्ड का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर ब्रिगेडियर एस.पी.सिंह, निदेशक कर्नल प्रशांत सरकार, जसपाल सिंह नेगी आदि उपस्थित थे।    

फिल्म पानीपत के लिए डिजिटल पार्टनर के रूप में हाथ मिलाया

देहरादून। सिंगापुर आधारित बीगो टेक्नोलॉजी की ओर से प्रतिष्ठित ग्लोबल शॉर्ट वीडियो क्रिएशन प्लेटफॉर्म लाईकी ने आशुतोष गोवारीकर प्रोडक्शन्स की आगामी फिल्म पानीपत के लिए डिजिटल पार्टनर के रूप में हाथ मिलाया है। भारतीय युवाओं को पानीपत की तीसरी लड़ाई के बारे में शिक्षित करना इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य है, जो भारतीय इतिहास में 18वीं सदी के महत्वपूर्ण युद्ध घटनाक्रमों में से एक है। फिल्म 6 दिसम्बर को रिलीज होगी, आशुतोष गोवारीकर प्रोडक्शन्स ने हाल ही में फिल्म के मुख्य अभिनेताओं अर्जुन कपूर, संजय दत्त और कृति सेनन के लिए एक स्पेशल टेªलर प्रीव्यू कार्यक्रम का आयोजन किया। लाईकी के चुनिंदा उपयोगकर्ताओं को इस विशेष कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया, जिन्हें अपने पसंदीदा अभिनेताओं के साथ समय बिताने और तस्वीरें खिंचवाने का मौका मिला।

लाईकी इस फिल्म का एकमात्र डिजिटल पार्टनर बना, जिसे फिल्म की स्टार कास्ट के साथ सबसे पहले टेªलर प्रीव्यू के लिए विशेष मौका मिला। टेªलर को बाद में आम जनता के लिए प्रसारित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लाईकी के चुनिंदा उपयोगकर्ताओं को फिल्म के डायरेक्टर एवं प्रोड्यूसर आशुतोष गोवारीकर के साथ बातचीत करने का मौका मिला। यह सत्र लाईकी के उपयोगकर्ताओ के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ, जिन्हें फिल्म के डायरेक्टर से बहुत कुछ सीखने को मिला। फिल्म के डायरेक्टर आशुतोष गोवारीकर को उनकी लोकप्रिय फिल्म लगान के लिए ऑस्कर अवॉर्ड के लिए भी नामांकित किया गया था, इस फिल्म में आमिर खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। लाईकी ने भारत में तेजी से विकास किया है और अब युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है जो उन्हें अपने विचारों को अभिव्यक्त करने, अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने और अपनी जैसे सोच वाले उपयोगकर्ताओं के साथ जुड़ने का मौका प्रदान करता है। लाईकी की बढ़ती लोकप्रियता देश भर से कई ब्राण्ड्स को आकर्षित कर रही है और देश के सेलेब्रिटीज को आज की युवा पीढ़ी के साथ जोड़ रही है। पानीपत के डिजिटल पार्टनर के रूप में लाईकी भारतीय युवाओं पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करेगा। इस साझेदारी के माध्यम से लाईकी के चुनिंदा उपयोगकर्ताओं को अपने सपने साकार करने का मौका भी मिला। लाईकी कई भारतीय भाषाओं जैसे हिंदी, तमिल, मराठी, तेलुगु, गुजराती, बंगाली, कन्नड, मलयालम, और पंजाबी में उपलब्ध है।

फ्लावर्स“ ने कला प्रेमियों को किया आकर्षित


 

-तीन दिवसीय आर्ट एग्जिबिशन का डब्ल्यूआईसी में हुआ शुभारंभ

-क्राय संस्था ने किया है पेंटिंग्स को अपने ग्रीटिंग्स में शामिल

 

देहरादून। मंजू श्रीवस्त की “फ्लावर्स“ आर्ट एग्जिबिशन डब्ल्यूआईसी में आज से आरम्भ हो गई। आर्ट स्कूल्स के छात्रों सहित अन्य कला प्रेमियों ने भी इस आर्ट एग्जिबिशन का आनन्द लियज्ञं इस मौके पर “इंटरएक्ट विद आर्टिस्ट” के दौरान मंजू श्रीवस्त ने अपने आर्ट वर्क के बारे में बताया साथ ही अपने अन्य अनुभव भी साझा किए। 

उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अचानक एक दिन बैंकिंग करियर से इस्तीफा दे कर पेंटिंग पर फोकस किया। उन्होंने अपनी बचपन की उन सुनहरी यादों को पेंटिंग के माध्यम से कैनवस पर उतारा और फूलों पर पेंटिंगस बनाना आरम्भ किया। मंजू श्रीवस्त फूलों दरख्तों की वॉटर कलर पेंटिंग बनाती है। उनका मानना है कि फूल ईश्वर की वो रचना है जो हर व्यक्ति के मन को शांति देते है। हंसी हो, खुशी हो, या कोई भी माहौल हो फूलोें के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किए जा सकता है। श्रीमति मंजू ने बताया कि उन्होंने भारत के कई हिस्सों में अपनी आर्ट एग्जिबिशन की है और इससे पूर्व दुुबई में आर्ट एग्जिबिशन करने बाद अब वे अपने होमटाउन देहरादून में पहली बार एग्जिबिशन कर रही है। यहां पर लगभग 95 पेंटिंग्स डिस्प्ले की गई है। मंजू ने बताया कि उनकी शुरूवाती कुछ पेंटिंग्स में से कुछ को बच्चों के लिए इंटरनेश्नल लेवल पर कार्य कर रही संस्था क्राय ने अपने ग्रीटिंग में शामिल किया है। पिछले दोे वर्षों से क्राय की ओर से जा रहे ग्रीटिंग में उनकी पेंटिंग इस्तेमाल हो रही है। उन्होंने बताया कि यह आर्ट एग्जिबिशन एक दिसंबर तक चलने वाली है।

इन्द्रप्रस्थ अपोलो हाॅस्पिटल ने लोगों को क्रिटिकल केयर सेवाओं के बारे में जागरुक किया 


देहरादून। स्वस्थ रहने की आवश्यकता पर जोर देते हुए इन्द्रप्रस्थ अपोलो होस्पिटल्स दिल्ली ने देहरादून में अपोलो दिवस का आयोजन किया। एक जिम्मेदार स्वास्थ्य सेवा प्रदाता होने के नाते रोग प्रबंधन के लिए आधुनिक उपचार, थेरेपी, मोनिटरिंग और डायग्नोस्टिक तकनीक की आवश्यकता और महत्व पर जोर देना इन्द्रप्रस्थ अपोलो होस्पिटल्स का मुख्य उद्देश्य है। आज जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां जैसे कार्डियोवैस्कुलर रोग, मधुमेह, उच्चरक्तचाप, अस्थम, सांस संबंधी रोग और कैंसर आदि तेजी से बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में मधुमेह के रोगियों की संख्या 50.8 मिलियन के अधिकतम आंकड़े पर हैं।

 इन्द्रप्रस्थ अपोलो होस्पिटल्स ने लोगों को क्रिटिकल केयर सेवाओं के बारे में जागरुक बनाने के लिए अपोलो दिवस का आयोजन किया। क्रिटिकल केयर के तहत आने वाली सेवाएं मरीजों को जानलेवा स्थितियों में तुंरत इलाज प्रदान करती हैं, खासतौर पर वाइटल सिस्टम ओर्गेन फेलियर के मामले में ये बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने सुझाव दिया कि रोकथाम इलाज से बेहतर है, उन्होंने बताया कि जागरुकता रोकथाम की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है। राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पी शिवकुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर, इन्द्रप्रस्थ अपोलो होस्पिटल्स ने कहा, ''आमतौर पर हम रोजमर्रा की भागदौड़ में अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा करते हैं। स्वस्थ जीवनशैली एवं नियमित व्यायाम आज समय की मांग बन चुके हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने अपोलो दिवस मनाने का फैसला लिया, ताकि आमलोगों को स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर जागरुक बनाया जा सके।''मुझे खुशी है कि सभी आयु वर्गों के लोगों ने कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप हम आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखेंगे।' 

डॉ अनुपम सिब्बल ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर, सीनियर कन्सलटेन्ट, पीडिएट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलोजी एण्ड हेपेटोलोजी, इन्द्रप्रस्थ अपोलो होस्पिटल्स ने कहा, ''सत्र के दौरान ऐसे मरीजों की समग्र देखभाल के महत्व पर जोर दिया गया जो जानलेवा परिस्थितियों से जूझ रहे हों, और जिन्हें व्यापक देखभाल और मोनिटरिंग की जरूरत हो, इस तरह की देखभाल इन्टेन्सिव केयर युनिट में दी जाती है। भारत में पिछले दशक में क्रिटिकल केयर प्रथाओं में तेजी से बदलाव आए हैं। दो दशक पहले तक आईसीयू मैनेजमेन्ट में संरचित प्रशिक्षण प्रोग्राम का अभाव था। लेकिन अब 15-20 फीसदी बैड्स इन्टेन्सिव केयर को समर्पित किए जा चुके हैं, जो आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं।'  

