Tuesday, 31 March 2020

01 अप्रैल को वार्षिक लेखाबन्दी के कारण सभी बैंक बन्द रहेंगे 

अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि 01 अप्रैल को वार्षिक लेखाबन्दी के कारण सभी बैंक बन्द रहेंगे जबकि सभी एटीएम प्रातः 07 बजे से दोपहर 01 बजे तक खुले रहेंगे।

महामारी की रोकथाम को हास्पिटल बनाया जाएगा 

अल्मोड़ा। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग नितेश झा ने अवगत कराया है कि अल्मोड़ा मेडिकल कालेज में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए निर्धारित हास्पिटल बनाया जाना है जिसके लिए समस्त आवश्यक समन्वय एवं प्रबन्धन हेतु जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया को प्रशासक नियुक्त किया गया है। निदेशक चिकित्सा शिक्षा, उत्तराखण्ड तथा प्राचार्य मेडिकल कालेज, अल्मोड़ा को यथा आवश्यक समन्वय स्थापित कर अग्रिम कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया है। ट कर यह चैक सौंपा है।

प्रशासन ने भोजन के पैकेट वितरित किए

अल्मोड़ा। उप जिला मजिस्ट्रेट रानीखेत अभय प्रताप सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के दृष्टिगत लाॅकडाउन के दौरान पात्र व्यक्तियों के खाद्यान्न की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि आपदा मद से 100 पैकट, अशोका हाॅल गल्र्स रेजीडेन्सियल स्कूल मजखाली में 200 पैकट, जी0डी0 बिड़ला मैमोरियल स्कूल चिलियानौला में 200 पैकट, राजकीय शिक्षक संघ विकासखण्ड ताड़ीखेत में 60 पैकट, शिवाजी भटट द्यूलीखेत, रानीखेत में 20 पैकट, देवकी सती, रानीखेत 20 पैकट, हीरा सिंह रावत प्रमुख क्षेत्र ताड़ीखेत को 100 पैकट का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि इस स्तर पर 720 खाद्यान्न पैकटों की व्यवस्था की गयी है। प्रत्येक खाद्यान्न पैकट में 05 कि0 आटा, 03 कि0 चावल, 01 कि0 दाल, 01 कि0 चीनी, 01 पैकट नमक एवं मसाले रखे गये है।

विकास आजीविका स्वायत्त सहकारिता, हवालबाग के कार्यक्षेत्र में गठित निर्मल, निश्चय जय दुर्गा माता व विकास उत्पाद समूहों के सदस्यों द्वारा करोना वाइरस के सक्रमण से लाॅकडाउन होने से परेशान राहगीरों, गरीबों व निराश्रित लोगों की मदद के लिए एक कदम उठाया और लोगो को भोजन मुहैया कराया गया। जिसमें हल्द्वानी से गरूड़ व बागेश्वर जाने वाले राहगीर, अल्मोड़ा शहर में रह रहे गरीब व निराश्रित व सहकारिता कार्य क्षेत्र के ज्योली ग्राम में रह रहे निराश्रित व गरीब सदस्यों सहित कुल 117 भोजन के पैकट हवालबाग के स्थानीय लोगो के सहयोग से बाईक व स्कूटी आदि से किया गया।

खाद्यान्न व अन्य सामग्री पहुंचाने के अभियान में भाजपा 94813 से अधिक लोगों तक पहुंची

देहरादून। लॉक डाउन के चलते जरूरतमंदों तक खाद्यान्न व अन्य सामग्री पहुंचाने के अभियान में भाजपा सोमवार तक लगभग 94813 लाभार्थियों तक पहुंची है।

प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी अजेंद्र अजय ने बताया कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने आह्वान किया है कि लॉक डाउन के दौरान किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की समस्या से न जूझना पड़े। खासकर गरीबों, असहाय व बुजुर्गों को समय पर खाद्यान्न आदि की आपूर्ति होती रहे। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर प्रदेश भाजपा ने 28 मार्च से अभियान शुरू किया था। 