इन्द्रप्रस्थ अपोलो होस्पिटल्स उच्च गुणवत्ता की चिकित्सकीय देखभाल, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और आधुनिक बुनियादी सेवाओं के साथ मरीजों को उत्कृष्ट सेवाओं का अनुभव प्रदान करता है। इन्द्रप्रस्थ अपोलो होस्पिटल्स हमेशा से मरीजों के स्वास्थ्य और सशक्त जीवनशैली को समर्थन देता रहा है। अपने अनुभवी विशेषज्ञों और चिकित्सा पेशेवरों की टीम के साथ इन्द्रप्रस्थ अपोलो होस्पिटल्स मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार एवं देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्रम मन्त्री की सरपरस्ती में खरीदी गयी करोड़ों की घटिया साइकिलेंः मोर्चा


 

-वर्ष 2018-19 में खरीदी 6.77 करोड़ की 19825 साईकिलें

-साईकिल घटिया होने के चलते कर्मकार बेच रहे आधे दामों पर दुकानदारों को

-सरकारी धन को कमीशनखोरी के चलते लगाया जा रहा है ठिकाने

-हजारों साईकिलें बाँटी गयी फर्जी तरीके से कागजों में

 

विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि श्रम विभाग के उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने टेलीकम्यूनिकेशन कन्सलटेंट्स इण्डिया लि0 से 29 मार्च को 19825 साईकिलें 6,77,73,270 रू0 में खरीदी। यह सभी साईकिलें कर्मकारों को बाॅंटने के उद्देश्य से खरीदी गयी थी। उक्त खरीदी गयी एक साईकिल की कीमत 3418ध् रू0 प्रति साईकिल है। नेगी ने हैरानी जतायी कि जो साईकिलें खरीदी गयी थी, अधिकारियों ने मोटी कमीशन हड़प कर घटिया किस्म की साईकिलें खरीदी, जिसका नतीजा ये हुआ कि कर्मकारों व मजदूरों ने आधे औने-पौने दामों में वही साईकिलें दुकानदारों को बेच दी।

 मोर्चा कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए नेगी ने कहा कि महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हजारों साईकिलें कागजों में हेराफेरी कर फर्जी तरीके से बॅंटवाने का भी खेल खेला गया है तथा इसी प्रकार हजारों सिलाई मशीन, सोलर, उपकरणों में भी यही खेल खेला गया। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि एटलस जैसी मजबूत साईकिल 3700ध्- रू0 तक खुदरा मूल्य में मिल रही है अगर यही साईकिलें थोक में खरीदी जायें तो 2800-3000 रू0 तक उपलब्ध हो सकती हैं। वहीं दूसरी ओर ऐसी घटिया साईकिल 3418ध्-रू0 में खरीदी गयी, अगर यही घटिया साईकिलें कोई संस्था थोक में खरीदती तो 2200-2400 रू0 में आसानी से उपलब्ध हो जाती। नेगी ने कहा कि इस गरीब प्रदेश में मन्त्री एवं अधिकारियों की मिलीभगत से प्रदेश को कर्ज में डुबोकर कमीशन खोरी का खेल खेला जा रहा है।मोर्चा सरकार से उक्त साईकिल व अन्य सामान की खरीद-वितरण की उच्च स्तरीय जाँच की माँग करता है। पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, विजयराम शर्मा, ओ0पी0 राणा, भीम सिंह बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

कांग्रेस हाउस टैक्स व नये वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सड़कों पर उतरेगी 

देहरादून। महानगर कांग्रेस नेताओं ने देहरादून महानगर की विभिन्न जन समस्याओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सभागार में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम में सम्मिलित किये गये नये क्षेत्रों से टैक्स न वसूलने का सरकार ने वादा किया था परन्तु नगर निगम द्वारा नये क्षेत्रों से टैक्स वसूला जा रहा है।

 कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम के वार्डों में निर्माण कार्य बंद पडे हैं तथा कांगेस के विरोध के बाद वार्डों में निर्माण कार्य शुरू तो करवाये गये परन्तु कुछ ही वार्डों में काम शुरू करने के बाद अब यह कहते हुए रोक दिये गये हैं कि सर्दी में निर्माण के काम नहीं हो पायेंगे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम द्वारा इन क्षेत्रों में कामर्सियल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। उन्होेने यह भी कहा कि शहरी क्षेत्रों में भी एक ही तरह के टैक्स लगाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों से 132 मलिन बस्तियों में लिया जा रहा टैक्स भी लेना बंद कर दिया गया है। इन क्षेत्रों के लोगों को सभी प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए हाउस टैक्स की प्रति लगानी पडती है परन्तु टैक्स न लिये जाने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है।

कांग्रेसजनों ने यह भी कहा कि इन बस्तियों में पिछले पांच साल से कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा है कांग्रेस के विरोध के बाद नगर निगम ने वादा किया कि आॅन लाईन टैक्स लिया जायेगा तथा उसके लिए कैम्प लगाये जायेंगे परन्तु एक साल बाद न तो कैम्प लगे और न ही टैक्स वसूले जा रहे हैं। नगर निगम में लोगों के विरोध के बावजूद 40 वार्ड जोडे गये परन्तु उनमें बुनियादी सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। सफाई व्यवस्था चैपट हो चुकी है तथा सड़कों पर बडे-बडे गड्डे पडे हुए हैं। सरकार व नगर निगम अपने वादे से मुकर रहे हंै। कांग्रेस पार्टी हाउस टैक्स तथा नये क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सड़कों पर उतर कर विरोध करेगी। नये क्षेत्र जो नगर निगम में जुडे हैं उनमें बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़कों पर उतर कर आन्दोलन किया जायेगा। पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश प्रवक्ता डाॅ0 आर.पी. रतूड़ी, प्रभुलाल बहुगुणा, नगर निगम पार्षद नीनू सहगल, महानगर प्रवक्ता डाॅ0 प्रतिमा सिंह, शोभाराम आदि उपस्थित थे।

भर्ती प्रक्रिया में शिथिलता पर होगी कार्रवाईः मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र


 

-हर दस दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश, विभागीय सचिवों की होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी

-भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चत हो

-सीएम ने सचिवालय में आयोजित बैठक में विभागों की भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की  

 

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विभागों में भर्ती के लिए संबंधित सचिवों की जिम्मेवारी तय करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में शिथिलता पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की रिपोर्ट हर दस दिन में सचिव कार्मिक को उपलब्ध करवाई जाए। सचिव कार्मिक सभी विभागों से प्राप्त रिपोर्ट को संकलित करते हुए मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करे। मुख्यमंत्री सचिवालय में सरकारी विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों व इन्हें भरने के लिए की गई कार्यवाही का पूरा विवरण उपलब्ध न करवाने वाले विभागों पर नाराजगी व्यक्त की और उन्हें जल्द से जल्द निर्धारित प्रारूप में विवरण कार्मिक विभाग को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रिक्त पदों पर भर्ती जल्द से जल्द करवाना चाहती है। ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें और कर्मचारियों के अभाव में विकास के कार्य बाधित न हों। इसमें किसी तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जाएगी। औपचारिकताओं को पूर्ण करने में अनावश्यक विलम्ब न किया जाए। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर पर समिति बनाने के निर्देश दिए जो कि विभागों में रिक्त पदों की स्थिति व इन्हें भरने के लिए की जा रही कार्यवाही की लगातार मॉनिटरिंग करेगी। विभागों द्वारा भेजे जाने वाले अधियाचनों में कोई कमी न रहे, इसके लिए राज्य लोक सेवा आयोग व अधिनस्थ सेवा चयन आयोग से समन्वय कर, कमियों को अविलम्ब दूर करना सुनिश्चित किया जाए। संबंधित आयोग को अधियाचन जल्द से जल्द भेजा जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के समान प्रकृति के पदों को भरने की प्रक्रिया यथासम्भव एक साथ सम्पन्न की जाए। इससे आवेदकों को बार-बार आवेदन करने से राहत मिलेगी। फील्ड कर्मचारियों की कमी को दूर करने को विशेष प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य लोक सेवा आयोग व अधिनस्थ सेवा चयन आयोग से भर्ती प्रक्रिया में और तेजी लाने की अपेक्षा की। आयोग को इसके लिए संसाधनों की आवश्यकता होने पर शासन को अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों में रिक्त पदों के सापेक्ष काम कर रहे उपनल, पीआरडी व अन्य संविदाकर्मियों का विवरण भी कार्मिक विभाग को उपलब्ध करवाया जाए। लम्बे समय से संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को नियमित भर्ती में अधिमान दिया जाए। राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष आनन्द सिंह रावत ने बताया गया कि वर्तमान में कोई भी अधियाचन लम्बित नहीं है। लोक सेवा आयोग द्वारा उत्तराखण्ड सिविल सेवा जज की भर्ती प्रक्रिया दिसम्बर 2019, अर्थ एवं संख्याधिकारी एवं सहायक वन संरक्षक की भर्ती मार्च 2020 तक प्रक्रिया पूर्ण हो जायेगी। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एस. राजू ने बताया कि आयोग में 05 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, जिन पर सात-आठ माह में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो जायेगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, राधा रतूड़ी, सचिव नितेश झा, राधिका झा, एल फैनई, दिलीप जावलकर, हरबंस सिंह चुघ, आर. मीनाक्षी सुंदरम, बृजेश संत, सुशील कुमार एवं अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