28 से 30 मार्च तक पार्टी ने 66349 खाद्य पैकेटों व 10844 सूखे राशन व आवश्यक वस्तुओं की किट वितरित की, जिन्हें मोदी किट का नाम दिया गया है। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, उधम सिंह नगर में मोदी रसोई स्थापित की गई हैं, जहां निरंतर जरूरतमंदों को भोजन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गढ़वाल मंडल में पार्टी के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार व कुमाऊं मंडल में राजू भंडारी इस अभियान की प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं। देर शाम इसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने अभियान में और तेजी लाने के लिए प्रदेश पदाधिकारियों, जिला व मंडल अध्यक्षों को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने जरूरतमंदों को सूचीबद्ध करके उन तक जरूरी खाद्य सामग्री भिजवाने का आग्रह किया है। उन्होंने सभी कार्यों में प्रशासन का सहयोग और अनुमति जरूरी बताते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान अनिवार्य रूप से रखने को कहा है। इसके साथ ही कोरोना महामारी से लड़ने व स्वस्थ भारत के निर्माण हेतु प्रधानमंत्री केयर फंड में आर्थिक सहयोग करने की अपील भी की है।

प्रवासी उत्तराखंडी विपिन रावत ने भाजपा कार्यालय में राहत कोष के लिए एक लाख का चेक सौंपा 

देहरादून। कोरोना जैसे अभूतपूर्व संकट में आमजन के भोजन, स्वास्थ्य और अन्य संसाधनों की पूर्ति के लिए सरकार व समाज की सम्मिलित शक्ति की आवश्यकता है। तमाम लोग अपनी सामथ्र्य के अनुसार सहयोग के लिए खड़े हो रहे हैं। इसी क्रम में आज दिल्ली में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडी विपिन रावत ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार को मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 1 लाख रुपए का चेक भेंट किया।

बड़ा अखाडा उदासीन अखाड़े के श्रीमहन्त दामोदर दास ने दिए प्रधानमन्त्री राहत कोष में 5 लाख रूपये 

हरिद्वार। आज पूरा विश्व जब कोरोना वायरस से ग्रसित हैं, तब पीड़ित मानवता के लिए सहयोग में सदैव तत्पर रहने वाला अखाडा बड़ा अखाड़ा उदासीन के श्रीमहंत दामोदर दास ने जिलाधिकारी सी रविशंकर के माध्यम से पाँच लाख रुपये की धनराशि का चैक प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में जमा किया। 

अखाड़े की सहयोगी संस्था चंद्रमादास ने  इक्कीस हजार तथा दस हजार की धनराशि के दो चैक प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किए।   इस अवसर पर श्रीमहंत दामोदर दास ने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव चंद्राचार्य महाराज ने कहा है कि पीड़ित मानवता की सेवा ही सच्चा धर्म है। इस वाक्य को आदर्श वाक्य मानते हुए पूर्व की भांति सरकार  के इस विषम वेला में बड़ा अखाडा उदासीन हर वक्त खड़ा है। जब-जब राज्य में दैवीय या प्राकृतिक आपदा आई, तब-तब बड़ा अखाडा उदासीन हर वक्त सदैव विश्व एवं मानवता के तत्पर रहा है। इस अवसर पर अपर मेलाधिकारी हरवीर सिंह ने कहा कि बड़ा अखाडा उदासीन इस महामारी में गरीब व असहाय लोगों के लिए भोजन की भी व्यवस्था लगातार बनाये हुए है।

निरंकारी मिशन जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आया 

हरिद्वार। सतगुरु माता सविन्दर हरदेव महाराज की प्रेरणा को लेकर निरंकारी मिशन हरिद्वार द्वारा लॉक डाउन के चलते जरूरतमंदों एवम आम जनमानस की  सहायता को लेकर आगे आया है। मिशन द्वारा मंगलवार से गरीब एवम अहसाय लोगो के लिए भोजन की शुरुवात करते हुए अपने हाथों से भोजन तैयार कर 1000 भोजन के पैकेट एवम राहत सामग्री के वितरण की गई एवम इसको सुचारू रूप से  चलाने को लेकर महात्माओं की एक टीम गठित की  गई, जो जरूरतमंदों एवम अहसाय लोगो की पहचान करेगी एवम उन्हें  भोजन पैकेट एवम खादय सामग्री उपलब्ध कराएगी। इसके लिए 1000 पैकेट प्रतिदिन वितरण का लक्ष्य मिशन द्वारा रखा गया है।