---------------------------------------------------------------------

वेल्हम बॉयज स्कूल में पुस्तक मेले का आयोजन  


 

देहरादून। वेल्हम बॉयज स्कूल में पुस्तक मेले का उद्घाटन उत्तराखंड के साहित्यकार, कवि एवं फिल्म फिल्म समीक्षक संजीव कुमार शर्मा ने किया। बतौर मुख्य अतिथि श्री शर्मा ने अध्यापकों एवं छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र  एवं युवा पीढ़ी किसी भी विद्यालय, समाज एवं सभ्यता का निर्माण करते हैं। युवा पीढ़ी का साहित्य के प्रति जागरूक रहना एवं साहित्य निर्माण में सकारात्मक भूमिका का दीवाना अत्यंत आवश्यक है। और मुझे खुशी है कि वेल्हम बॉयज स्कूल जैसी महान शैक्षिक संस्थाएं इसमें बहुत ही बेहतर योगदान दे रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर पुस्तक अपने आप में एक संपूर्ण विद्यालय होती है। बस हमें उसकी गहराइयों तक उतरना होता है।

संजीव का स्वागत स्कूल की प्रधानाध्यापिका मिस गुनमीत बिंद्रा अपने स्टाफ के अन्य कर्मचारियों वाह छात्र प्रतिनिधियों के साथ किया। सजीव में रिबन काटकर पुस्तक मेले का उदघाटन किया। स्कूल की प्रधानाध्यापिका एवं छात्र प्रतिनिधियों ने उन्हें स्कूल का स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।  तत्पश्चात पुस्तक मेले का निरीक्षण करने के बाद संजीव ने स्कूल के साहित्यकारों समूह के प्रतिनिधियों के साथ वार्तालाप किया तथा एक समाज के निर्माण में साहित्य और साहित्यकारों की भूमिका के ऊपर संवाद किया। इस अवसर पर लेखक एवं फिल्म समीक्षक और कवि संजीव की पुस्तकों को भी रखा गया जिनको स्कूल की प्रधानाध्यापिका अभिभावकों एवं छात्रों ने खरीद कर संजीव के द्वारा ऑटोग्राफ लिए। संजीव की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक व्हाई वी गो टू मूवीस को बहुत सराहा गया और उसकी बहुत सारी प्रतियां छात्रों ने ली। इस अवसर पर संजीव को विद्यालय की वार्षिक पत्रिका एवं पुस्तकों से भी नवाजा गया। साहित्यिक गोष्ठी के दौरान कई छात्रों ने अपनी रचनाएं भी साझा की और सजीव से उनकी वायु सेना और एक शिक्षक के रूप में और अब एक साहित्यकार के रूप में जीवन के अनुभवों को साझा किया। 

इस अवसर पर वेलम स्कूल की प्रधानाध्यापिका अध्यापिका गुनमीत बिंद्रा,  मुख्य पुस्तकालय अध्यक्ष अमिता,  डॉक्टर दिव्यांशा शर्मा, डॉ रीता गुप्ता, छात्र समूह के प्रतिनिधि विराज, श्रेयांश, अभिमन्यु आदि उपस्थित रहे।

वेल्हम बॉयज स्कूल में पुस्तक मेले का आयोजन  


 

देहरादून। वेल्हम बॉयज स्कूल में पुस्तक मेले का उद्घाटन उत्तराखंड के साहित्यकार, कवि एवं फिल्म फिल्म समीक्षक संजीव कुमार शर्मा ने किया। बतौर मुख्य अतिथि श्री शर्मा ने अध्यापकों एवं छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र  एवं युवा पीढ़ी किसी भी विद्यालय, समाज एवं सभ्यता का निर्माण करते हैं। युवा पीढ़ी का साहित्य के प्रति जागरूक रहना एवं साहित्य निर्माण में सकारात्मक भूमिका का दीवाना अत्यंत आवश्यक है। और मुझे खुशी है कि वेल्हम बॉयज स्कूल जैसी महान शैक्षिक संस्थाएं इसमें बहुत ही बेहतर योगदान दे रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर पुस्तक अपने आप में एक संपूर्ण विद्यालय होती है। बस हमें उसकी गहराइयों तक उतरना होता है।

संजीव का स्वागत स्कूल की प्रधानाध्यापिका मिस गुनमीत बिंद्रा अपने स्टाफ के अन्य कर्मचारियों वाह छात्र प्रतिनिधियों के साथ किया। सजीव में रिबन काटकर पुस्तक मेले का उदघाटन किया। स्कूल की प्रधानाध्यापिका एवं छात्र प्रतिनिधियों ने उन्हें स्कूल का स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।  तत्पश्चात पुस्तक मेले का निरीक्षण करने के बाद संजीव ने स्कूल के साहित्यकारों समूह के प्रतिनिधियों के साथ वार्तालाप किया तथा एक समाज के निर्माण में साहित्य और साहित्यकारों की भूमिका के ऊपर संवाद किया। इस अवसर पर लेखक एवं फिल्म समीक्षक और कवि संजीव की पुस्तकों को भी रखा गया जिनको स्कूल की प्रधानाध्यापिका अभिभावकों एवं छात्रों ने खरीद कर संजीव के द्वारा ऑटोग्राफ लिए। संजीव की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक व्हाई वी गो टू मूवीस को बहुत सराहा गया और उसकी बहुत सारी प्रतियां छात्रों ने ली। इस अवसर पर संजीव को विद्यालय की वार्षिक पत्रिका एवं पुस्तकों से भी नवाजा गया। साहित्यिक गोष्ठी के दौरान कई छात्रों ने अपनी रचनाएं भी साझा की और सजीव से उनकी वायु सेना और एक शिक्षक के रूप में और अब एक साहित्यकार के रूप में जीवन के अनुभवों को साझा किया। 

इस अवसर पर वेलम स्कूल की प्रधानाध्यापिका अध्यापिका गुनमीत बिंद्रा,  मुख्य पुस्तकालय अध्यक्ष अमिता,  डॉक्टर दिव्यांशा शर्मा, डॉ रीता गुप्ता, छात्र समूह के प्रतिनिधि विराज, श्रेयांश, अभिमन्यु आदि उपस्थित रहे।

गेल ने घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए पाॅकेट फ्रेंडली भुगतान विकल्प शुरू किए


 

देहरादून। गेल गैस ने अपना पंजीकरण शुल्क हटाते हुए घरेलू पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिए विभिन्न पाॅकेट फ्रेंडली भुगतान विकल्प शुरू किए हैं और पंजीकरण शुल्क हटा दिया है। यह भुगतान विकल्प विभिन्न आय वर्ग से भावी ग्राहकों को अपने रसोई घर के ईंधन के रूप में पीएनजी का चयन करने में मदद करेंगे। कंपनी ने इन भुगतान विकल्पों के माध्यम से घरेलू पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिए यह एक प्रकार की सुविधा प्रदान की है।  

आईएसबीटी स्थित गेल कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में गेल की वरिष्ठ प्रबंधक कार्पारेट संचार शिल्पी टंडन ने बताया कि कंपनी ने घरेलू कनेक्शन लेने के लिए तीन भुगतान विकल्प शुरु किए हैं। पहला विकल्प कनेक्शन सुरक्षा जमा में 1000 रुपये की कटौती के साथ ग्राहकों को लुभाता है। गैस आपूर्ति शुरु होने से पहले ग्राहकों को चार हजार रूपये रिफंडेबल कनेक्शन जमा का भुगतान करना होगा। दूसरा विकल्प आसान ईएमआई में कनेक्शन सिक्योरिटी डिपाॅजिट के भुगतान को सीमित करता है। प्रतिनिदिन पांच रुपये का भुगतान का विकल्प हजार दिनों के लिए रिफंडेबल राशि और कोई अपफ्रंट कनेक्शन सिक्योरिटी डिपाजिट नहीं लिया जाएगा। तीसरे विकल्प में केवल एक रुपये प्रतिदिन के साथ किराए के रूप में लिया जाएगा। वहीं गैरवापसी योग्य होगा। सभी विकल्पों में गैस की खपत के लिए पांच सौ रुपये रिफंडेबल पेमेंट सिक्योरिटी डिपाॅजिट लिया जाएगा। कोई पंजीकरण शुल्क लागू नहीं होगा। यह कंपनी प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने का इरादा रखती है और भुगतान विकल्पों के साथ ग्राहकों को विकल्प के रूप में प्राकृतिक गैस का विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित करती है। पत्रकार वार्ता में गेल के स्थानीय इंचाज मनीष गोयल भी उपस्थित रहे

उत्तरकाशी में बोलेरो वाहन खाई गिरा, तीन लोगों की मौत, सात घायल


 