इससे पहले निरंकारी मिशन के सेवादारों  द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन कर ब्लड बैंक को रक्त उपलब्ध करा जरूरत मदों की मदद करती रही है। मिशन द्वारा चलाये जा रहे  जनहित के कार्यक्रम पर पहुँचे अपर मेलाधिकारी हरवीर सिंह का स्वागत कर उन्हें खाय सामग्री सौपी। निरंकारी मिशन के पदाधिकारियों एवम सेवादारों द्वारा किया गया एवम मिशन द्वारा चलाये जा रहे  जनहित के कार्यक्रम की जानकारी उपलब्ध कराई गई।सतगुरु माता सविन्दर हरदेव महाराज की प्रेरणा को लेकर निरंकारी मिशन हरिद्वार द्वारा लॉक डाउन के चलते जरूरतमंदों एवम आम जनमानस की सहायता को लेकर आगे आया है। इसको सुचारू रूप से  चलाने को लेकर महात्माओं की एक टीम गठित की गई जो जरूरतमंदों एवम अहसाय लोगो की पहचान करेगी एवम उन्हें  भोजन पैकेट एवम खादय सामग्री उपलब्ध कराएगी इसके लिए 1000 पैकेट प्रतिदिन वितरण का लक्ष्य मिशन द्वारा रखा गया है।

बीइंग भगीरथ की जनता रसोई छठे दिन भी लगातार जारी रही  

हरिद्वार। सरकार द्वारा लॉकडाउन के बाद उपजे माहौल में हर कोई अपने घरो तक पहुंचने को बेताब है। तो कुछ असहाय,गरीब लोग जिनका पेशा ही था रोज कामना और रोज खाना। ऐसे लोगांे के सामने इस माहौल में खाने के लाले पड़ रहे है पर आज भी समाज में इंसानियत जिन्दा होने कारण कुछ लोग इन लोगो के लिए फरिस्ते बनकर उनके खाने का इंजाम करने में लगे हुए है। उसके तहत बीइंग भगीरथ द्वारा जनता रसोई का अथक प्रयास छठे दिन भी लगातार जारी रहा ।बीइंग भगीरथ के संस्थापक शिखर पालीवाल ने बताया की सरकार द्वारा जारी गये एमेरजेंसी सेवा के माध्यम से भी हम लोगों तक जरूरतमंदो के भी फोन आ रहे हैं। 

टीम के स्वयंसेवकों ने जिला प्रशासन व अलग-अलग क्षेत्रों के अपने स्वयंसेवकों के सहयोग से लगभग 1500 पैकेट खाने का वितरण किया। हितेश चैहान व अमित जनगिड ने बताया कि  प्रधानमंत्री जी द्वारा किए गए 21 दिन के देशव्यापी लॉक डाउन के पहले ही दिन से बिंग भगीरथ जनता रसोई पूरे शहर भर के असहाय लोगों तक भोजन पहुंचा रही है इसी कड़ी में पहले दिन 200 पैकेट से शुरू हुआ यह सफर आज 1500 पैकेट तक पहुंच गया है आज टीम ने उन स्थानों पर भोजन पहुंचाया जहां पर कोई भी भोजन नहीं पहुंचा पा रहा। आज टीम ने गाजी वाली श्यामपुर कांगड़ी रावली महदूद वह सिडकुल के कुछ हिस्सों में जरूरतमंदों को भोजन मुहैया कराया। यह कार्य जनता के सहयोग से जनता के लिए पूर्ण लॉक डाउन समाप्त होने तक अनवरत चलता रहेगा। पंकज त्यागी व अभिनव ने बताया की हमारे शहर में काफी सारे लोग हैं जो अपनी आजीविका के लिए दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर है और लॉक टाउन के चलते उनके भविष्य पर एक प्रश्न चिन्ह सा लग गया है। राहुल गुप्ता ने बताया की बीइंग भगीरथ की पूरी टीम ने अपने स्वयंसेवकों व शहर के लोगों से मदद लेते हुए बीइंग भगीरथ जनता रसोई की शुरुआत की हमारी कोशिश हर उस व्यक्ति तक भोजन पहुंचाने की है जिसके आगे लॉक डाउन के चलते रोजी रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। इस मुहिम में नीरज शर्मा, अंकित शर्मा, मधु भाटिया, सहित सभी टीम के सदस्य निरंतर सहयोग कर रहे हैं ।