देहरादून। उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी-गोरशाली मोटर मार्ग पर पाही गांव के समीप बरात में शामिल एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।  जानकारी के अनुसार दुर्घटना बीती देर रात की है।  बारात में शामिल कुछ लोग बोलेरो वाहन से गौरशाली गांव जा रहे थे। इस दौरान भटवाड़ी घनसाली मोटर मार्ग पर पाई गांव के पास बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर 100 मीटर खाई में गिर गया। हादसे में वाहन में सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हुई, जबकि दो व्यक्तियों की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना की सूचना पर गंगोत्री विधायक गोपाल रावत, जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष चैहान सहित जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और मनेरी पुलिस टीम ने रेस्क्यू कर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मृतकों में चालक महेंद्र पाल (35 वर्ष) निवासी लाटा अतर सिंह (50 वर्ष) निवासी गौरशाली गांव और अनूप रावत (35 वर्ष) निवासी लाटा शामिल हैं। वहीं, घायलों में यशवंत सिंह, राजेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, रामपाल सिंह, निवासीगण गौरशाली गांव, नरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह निवासीगण लाटा गांव शामिल हैं।

मंत्री धन सिंह ने श्रीनगर में बनने वाले नये बस अड्डे के संबंध में ली अधिकारियों की बैठक


देहरादून। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 धन सिंह रावत ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में श्रीनगर में बनने वाले नये बस अड्डे के संबंध में आवास विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

उन्होंने कहा कि श्रीनगर में काफी समय से नये बस अड्डे के निर्माण की मांग की जा रही है। पिछली सरकार ने इस बस अड्डे को पीपीपी मोड़ में देने की बात कही थी। लेकिन अभी तक उसमें कोई प्रगति नहीं हुई है। इसका मुख्य कारण एनजीटी द्वारा नदी से 100 मीटर दूरी तक कोई भी स्थाई निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है। इस सम्बन्ध में सारी चीजों का अध्ययन कर एनजीटी के सम्बन्ध में जो भी समस्या होगी उस विषय पर आवास विभाग कोर्ट में अपना विषय रखेगा। इस अवसर पर प्रभारी सचिव शहरी विकास अरविन्द सिंह ह्यांकी एवं अपर सचिव आवास सुनील श्री पांथरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की

देहरादून। जल विद्युत निगम में एक निजी कंपनी को एक कार्य के दो अनुबंध और 21 दिनों में 9 करोड का कार्य करने पर युवा सेना के प्रदेश कार्यकारिणी ने सवाल खड़े किए है। इस पूरे मामले की घोटाले की आंशका जताते हुए कार्यकारिणी ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की।

युवा सेना प्रदेश उपाध्यक्ष दर्शन डोभाल के नेतृत्व में युवा सेना कार्यकर्ता जीएमएस रोड स्थित जल विद्युत निगम कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। इसके बाद प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए दर्शन लाल डोभाल ने कहा कि विभाग की ओर से मई माह में यमुना वैली स्थित डाक पत्थर बैराज में 21 दिनों के भीतर 9.30 करोड के कार्य करवाना अपने आप में सवाल खड़े करता है। वहीं संबधित कंपनी को एक काम के दो अनुबंध पत्र जारी करने से इस पूरे मामले का सवालों के घेरे में खड़ा करता है। कहा कि अगर इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही नही की गई तो युवा सेना प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस मौके पर संजीव सुजाईक, भूपेंद्र भट्ट, सूर्य भट्ट, दीपक शर्मा, राकेश सकलानी, राहुल चैहान आदि मौजूद रहे।

दिल्ली में पर्यावरण प्रदूषित होने से अभिभावक बच्चों के एडमिशन के लिए पहुंच रहे दून

देहरादून। दिल्ली में पर्यावरण खराब होने की वजह से कई अभिभावक एडमिशन के लिए देहरादून में रजिस्ट्रेशन कराने पहुंच रहे हैं। प्रिंसिपल प्रोगेसिव स्कूल एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उपाध्यक्ष डीएस मान ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पर्यावरण खराब होने से बड़ी संख्या में अभिभावक देहरादून में प्रवेश के लिए पंजीकरण करवा रहे हैं।

डीएस मान ने कहा कि 20 से 22 दिसंबर तक देहरादून में नेशनल कॉन्फ्रेंस होगी। टीचर्स की ट्रेनिंग और बेहतर कार्य करने वाले प्रिंसिपल व शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। इसमें कुछ विदेशी प्रिंसिपल व शिक्षक भी शामिल होंगे।बताया कि तीन दिन के इस आयोजन में टीचर्स को नई शिक्षा पद्धति, शिक्षा के बदलाव समेत कई अन्य विषय पर सत्र आयोजित होंगे। इसमें देशभर के करीब 200 प्रिंसिपल और करीब 300 शिक्षक शामिल होंगे। पीपीएसए के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को एजूकेशन हब बनाने की कोशिशों में लगी है। जिसमें निजी स्कूल भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। हमारे पास उद्योगों की बहुत ज्यादा संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें एजूकेशन इंडस्ट्री पर फोकस करना होगा। इससे राज्य में जहां रोजगार के साधन विकसित होंगे, वहीं अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा। 

काम पर लौटे शुगर मिल के हड़ताली कर्मचारी

ऋषिकेश। वेतन की मांग को लेकर तीन दिनों से कार्य बहिष्कार कर रहे मिल के 600 कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांगों को मान लिया है। कर्मचारियों को एक माह का वेतन और दो साल के ओवरटाइम का पैसा दिया जा चुका है। दरअसल, 28 नवंबर को डोइवाला शुगर मिल में पेराई सत्र के उद्घाटन के लिए प्रभारी मंत्री यशपाल आर्य पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान यशपाल आर्य को भी हड़ताली कर्मचारियों का विरोध झेलना पड़ा था। गुस्साए कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए थे। शुगर मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह रावत ने बताया कि जो कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने मांगे पूरी होने के बाद अपना धरना खत्म कर दिया है। एक या दो दिन में शुगर मिल का पेराई सत्र का कार्य शुरू हो जाएगा।

15 दिसंबर तक फाइनल हो जाएगी भाजपा की नई कार्यकारिणी

देहरादून। उत्तराखंड बीजेपी में संगठन चुनाव अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच गये हैं। पंचायत चुनाव की वजह से संगठन चुनाव में हुई एक माह देरी के बाद अब चुनाव समिति ने इसमें तेजी दिखाई है। इसके बाद 15 दिसंबर तक प्रदेश स्तर पर गठन की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। 

राज्य में जुलाई से संगठन चुनाव की शुरू हुई प्रक्रिया अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है। इसमें 6 जुलाई से अगस्त तक जहां पार्टी में सदस्यता अभियान चलाया गया। वहीं, सितंबर से बूथ स्तर पर हुए चुनाव प्रारंभ किए गए। राज्य में 11 सितंबर से 30 सितंबर तक बूथ अध्यक्ष और समिति सदस्य चुनाव करवाए गए। इसके बाद अक्टूबर माह में होने वाले मंडल अध्यक्ष के चुनाव प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव के चलते डिले हुए। जिनको शनिवार तक पूर्ण करवा लिया जाएगा। बता दें, प्रदेश में 251 मंडल हैं और इतने ही प्रतिनिधि मंडल से चुने जाने हैं। जो कि राज्य के 14 जिलों के जिला अध्यक्षों का चुनाव करेंगे। प्रदेश चुनाव अधिकारी बलवंत सिंह भौर्याल के मुताबिक 5 दिसंबर तक जिला अध्यक्षों का भी चुनाव कर लिया जाएगा, जबकि 15 दिसंबर तक राज्य में प्रदेश अध्यक्ष को भी चयनित कर लिया जाएगा।

एनसीसी निदेशालय में 71वें एनसीसी दिवस को धूमधाम से मनाया गया


 

देहरादून। एनसीसी निदेशालय उत्तराखण्ड द्वारा आज 71वें एनसीसी दिवस को एनसीसी निदेशालय में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व कई स्कूल कालेजों के कुलपति, प्रधानाचार्य, सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर एनसीसी निदेशालय  अपर महानिदेशक मेजर जनरल सुधीर बहल ने कहा कि युवाओं को माडल नागरिक बनाने व राष्ट्र निर्माण में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होने बताया कि यह धारणा गलत है एनसीसी मुख्य रूप से रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए इच्छुक युवाओं के लिए ही है। कहा कि व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल का ज्ञान और चरित्र निर्माण जो एनसीसी प्रशिक्षण के माध्यम से होता है यह किसी भी पेशे में एक कैडिट को सफलता दिलाता है। उन्होेने विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्तराखण्ड निदेशालय द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सभी कैडेट्स को बधाई दी। सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एनसीसी कैडटस को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और  युवाओं को संवारने में एनसीसी द्वारा निभाई जा रही भूमिका की सराहना की। उन्होने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार एनसीसी गतिविधियों को सभी सहायता प्रदान करती रहेगी। एनसीसी कैडेट्स और कर्मियों को मुख्यमंत्री द्वारा संगठन के लिए उत्कृष्ठ उपलब्धियों और  समर्पित सेवा के लिए सम्मानित किया।

युवा कांग्रेस ने फूंका भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर का पुतला


 

देहरादून। युवा कांग्रेस द्वारा जिला अध्यक्ष भूपेन्द्र नेगी के नेतृत्व में आतंकवाद की आरोपी भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर द्वारा संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देश भक्त बोलने के विरोध में प्रज्ञा ठाकुर व प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया।

इस अवसर पर भूपेन्द्र नेगी ने कहा कि गोडसे को देशभक्त बताकर प्रज्ञा ठाकुर ने साफ कर दिया है कि भाजपा गांधीवाद को नहीं बल्कि गोडसे की विचारधारा को मानने वाली पार्टी है और देश में गांधीवादी विचारधारा को खत्म करना चाहती है। प्रदेश महासचिव संदीप चमोली ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर के शब्द अमित शाह की विचारधारा को प्रकट करते है व ऐसे शब्दों के लिए प्रज्ञा ठाकुर जैसे लोगोें को भाजपा चुनाव लड़ाकर संसद की गरिमा को खत्म करना चाहती है। यही कारण है कि आज पूरे प्रदेश में प्रज्ञा ठाकुर का पुतला दहन किया जा रहा है। इस मौके पर विजय रतूड़ी, गौतम सोनकर, हेमन्त कुकरेती, आयुष सेमवाल, रोहित कण्डवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

अतुल की गुमशुदगी अपहरण में तरमीम

-घटनास्थल के समीप दो युवक और दो युवती के मौजूद होने पर उनकी तलाश में पुलिस

 

देहरादून। रायपुर थाना पुलिस ने मालदेवता में नहर में डूबे युवक का सुराग नहीं लगने पर गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम कर दिया है। पुलिस और एसडीआरएफ के काफी खोजबीन के प्रयास के बाद भी अतुल का सुराग नहीं लग सका है। पुलिस ने घटना वाले दिन हुई मोबाइल कॉल का डंप डाटा एकत्रित किया है।

रायपुर एसएसआई मनोहर रावत ने बताया कि 15 नवंबर को अतुल परासर पुत्र जयकिशन निवासी तिगाव फरीदाबाद हरियाणा दून पहुंचा था। अतुल दून में रहने वाली युवती से मिलने पहुंचा था। इसी दिन ही दोनों स्कूटर से मालदेवता घूमने गए थे। दोनों मालदेवता में नहर किनारे बैठे थे। 

दोपहर में युवती ने पुलिस को सूचना दी कि अतुल मालदेवता में नहर में उतरा था, जहां पैर फिसलने से वह डूब गया। पुलिस और एसडीआरएफ ने उसकी खोजबीन की, लेकिन अतुल का सुराग नहीं लगा। इस सूचना पर परिजन दून पहुंचे थे। अतुल के भाई मनोज पराशर ने उसकी गुमशुदगी रायपुर थाने में दर्ज कराई थी। इस घटना को 15 दिन बीत जाने के बाद भी अतुल का सुराग नहीं लग सका है। इस पर परिजनों ने पुलिस अफसरों से मिलकर अतुल के अपहरण का आरोप लगाया। परिजनों ने अनहोनी की आशंका भी जाहिर की है। पुलिस ने दोबारा से युवती से पूछताछ की, जिस पर युवती अपने पुराने बयानों पर कायम है। इस बीच पुलिस को जानकारी मिली है कि मौके पर दो युवक और युवती मौजूद थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है ताकि घटना की सच्चाई के बारे में पुलिस को पता चल सके। इसके लिए पुलिस ने घटनास्थल और घटना के समय के दौरान हुई मोबाइल कॉल का डंप डाटा जुटाया है। एसएसआई मनोहर रावत ने बताया कि कुछ मोबाइल नंबर हासिल कर उन लोगों से पूछताछ की जाएगी। युवक का सुराग नहीं लग सका है।

जेपी पांडे की मूर्ति विधानसभा में लगाए लगाने की मांग 

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के मुख्य प्रचार समन्वयक पूर्व राज्य मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने विख्यात राज्य आन्दोलनकारी जेपी पांडे की मूर्ति राज्य की विधानसभा में लगाए जाने की मांग की है। धीरेंद्र प्रताप कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष राजेश रस्तोगी के नेतृत्व में आयोजित जेपी पांडे स्मृति में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। 

उत्तराखंड राज्य आंदोलन में जेपी पांडे के ऐतिहासिक योगदान का स्मरण करते हुए धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि जे पी पांडे ने जिस तरह से राज्य निर्माण में बढ़ चढ़कर भाग लिया और उसके बाद राज्य के नवनिर्माण में लगातार बढ़-चढ़कर भाग लिया अब समय आ गया है कि उनके योगदान को सम्मानित किया जाए। राजनीतिक जीवन में उनकी उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मांग की है कि वे जेपी पांडे की स्मृति में तत्काल हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर एक घाट का नाम जेपी पांडे घाट और उनकी प्रतिमा राज्य विधानसभा और हरिद्वार में तत्काल लगाने के आदेश जारी करें धीरेंद्र प्रताप ने मुख्यमंत्री से गैर सेंड के सवाल पर भी तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा है कि यदि स्पर्श निर्णय लिया गया राज्य के तमाम जानकारी मुख्यमंत्री आवास के घेराव को मजबूर होंगे उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की महिला संगठन की बैठक आगामी 4 दिसंबर को देहरादून के रायवाला में होगी जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी करेंगे और इस बैठक को उनके अलावा प्रमुख राज्य आंदोलनकारी वीरा भंडारी इस बैठक को संबोधित करेंगी।

फिल्म मुद्दा 370 जे एंड के का टीजर रिलीज किया


देहरादून। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में फिल्म मुद्दा 370 जे एंड के फिल्म का टीजर रिलीज किया। उन्होंने फिल्म को ऐतिहासिक तथ्यों तथा समसामयिक विषय पर आधारित बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धारा 370 के हटने से कश्मीर को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने में मदद मिली है। इस धारा के कारण कश्मीर देश की मुख्य धारा से अलग ही नहीं था, बल्कि तमाम बन्दिशों का भी सामना कर रहा था। अब कश्मीर खुले में सांस लेने लगा है, आने वाले समय में इसके दूरगामी परिणाम सामने आयेंगे तथा कश्मीर पुनः धरती का स्वर्ग बनेगा।

उन्होंने फिल्म की 50 प्रतिशत शूटिंग उत्तरकाशी के जखौल, मोरी, पुरोला क्षेत्र में किये जाने की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिल्मांकन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के साथ ही प्रदेश व अन्य क्षेत्र भी फिल्मांकन के अनुकूल है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के जखौल क्षेत्र के विकास के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं। वहां पर हेलीपैड के साथ ही हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया है। इस क्षेत्र को हिमाचल से जोड़ने के लिये 12 कि.मी सडक का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड माउन्टेनियरिंग का भी पसंदीदा स्थल है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्य में फिल्मों के निर्माण से देश व दुनिया के सामने यहां के नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य की पहचान बनेगी तथा अनेक अनछुए क्षेत्र, देश व दुनिया के सामने आयेंगे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वे अपनी अगली फिल्म पी.ओ.के का निर्माण आरम्भ करेंगे।

फिल्म के निर्माता श्री भवर सिंह पुंडीर तथा निर्देशक श्री राकेश सावंत ने बताया कि यह फिल्म कश्मीर के ज्वलंत मुद्दों तथा कश्मीर से हुए पलायन के दर्द को बयां करती है। उन्होंने कहा कि फिल्म की 50 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखण्ड में की गई है। उनका मानना था कि उत्तराखण्ड का सौन्दर्य कश्मीर से कम नहीं है। स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि यह फिल्म देश भर के थियेटरों में प्रदर्शित की जायेगी। कश्मीर के लिये उत्तराखण्ड का परोक्ष रूप से बड़ा योगदान रहा है। यहां के सैनिकों ने वहीं पर अपना बलिदान दिया है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री जी से इसका टीजर रिलीज करने का अनुरोध किया गया है। इस अवसर पर विधायक बिशन सिंह चुफाल, सुरेश राठौर, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार के.एस. पंवार, राजकुमार सैनी सहित फिल्म के कलाकार आदि उपस्थित थे।


 

देहरादून, आजखबर। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में फिल्म मुद्दा 370 जे एंड के फिल्म का टीजर रिलीज किया। उन्होंने फिल्म को ऐतिहासिक तथ्यों तथा समसामयिक विषय पर आधारित बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धारा 370 के हटने से कश्मीर को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने में मदद मिली है। इस धारा के कारण कश्मीर देश की मुख्य धारा से अलग ही नहीं था, बल्कि तमाम बन्दिशों का भी सामना कर रहा था। अब कश्मीर खुले में सांस लेने लगा है, आने वाले समय में इसके दूरगामी परिणाम सामने आयेंगे तथा कश्मीर पुनः धरती का स्वर्ग बनेगा।

उन्होंने फिल्म की 50 प्रतिशत शूटिंग उत्तरकाशी के जखौल, मोरी, पुरोला क्षेत्र में किये जाने की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिल्मांकन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के साथ ही प्रदेश व अन्य क्षेत्र भी फिल्मांकन के अनुकूल है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के जखौल क्षेत्र के विकास के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं। वहां पर हेलीपैड के साथ ही हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया है। इस क्षेत्र को हिमाचल से जोड़ने के लिये 12 कि.मी सडक का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड माउन्टेनियरिंग का भी पसंदीदा स्थल है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्य में फिल्मों के निर्माण से देश व दुनिया के सामने यहां के नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य की पहचान बनेगी तथा अनेक अनछुए क्षेत्र, देश व दुनिया के सामने आयेंगे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वे अपनी अगली फिल्म पी.ओ.के का निर्माण आरम्भ करेंगे।