मां भगवती की कृपा से दूर होगी कोरोना महामारीः पंडित अधीर कौशिक

हरिद्वार। अखण्ड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक के आवास पर कोरोना से देश को मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से किए जा रहे यज्ञ के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा अर्चना कर देश को संकट से मुक्ति दिलाने तथा कोरोना वायरस को समाप्त करने की प्रार्थना की गयी । पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि मां भगवती की कृपा से जल्द ही कोरोना वायरस का प्रकोप समाप्त होगा। दुनिया पर छाया महामारी का खतरा दूर होगा। उन्होंने कहा कि बीमारी से बचने के लिए अनुष्ठान जरूरी हैं।

 नवरात्रों में सभी को घरों में रहकर मां भगवती के निमित्त यज्ञ हवन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यज्ञ कुण्ड से उठने वाला धुंआ वातावरण को शुद्ध करता है। यज्ञ धुआं कोरोना वायरस को भगाने का भी सबसे सशक्त माध्यम है। मां के सभी स्वरूपों की पूजा करने से कोरोना वायरस अवश्य ही देश से समाप्त होगा। हिंदू संस्कृति में यज्ञ पौराणिक काल से ही होते चले आ रहे हैं। आसुरी शक्तियों को दूर भगाने के लिए भी ऋषि मुनियों द्वारा यज्ञ किए जाते थे। आचार्य पंडित विष्णु शर्मा ने कहा कि पंडित अधीर कौशिक के आवास पर किया जा रहा यज्ञ अवश्य ही मानव जाति के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा। सच्चे मन व निष्ठा से यज्ञ में आहुति देने से अवश्य ही देश पर आ रहे संकट का निदान होगा। हमें धैर्य रखने की आवश्यकता है। देश दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है। राज्य व देश पर आ रहे इस संकट को मां भगवती ही दूर करेगी। उन्होंने कहा कि सब लोग मिलकर अपने घरों में पूजा अर्चना करें। मां की शक्तियां अपरंपार हैं। जो लोग लाॅकडाउन में अपने सेवाएं दे रहे हैं। उनका उत्साह सभी को बढ़ाना चाहिए। गरीब, असहाय निर्धन परिवारों की मदद के लिए सभी को मिलजुल कर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की त्रिवेंद्र सरकार व देश के प्रधानमंत्री द्वारा लाॅकडाउन जनता हित में ही किया गया है। अपने घरों से बाहर ना आएं। कोरोना वायरस संक्रमण की तरह फैल रहा है। इसकी रोकथाम का सही उपाय अपने घरों में ही रहना है। परशुराम अखाड़े के सदस्य मिलजुल कर यज्ञ कर रहे हैं। इस अवसर पर हरिओम, जलक कौशिक, राहुल वशिष्ठ आदि मौजूद रहे। 

सूचना विभाग के कर्मी देंगे राहत कोष में एक दिन का वेतन 

देहरादून। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में सहायता धनराशि के रूप में एक दिन का वेतन दिया जाएगा। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 लाख एवं श्री विपिन रावत ने भी 1 लाख का चेक प्रदान किया। दीपक नेगी, निवासी नत्थनपुर, देहरादून ने 51 हजार एवं वीर सिंह नेगी, लाडपुर देहरादून ने भी 10001 का चेक मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंपा।