फिल्म के निर्माता श्री भवर सिंह पुंडीर तथा निर्देशक श्री राकेश सावंत ने बताया कि यह फिल्म कश्मीर के ज्वलंत मुद्दों तथा कश्मीर से हुए पलायन के दर्द को बयां करती है। उन्होंने कहा कि फिल्म की 50 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखण्ड में की गई है। उनका मानना था कि उत्तराखण्ड का सौन्दर्य कश्मीर से कम नहीं है। स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि यह फिल्म देश भर के थियेटरों में प्रदर्शित की जायेगी। कश्मीर के लिये उत्तराखण्ड का परोक्ष रूप से बड़ा योगदान रहा है। यहां के सैनिकों ने वहीं पर अपना बलिदान दिया है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री जी से इसका टीजर रिलीज करने का अनुरोध किया गया है। इस अवसर पर विधायक बिशन सिंह चुफाल, सुरेश राठौर, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार के.एस. पंवार, राजकुमार सैनी सहित फिल्म के कलाकार आदि उपस्थित थे।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 71वीं बैठक आयोजित, डिजिटल भुगतान योजना में बैंकर्स बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करें


 

देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 71 वीं बैठक एक स्थानीय होटल में आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रायः देखने में आया है कि बैंकर्स समिति की बैठक तीन माह में होने के कारण विभाग तथा बैंकर्स में संवादहीनता की स्थिति आती हैं, जिसको देखते हुए निर्णय लिया गया है कि लीड बैंक के साथ प्रत्येक माह में विभाग तथा बैंकर्स की समीक्षा बैठक की जाए। उन्होंने कहा कि इन मासिक रिव्यू बैठकों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाती है तथा समस्याओं का समाधान भी किया जाता है। उन्होंने बैंकर्स से इन मासिक रिव्यू बैठकों में सम्पूर्ण जानकारी के साथ प्रतिभाग करने की अपेक्षा की।

 उन्होंने कहा कि विगत मासिक बैठक में कतिपय बैंकर्स की मासिक रिव्यू बैठक में अनुपस्थिति संकेत देती है कि वह इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो अनुचित हैं। उन्होंने बैंकर्स द्वारा निरस्त किये जाने वाले ऋण आवेदनों पर निरस्तीकरण का कारण स्पष्ट उल्लेख करने के निर्देश दिए ताकि मासिक बैठकों में बैंकर्स या विभागीय स्तर से हुई कमी को ऐसे आवेदनों को ठीक कराया जा सके। उन्होंने सभी बैंकों से प्राप्त ऋण आवेदनों को बैंकेबिल बनाने में सहयोग देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के डिजिटल भुगतान योजना में बैंकर्स बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करें ताकि कोई भी गांव बैंक की सेवा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जिला प्रबंधक अल्मोड़ा को मॉडल के रूप में नामित किया गया हैं। उन्होंने अल्मोड़ा जनपद के सभी स्टेक होल्डर्स, बैंकर्स, सरकारी विभागों से इसे साकार करने के लिए बढ़-चढ़कर योगदान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद अल्मोड़ा में संचालित योजनाओं को शत-प्रतिशत डिजिटलाइज्ड करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना की प्रगति को क्रास चेक कराने के भी निर्देश दिए ताकि वास्तविक प्रगति धरातल में दिखाई दे। उन्होंने कम ऋण-जमा अनुपात वाले जनपदों के बैंकर्स को अपने क्षेत्रान्तर्गत कृषि तथा सेवा क्षेत्र में अधिक से अधिक ऋण देकर ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने की अपेक्षा की। ज्ञातव्य है कि सबसे कम ऋण-जमा अनुपात अल्मोड़ा 22 प्रतिशत, रूद्रप्रयाग 23 प्रतिशत, पौड़ी 24 प्रतिशत, चम्पावत 27 प्रतिशत तथा बागेश्वर का 28 प्रतिशत है।

      सचिव वित्त अमित सिंह नेगी द्वारा समस्त विभागाध्यक्षों से प्रेषित ऋण आवेदनों को ऑनलाईन पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि हर स्तर पर आवेदन पत्रों की प्रगति पर निगरानी संभव हो सके। उन्होंने जी.आई.एस पोर्टल पर अपलोड गांव जिनमें 05 किलोमीटर की परिधि में बैंकिंग की आधारभूत सुविधा नहीं हैं, के संदर्भ में बैंक द्वारा प्रेषित गांव की सूची का पुनः परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योग निदेशक को नए क्लस्टर शीघ्र चिन्ह्ति कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक विजय रंजन ने कहा कि केन्द्रीय सरकार द्वारा एग्रीकल्चर बारोवर स्कीम के अंतर्गत किसानों को वन टाइम सेटलमेंट योजना का लाभ देकर पुनः ऋण देकर कृषि निवेश को बढ़ाया जाए। उन्होंने सभी बैंकर्स से योजना का लाभ काश्तकारों को दिलाने की अपेक्षा की। उन्होंने बैंक नियंत्रकों से प्राप्त ऋण आवेदन को समय-सीमा के अंतर्गत के निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न योजनाओं का लाभ समयबद्वता से पात्रों को मिल सके। उन्होंने प्रदेश सरकार से भी बैंक के नॉन परफार्मिंग एसेस्ट की वसूली में सहयोग की अपेक्षा की तथा राज्य के आर्थिक विकास में सभी बैंकर्स की ओर से बढ़ चढ़कर सहयोग देने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर महा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक, प्रधान कार्यालय नई दिल्ली बरकत अली ने समिति में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं बैंकर्स का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के द्वितीय त्रैमास की समाप्ति पर वार्षिक ऋण योजना हेतु निर्धारित रू. 22011.28 करोड़ के सापेक्ष बैंकों द्वारा 10324.15 करोड़ की उपलब्धि दर्ज की गई जो कि 47 प्रतिशत है। उन्होंने इस त्रैमास में कृषि क्षेत्र में वार्षिक लक्ष्य 10385.05 करोड़ के सापेक्ष 3965.28 करोड़ के ऋण वितरित किए गए, जिसे अगले त्रैमास में और बढ़ाने की बैंकर्स से अपेक्षा की। उन्होंने ऋण के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए एसबीआई ई मुद्रा पोर्टल के बारे में भी लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने हेतु उद्योग, पर्यटन, शहरी विकास एवं सेवा क्षेत्र के विभागों से प्रचार-प्रसार करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि इस योजना में आवेदक को बैंक में आने की जरूरत नहीं हैं। केवल मोबाइल एप के माध्यम से कुछ जानकारियां देकर 50 हजार रूपये का ऋण प्राप्त किया जा सकता है।

        नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील चावला ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए तथा ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने के लिए अभिनव प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बैंकिंग नेटवर्क एवं वित्तीय साक्षरता में बैंकर्स को अधिकाधिक साक्षरता शिविर आयोजन करने के निर्देश दिये तथा साक्षरता शिविरों हेतु नाबार्ड से भी मदद का आश्वासन दिया। उप महाप्रबंधक भारतीय रिसर्व बैंक तारिका सिंह ने अपेक्षा की विभिन्न उत्पादों के लिए प्रदेश के विभिन्न स्तरों में क्लस्टर का चयन कर लिया जाए तथा संबंधित डीपीआर बनाकर प्रस्तावित की जाये ताकि क्लस्टर के माध्यम से क्षेत्र के काश्तकारों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने निदेशक उद्योग को नए विकसित होने वाले क्लस्टरों की सूची तैयार करने की अपेक्षा की।

      सहायक महाप्रबंधक एस.एल.बी.सी. स्टेट बैंक रमेश पंत द्वारा बैठक का संचालन करते हुए बताया गया कि प्रत्येक माह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैंकर्स एवं विभाग के साथ बैठक करने से ऋण जमा अनुपात में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में प्रायः जमीन के भू उपयोग परिवर्तन न होने के कारण ऋण आवेदन निरस्त होने से लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा इस संबंध में पहल करने से अब योजना में प्रगति आने की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने होमस्टे विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्टैण्ड अप इंडिया योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए प्रति माह होने वाली बैठक में इनकी अत्यधिक प्रगति के साथ विभागाध्यक्ष को प्रतिभाग करने की अपेक्षा की। बैठक में सचिव वित्त अमित सिंह नेगी, अपर सचिव पर्यटन सोनिका, अपर सचिव ऊर्जा आलोक शेखर तिवारी, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, निबन्धक सहकारी समिति श्री त्रिपाठी, डी.जी.एम एस.बी.आई. बी.एल. सैनी तथा संबंधित विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