14 लोगों को हरिद्वार पुलिस ने पकड़कर क्वारंटीन किया  

हरिद्वार। लखनऊ जमात से देहरादून आ रहे 14 लोगों को हरिद्वार पुलिस ने पकड़कर क्वारंटीन कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ इनकी ट्रेवल हिस्ट्री जुटाने में जुट गया है। आशंका जताई जा रही है कि यह लोग भी दिल्ली में मरगज में शामिल हुए होंगे। पुलिस को सूचना मिली कि देहरादून के कई लोग जमात में शामिल होकर लखनऊ से यहां पहुंचे हैं और ये देहरादून जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस सभी लोगों को पकड़ने के लिए सक्रिय हो गई। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने पुल जटवाड़ा पुलिस पर पैदल जा रहे 14 लोगों को रोक लिया और इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। इनमें से सात लोगों को मंडी परिषद के एक हॉल और सात लोगों को पिरान कलियर स्थित राही गेस्ट हाउस ले जाया गया। इन सभी लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी योगेश देव ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि यह लोग झारखंड से छत्तीसगढ़ और फिर वहां से लखनऊ होते हुए हरिद्वार पहुंचे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह दिल्ली के मरकज से ही अन्य राज्यों की यात्रा पर गए थे, इस बारे में भी उनकी ट्रेवल हिस्ट्री के आधार पर जांच पड़ताल कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि सभी लोगों को विभाग की निगरानी में रखा गया है। सभी लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।

जरूरतमंदों को राशन बांटा

देहरादून। भाजपा प्रवक्ता विनय गोयल ने मंगलवार को अपने आवास पर जरूरतमंदों को राशन बांटा। वहीं, भाजपा महानगर मीडिया प्रभारी राजीव उनियाल और लच्छू गुप्ता ने विद्या विहार, मंदाकिनी बिहार, सहस्त्रधारा रोड आदि क्षेत्रों में मजदूरों को खाद्य सामग्री बांटी। वहीं, मसूरी विधायक गणेश जोशी ने अपनी विधानसभा में पांचवां मोदी किचन खोला, मसूरी में खोले गए मोदी किचन में सैकड़ों जरूरतमंदों को भोजन कराया गया। उधर, ब्रह्मपुरी वार्ड के पार्षद सतीश कश्यप ने भी अपने क्षेत्र में मजदूरों व जरूरतमंदों को भोजन करवाया। इसके अलावा अन्य पार्षदों ने भी अपने वार्डों में मास्क और सैनिटाइजर बांटने के साथ ही जरूरतमंदों को राशन बांटा। 

मुकदमा दर्ज किया

उत्तरकाशी। नौगांव में कोरोना वायरस से बचाव को देखते हुए होम क्वारंटीन किए गए दो युवा घरों के बाहर घूमते मिले। इस पर पुलिस ने मुराड़ी गांव में दो युवकों के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं देवाल में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार को नौगांव चैकी पुलिस ने मुराड़ी गांव पहुंचकर होम क्वारंटीन में रखे लोगों की पड़ताल की तो दिल्ली से लौटे स्पप्निल और पानीपत से लौटे रोहित घरों पर नहीं मिले। वह घर के आसपास घूमते मिले। पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 269 एवं 270 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। चैकी इंचार्ज एसआई प्रदीप तोमर ने बताया कि जल्द ही इन दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं देवाल में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर त्रिकोट बुरजोला के दर्शन सिंह, किशन राम, विजेंद्र सिंह व नरेंद्र लाल को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया किया। थराली थानाध्यक्ष थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अगर कोई अनावश्यक घूमता नजर आया तो कानूनी कार्रवाई होगी।

लॉकडाउन के उल्लंघन में जिले में 25 लोगों के खिलाफ मुकदमें दर्ज 

रूद्रपुर। रुद्रपुर जिला प्रशासन की चेतावनी के बाद भी कई लोग लाॅकडाउन का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब गली मोहल्लों में घूमने वाले ऐसे लोगों के ड्रोन के माध्यम से फोटोग्राफ लिए जाएंगे। इसके बाद इन लोगों पर पुलिस मुकदमा दर्ज करने की कार्यवाही करेगी। इसके अलावा अब पुलिस प्रशासन के माध्यम से ही खाना और खाद्यान्न वितरित किया जा सकेगा।