Friday, 29 November 2019

संस्कृति विभाग के कलाकारों के मानदेय दुगना करेगी सरकार


देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संस्कृति विभाग के कलाकारों के मानदेय को दुगना किये जाने पर सहमति व्यक्त की है। प्रदेश के संस्कृति कर्मियों के मानदेय में उनके परिश्रम एवं समर्पण भाव के दृष्टिगत उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड संस्कृति एवं कला परिषद घनानन्द ने संस्कृति कलाकारों के मानदेय को दुगना किये जाने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया था, जिस पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अपनी लोक संस्कृति के प्रति समर्पित कलाकारों के हित में यह निर्णय लिया है।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 71वीं बैठक आयोजित, डिजिटल भुगतान योजना में बैंकर्स बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करें


देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 71 वीं बैठक एक स्थानीय होटल में आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रायः देखने में आया है कि बैंकर्स समिति की बैठक तीन माह में होने के कारण विभाग तथा बैंकर्स में संवादहीनता की स्थिति आती हैं, जिसको देखते हुए निर्णय लिया गया है कि लीड बैंक के साथ प्रत्येक माह में विभाग तथा बैंकर्स की समीक्षा बैठक की जाए। उन्होंने कहा कि इन मासिक रिव्यू बैठकों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाती है तथा समस्याओं का समाधान भी किया जाता है। उन्होंने बैंकर्स से इन मासिक रिव्यू बैठकों में सम्पूर्ण जानकारी के साथ प्रतिभाग करने की अपेक्षा की।

 उन्होंने कहा कि विगत मासिक बैठक में कतिपय बैंकर्स की मासिक रिव्यू बैठक में अनुपस्थिति संकेत देती है कि वह इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो अनुचित हैं। उन्होंने बैंकर्स द्वारा निरस्त किये जाने वाले ऋण आवेदनों पर निरस्तीकरण का कारण स्पष्ट उल्लेख करने के निर्देश दिए ताकि मासिक बैठकों में बैंकर्स या विभागीय स्तर से हुई कमी को ऐसे आवेदनों को ठीक कराया जा सके। उन्होंने सभी बैंकों से प्राप्त ऋण आवेदनों को बैंकेबिल बनाने में सहयोग देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के डिजिटल भुगतान योजना में बैंकर्स बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करें ताकि कोई भी गांव बैंक की सेवा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जिला प्रबंधक अल्मोड़ा को मॉडल के रूप में नामित किया गया हैं। उन्होंने अल्मोड़ा जनपद के सभी स्टेक होल्डर्स, बैंकर्स, सरकारी विभागों से इसे साकार करने के लिए बढ़-चढ़कर योगदान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद अल्मोड़ा में संचालित योजनाओं को शत-प्रतिशत डिजिटलाइज्ड करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना की प्रगति को क्रास चेक कराने के भी निर्देश दिए ताकि वास्तविक प्रगति धरातल में दिखाई दे। उन्होंने कम ऋण-जमा अनुपात वाले जनपदों के बैंकर्स को अपने क्षेत्रान्तर्गत कृषि तथा सेवा क्षेत्र में अधिक से अधिक ऋण देकर ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने की अपेक्षा की। ज्ञातव्य है कि सबसे कम ऋण-जमा अनुपात अल्मोड़ा 22 प्रतिशत, रूद्रप्रयाग 23 प्रतिशत, पौड़ी 24 प्रतिशत, चम्पावत 27 प्रतिशत तथा बागेश्वर का 28 प्रतिशत है।

      सचिव वित्त अमित सिंह नेगी द्वारा समस्त विभागाध्यक्षों से प्रेषित ऋण आवेदनों को ऑनलाईन पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि हर स्तर पर आवेदन पत्रों की प्रगति पर निगरानी संभव हो सके। उन्होंने जी.आई.एस पोर्टल पर अपलोड गांव जिनमें 05 किलोमीटर की परिधि में बैंकिंग की आधारभूत सुविधा नहीं हैं, के संदर्भ में बैंक द्वारा प्रेषित गांव की सूची का पुनः परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योग निदेशक को नए क्लस्टर शीघ्र चिन्ह्ति कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक विजय रंजन ने कहा कि केन्द्रीय सरकार द्वारा एग्रीकल्चर बारोवर स्कीम के अंतर्गत किसानों को वन टाइम सेटलमेंट योजना का लाभ देकर पुनः ऋण देकर कृषि निवेश को बढ़ाया जाए। उन्होंने सभी बैंकर्स से योजना का लाभ काश्तकारों को दिलाने की अपेक्षा की। उन्होंने बैंक नियंत्रकों से प्राप्त ऋण आवेदन को समय-सीमा के अंतर्गत के निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न योजनाओं का लाभ समयबद्वता से पात्रों को मिल सके। उन्होंने प्रदेश सरकार से भी बैंक के नॉन परफार्मिंग एसेस्ट की वसूली में सहयोग की अपेक्षा की तथा राज्य के आर्थिक विकास में सभी बैंकर्स की ओर से बढ़ चढ़कर सहयोग देने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर महा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक, प्रधान कार्यालय नई दिल्ली बरकत अली ने समिति में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं बैंकर्स का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के द्वितीय त्रैमास की समाप्ति पर वार्षिक ऋण योजना हेतु निर्धारित रू. 22011.28 करोड़ के सापेक्ष बैंकों द्वारा 10324.15 करोड़ की उपलब्धि दर्ज की गई जो कि 47 प्रतिशत है। उन्होंने इस त्रैमास में कृषि क्षेत्र में वार्षिक लक्ष्य 10385.05 करोड़ के सापेक्ष 3965.28 करोड़ के ऋण वितरित किए गए, जिसे अगले त्रैमास में और बढ़ाने की बैंकर्स से अपेक्षा की। उन्होंने ऋण के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए एसबीआई ई मुद्रा पोर्टल के बारे में भी लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने हेतु उद्योग, पर्यटन, शहरी विकास एवं सेवा क्षेत्र के विभागों से प्रचार-प्रसार करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि इस योजना में आवेदक को बैंक में आने की जरूरत नहीं हैं। केवल मोबाइल एप के माध्यम से कुछ जानकारियां देकर 50 हजार रूपये का ऋण प्राप्त किया जा सकता है।

        नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील चावला ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए तथा ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने के लिए अभिनव प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बैंकिंग नेटवर्क एवं वित्तीय साक्षरता में बैंकर्स को अधिकाधिक साक्षरता शिविर आयोजन करने के निर्देश दिये तथा साक्षरता शिविरों हेतु नाबार्ड से भी मदद का आश्वासन दिया। उप महाप्रबंधक भारतीय रिसर्व बैंक तारिका सिंह ने अपेक्षा की विभिन्न उत्पादों के लिए प्रदेश के विभिन्न स्तरों में क्लस्टर का चयन कर लिया जाए तथा संबंधित डीपीआर बनाकर प्रस्तावित की जाये ताकि क्लस्टर के माध्यम से क्षेत्र के काश्तकारों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने निदेशक उद्योग को नए विकसित होने वाले क्लस्टरों की सूची तैयार करने की अपेक्षा की।

      सहायक महाप्रबंधक एस.एल.बी.सी. स्टेट बैंक रमेश पंत द्वारा बैठक का संचालन करते हुए बताया गया कि प्रत्येक माह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैंकर्स एवं विभाग के साथ बैठक करने से ऋण जमा अनुपात में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में प्रायः जमीन के भू उपयोग परिवर्तन न होने के कारण ऋण आवेदन निरस्त होने से लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा इस संबंध में पहल करने से अब योजना में प्रगति आने की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने होमस्टे विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्टैण्ड अप इंडिया योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए प्रति माह होने वाली बैठक में इनकी अत्यधिक प्रगति के साथ विभागाध्यक्ष को प्रतिभाग करने की अपेक्षा की। बैठक में सचिव वित्त अमित सिंह नेगी, अपर सचिव पर्यटन सोनिका, अपर सचिव ऊर्जा आलोक शेखर तिवारी, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, निबन्धक सहकारी समिति श्री त्रिपाठी, डी.जी.एम एस.बी.आई. बी.एल. सैनी तथा संबंधित विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

----------------------------------------------------------------

फिल्म मुद्दा 370 जे एंड के का टीजर रिलीज किया

देहरादून। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में फिल्म मुद्दा 370 जे एंड के फिल्म का टीजर रिलीज किया। उन्होंने फिल्म को ऐतिहासिक तथ्यों तथा समसामयिक विषय पर आधारित बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धारा 370 के हटने से कश्मीर को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने में मदद मिली है। इस धारा के कारण कश्मीर देश की मुख्य धारा से अलग ही नहीं था, बल्कि तमाम बन्दिशों का भी सामना कर रहा था। अब कश्मीर खुले में सांस लेने लगा है, आने वाले समय में इसके दूरगामी परिणाम सामने आयेंगे तथा कश्मीर पुनः धरती का स्वर्ग बनेगा।

उन्होंने फिल्म की 50 प्रतिशत शूटिंग उत्तरकाशी के जखौल, मोरी, पुरोला क्षेत्र में किये जाने की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिल्मांकन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के साथ ही प्रदेश व अन्य क्षेत्र भी फिल्मांकन के अनुकूल है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के जखौल क्षेत्र के विकास के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं। वहां पर हेलीपैड के साथ ही हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया है। इस क्षेत्र को हिमाचल से जोड़ने के लिये 12 कि.मी सडक का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड माउन्टेनियरिंग का भी पसंदीदा स्थल है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्य में फिल्मों के निर्माण से देश व दुनिया के सामने यहां के नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य की पहचान बनेगी तथा अनेक अनछुए क्षेत्र, देश व दुनिया के सामने आयेंगे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वे अपनी अगली फिल्म पी.ओ.के का निर्माण आरम्भ करेंगे।