दरअसल लॉकडाउन के बावजूद कई जगहों पर लोग घरों के बाहर और गलियों में समूह में घूम रहे हैं। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के उल्लंघन में जिले में 25 लोगों मुकदमें दर्ज हो चुके हैं। इनमें ज्यादातर सितारगंज के हैं। सभी एसडीएम और सीओ को ड्रोन से निगरानी कर मोहल्लों में समूह में बैठने और घूमने वाले लोगों के फोटोग्राफ लेने के निर्देश दिये गए हैं। ऐसे लोगों पर मुकदमें दर्ज किए जाएंगे। जरूरतमंदों को भोजन बांटने वालों को संक्रमण का खतरा हो सकता है। लिहाजा अब पुलिस प्रशासन की क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) के माध्यम से ही भोजन और खाद्यान्न वितरित होगा। इसके लिए 17 थानों में 17 पुलिस और 17 प्रशासन की क्यूआरटी गठित की गई है। बताया कि खाने से संबंध में आने वाली कॉल एक ही जगह से एड्रेस होंगी। फेक फूड कॉल करने वालों पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग तीन टाइम खाना मंगा रहे है वो खुद या परिवार के साथ राहत शिविर में शिफ्ट हो जाएं। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम में केवल जरूरत पर ही काल करें और अनावश्यक पास न लें।

14 दिन के संस्थागत क्वारेनटीन किया

अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि विगत 14 मार्च, 2020 को निजामुद्दीन मरकत नई दिल्ली में तबलीक हेतु जनपद के रानीखेत से 04 व्यक्तियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। सभी चार व्यक्तियों को 14 दिन हेतु होम क्वारेनटीन किया गया जिसमें स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त सभी व्यक्तियों में कोरोना से सम्बन्धित कोई लक्षण नहीं पाये गये। आज सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें सभी व्यक्ति स्वस्थ पाये गये सभी को ऐहतियातन टीआरएच रानीखेत में 14 दिन के संस्थागत क्वारेनटीन किया गया है।

लॉकडाउन और शासन के आदेशों का उल्लंघन करने पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

ऋषिकेश। ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने लॉकडाउन और उत्तराखंड शासन के आदेशों का उल्लंघन करने पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

तीनों की पहचान विशाल शर्मा (21) पुत्र बालकिशन शर्मा निवासी बापू ग्राम गली ऋषिकेश, दुर्गेश कुमार (23) पुत्र बृजेश कुमार निवासी बाबा सदानंद मार्ग निकट मॉडर्न स्कूल ऋषिकेश और रमन कुमार (22) पुत्र स्व. राजवीर सिंह निवासी न्यू जाटव बस्ती ऋषिकेश के रूप में हुई। कोतवाल रितेश शाह ने लोगों से लॉकडाउन का उल्लंघन न करने की अपील की। राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के चलते सभी जिले की सीमाओं को सील किया हुआ है। सिर्फ आवश्यक सेवाओं और अधिकृत अधिकारी की परमिशन वाले पत्र दिखाने के बाद ही सीमा से गुजरने को कहा है। ऐसे में एक मामला मंगलवार को फर्जी पास का सामने आया। मंगलवार को एक कार संख्या यूके11ए-4283 हरिद्वार से पौड़ी के लिए चली। कार में तीन लोग सवार थे। इस कार ने हरिद्वार जिले की सीमा को लांघकर, देहरादून जिले के थाना रायवाला, इसके बाद ऋषिकेश बैरियर को पार करके मुनिकीरेती पुलिस की सीमा में प्रवेश किया। इन तीनों जिले के बैरियर पर कार सवार युवकों को पुलिस ने नहीं पकड़ा। इसके बाद कार सवार युवक तपोवन बैरियर पहुंचे। यहां चैकी इंचार्ज विनोद कुमार ने कार चालक से पूछताछ की तो उसने अनुमति होना बताया। इस पर चैकी इंचार्ज ने अनुमति पत्र देखा तो वह फर्जी पाया गया। चैकी इंचार्ज ने मौके पर ही फटकार लगाई और कार को वापस भेज दिया। लॉकडाउन के चलते सामाजिक दूरी रखने का आह्वान किया जा रहा है। मगर, बाइक पर बैठी दो सवारी इसका उल्लंघन कर रही है। ऐसे में टिहरी कप्तान डाॅ. योगेन्द्र सिंह रावत ने साफ निर्देश देते हुए कहा है कि दोपहिया वाहनों में दो सवारी पाई जाती है। तो पुलिस उसका चालान करें।

पूर्व सीएम हरीश रावत को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाने की अपवाह से कांग्रेस में तूफान