फिल्म के निर्माता श्री भवर सिंह पुंडीर तथा निर्देशक श्री राकेश सावंत ने बताया कि यह फिल्म कश्मीर के ज्वलंत मुद्दों तथा कश्मीर से हुए पलायन के दर्द को बयां करती है। उन्होंने कहा कि फिल्म की 50 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखण्ड में की गई है। उनका मानना था कि उत्तराखण्ड का सौन्दर्य कश्मीर से कम नहीं है। स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि यह फिल्म देश भर के थियेटरों में प्रदर्शित की जायेगी। कश्मीर के लिये उत्तराखण्ड का परोक्ष रूप से बड़ा योगदान रहा है। यहां के सैनिकों ने वहीं पर अपना बलिदान दिया है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री जी से इसका टीजर रिलीज करने का अनुरोध किया गया है। इस अवसर पर विधायक बिशन सिंह चुफाल, सुरेश राठौर, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार के.एस. पंवार, राजकुमार सैनी सहित फिल्म के कलाकार आदि उपस्थित थे।

दिव्यांग मिनी मैराथन 1 दिसंबर को, 300 से अधिक विकलांग होंगे शामिल


देहरादून। नौटियाल कृत्रिम अंग कल्याण समिति द्वारा विश्व विकलांग दिवस के उपलक्ष्य में 1 दिसंबर को दिव्यांगों द्वारा दिव्यांग जन प्रेरणा के तहत पर्यावरण संरक्षण एंव स्वच्छता के लिए देहरादून में दिव्यांग मिनी मैराथन का आयोजन किया जाएगा। यह रैली प्रातः सात बजे शुरु होगी। रैली में 300 से अधिक विकलांग शामिल होंगे।  


उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में नौटियाल कृत्रिम अंग कल्याण समिति के अध्यक्ष विजय कुमार नौटियाल ने कहा कि प्लास्टिक व पाॅलीथिन का कचरा दून के पर्यावरण में जहर घोलने का काम कर रहा है। यदि इसके प्रति आम आदमी जागरूक नहीं हुआ तो आगे चलकर इसके हमे और भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी समिति का उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को हर तरह से जागरूक करना है। जिससे कि वे आने वाले खतरों को पहले से ही भांप कर उससे बचाव की दिशा मे ंकाम करें। इसी उद्देश्य से उनकी समिति आगामी रविवार एक दिसंबर को दून में दिव्यांगों को लेकर जन जागरण अभियान के तहत एक रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली सुबह सात बजे गांधी पार्क से शुरू होकर कनक चैक, दून क्लब, कांन्वेट स्कूल, प्रेस क्लब से होते हुए हिन्दी भवन मंे जाकर संपन्न होगी। उन्हांेने बताया कि रैली को देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा , विधायक गणेश जोशी, खजान दास, हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर हिंदी भवन में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में डीजीपी कानून व्यवस्था अशोक कुमार, विशिष्ठ अतिथ के रूप में संयुक्त निदेशक गिरीश चंद्र पंचोली व भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डा. दर्शन कुमार शर्मा उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में निशक्तजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में दिव्यांग मिनी मैराथन में सभी प्रतिभागिया को संस्था के द्वारा प्रशस्तिपत्र एवं स्मृति चिन्ह के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष डा. विजय कुमार नौटियाल ने कार्यक्रम की जानकारी दी। पत्रकार वार्ता में संस्था के पदाधिकारी दिनेश कंडारी, राजेंद्र सिंह तंवर, जीपी गुरुंग, राजेंद्र सेमवाल आदि उपस्थित रहे।



तीर्थनगरी में धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण

ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में अधिकारियों की लापरवाही के चलते बिल्डरों के हौसले बुलंद हैं। आम बाग में बहुमंजिला इमारतों सहित सभी तरह के निर्माणों पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई थी लेकिन आदेश को दरकिनार करते हुए बिल्डर लगातार बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कर रहे हैं।
वहीं प्रशासन इस पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा है। आम बाग विस्थापित क्षेत्र में कई निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कार्य चल रहा है। यह इमारतें नियमों का उल्लंघन करते हुए बनाई जा रही हैं। जोकि भविष्य में वहां रहने वाले विस्थापित क्षेत्र के लोगों के लिए खतरा बन सकती हैं। बहुमंजिला इमारतों से परेशान होकर विस्थापित जन कल्याण समिति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए आम बाग क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर रोक लगाई थी। इस मामले में उप जिलाधिकारी प्रेमलाल ने अपने जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि आमबाग मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के दायरे में आ गया है। एमडीडीए के अधिकारी इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अगर फिर भी बिल्डर निर्माण कार्य कर रहे हैं तो उन पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।


डोईवाला मिल में किसानों ने किया मंत्री के सामने प्रदर्शन

ऋषिकेश। एक ओर आज से डोईवाला शुगर मिल में गन्ना पेराई सत्र शुरू हो गया तो वहीं दूसरी ओर सैकड़ों कर्मचारी और किसान अपनी सैलरी और गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। वहीं गुरुवार को गन्ना पेराई सत्र के उद्घाटन के लिए मंत्री यशपाल आर्य शुगर मिल पहुंचे। जहां कर्मचारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की.कर्मचारियों का कहना है कि जब तक लिखित में उनकी सैलरी और एरियर भुगतान की मांग पूरी नहीं हो जाती है, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे और उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। वहीं किसानों का कहना है कि जब तक उनका बकाया 10 करोड़ रुपया नहीं मिल जाता वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। वहीं प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान वहां विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष भगत राम कोठारी और शुगर मिल प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।


देहरादून के अनुराग चैहान करमवीर चक्र से सम्मानित

देहरादून। ह्यूमन्स फॉर ह्यूमानिटी और देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल  के संस्थापक अनुराग चैहान को आज दिल्ली में  प्रतिष्ठित करमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उन्हें सामाजिक कार्यों, विशेष रूप से मेन्सुरल हाइजीन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस पुरस्कार की स्थापना यूनाइटेड नेशन एवं इंटरनेशनल कन्फेडरशन ऑफ  एनजीओ  द्वारा की जाती है। कर्मवीर चक्र परिवर्तन के लिए सक्रिय स्वैच्छिक कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय पदक है। अनुराग प्रतिष्ठित पुरस्कार विजेताओं में से थे और उन्हें आर ई एक्स ग्लोबल फेलोशिप से भी नवाजा गया। विजयलक्ष्मी और भरत सिंह चैहान के बेटे अनुराग चैहान एक युवा सामाजिक उद्यमी हैं, जो बहुत ही निविदा उम्र से विभिन्न सामाजिक पहल पर काम कर रहे हैं। उन्होंने 15 साल की उम्र में खुद को विभिन्न पाठ्येतर गतिविधियों में शामिल किया। वह वर्तमान में एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा में सामाजिक कार्य में परास्नातक कर रहे हैंय और दोनों के माध्यम से अपने जुनून का पालन रहे हैं। अपनी उच्च शिक्षा के साथ-साथ वह अपना एनजीओ भी चला रहा है।
उन्हें वर्जनाओं को तोड़ने और जागरूकता फैलाने और राष्ट्र भर में मेंस्ट्रुरल हाइजीन  पर व्यापक कार्यशालाओं के संचालन के लिए पैडमैन, पैड योद्धा के रूप में जाना जाता है। 2015 में, अनुराग ने वाश नामक एक परियोजना शुरू की, जो महिलाओं को मेंस्ट्रुअल हाइजीन  के बारे में शिक्षित करने, उन्हें सेनेटरी नैपकिन प्रदान करने और जैव सेनेटरी नैपकिन बनाने के लिए प्रशिक्षण देने की दिशा में काम करती है। हालही में उन्हें अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना का समर्थन मिला। अनुराग इस कार्यक्रम को देशभर के कई गांवों, मलिन बस्तियों, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में चलाते है। संगठन ने इस तरह की सैकड़ों कार्यशालाएं आयोजित की हैं और भारत में आधा मिलियन से अधिक महिलाओं तक पहुंचाना है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के पूर्व पुरस्कारों में मैरी कॉम, हंसल मेहता, अनुपम खेर, राहुल बोस, काजोल देवगन, गुल पनाग, स्वरूप रावल, सुधा मेनन, मिचेल नॉर्टन ओबे, विजय मेहता, हरीश अय्यर और गीता चंद्रन आदि शामिल हैं।


Featured Post

उत्तराखंड में बारिश से हाल बेहाल, राज्य की 154 सड़कें पड़ी हैं बंद

देहरादून। प्रदेश में मॉनसून लगातार सक्रिय है। भारी बारिश के कारण शुक्रवार 30 जुलाई तक प्रदेश में 154 छोटे-बड़े मार्ग बंद हैं, जिन्हें खोलने...