देहरादून। कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच मंगलवार को कांग्रेस को भी एक अफवाह वायरस ने गिरफ्त में ले लिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सीएम हरीश रावत के कुछ समर्थकों ने उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इसके बाद तो कांग्रेस के भीतर जो तूफान उठा वो दून से दिल्ली तक पहुंच गया।

मामला जानकारी में आने के तत्काल बाद ही रावत ने फेसबुक पर इसे अफवाह करार दिया। साथ ही सुनियोजित षड़यंत्र करार देते हुए सायबर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी। मंगलवार सुबह फेसबुक पर एकाएक ही रावत के प्रदेश अध्यक्ष बनने की पोस्ट अपलोड होना शुरू हुई। देखते ही देखते ये वायरल होना शुरू हो गई। गुटीय राजनीति से जूझ रही कांग्रेस में इन पोस्ट की वजह से एकदम ही प्रतिक्रियाएं भी होना शुरु हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रावत तत्काल ही इन अफवाहों का खंडन करने को आगे आए। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को झूठा और साजिश करार दिया। यह भी कहा कि वो इस मामले में सायबर एक्ट के तहत कार्रवाई करने भी जा रहे हैं। मालूम हो कि वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस रावत और प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह कैंप में बंटी है। अंदरखाने रावत समर्थक मानते आ रहे है कि राज्य में कांग्रेस की कमान रावत को दी जा सकती है। हालांकि यह बात केवल अंदरूनी चर्चाओं में रही है। पर, अभी हाल में यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम रावत को हटाकर सुमित्तर भुल्लर को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, उससे लोगों को इस बदलाव पर भी यकीन होने लगा था। विक्रम रावत के पूर्व सहयोगी रणजीत सिंह के पुत्र हैं। जबकि भुल्लर को रावत कैंप से जुड़ा माना जाता है। आज रावत को लेकर सोशल मीडिया में बधाइयां आने पर प्रीतम कैंप ने तत्काल ही दिल्ली हाईकमान से इन खबरों की तस्दीक कराई। हालांकि हाईकमान ने भी ऐसा कुछ होने से इंकार ही किया है।

एनएच-44 पर कर की नयी राशि 1 अप्रैल से लागू करने के केंद्र के फैसले का विरोध किया 

देहरादून। वैश्विक महामारी कोविड-19 से जहाँ एक ओर समाज का हर वर्ग आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका है, लोगों का व्यापार ठप है, उन्हें नौकरियों से निकाला जा रहा है, वही दूसरी ओर केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लोगों पर जुल्म का एक नया पैंतरा अपनाया है। गौरतलब है कि भारत सरकार ने एनएच-44 पर कर की नयी राशि को 1 अप्रैल से लागू करने का फैसला लिया है।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने इस पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि एक तो 5 अगस्त के बाद से ही जम्मू-कश्मीर के लोगों की आर्थिक परिस्थितियाँ इतनी विषमपूर्ण है। ऊपर से नयी संशोधित राशि को 1 अप्रैल से ही लागू किया जाना उन्हें और गर्त में धकेल देगा, यह विद्वेषपूर्ण फैसला है। यहाँ यह भी ध्यान देने योग्य है कि साम्भा जिले में विजयपुर के टोल प्लाॅजा को बंद करने का वायदा करने वाली केन्द्र सरकार ने उसे बंद करने के बजाय इस नये फैसले से जम्मूकश्मीर की आबादी की कमर तोड़ दी है। गौरतलब है कि नयी संशोधित राशि के मुताबिक बसध्ट्रक का मासिक पास 9650 रूपये एवं छोटी बस का 4605 रूपये कर दिया गया है। एक ओर जहाँ करोनावायरस की वजह से देशभर में बंदी है, आने वाले दौर में जब जम्मू-कश्मीर के व्यापारी अपना धंधा पटरी पर लाने की जुगत में होगें तो उन्हें इस आर्थिक अत्याचार का सामना करना होगा जिससे समाज का हर वर्ग परेशान होगा, जिसका एनएसयूआई पूर्णतः विरोध करती है।

जिले में 8400 भोजन पैकेट वितरित किये गये

देहरादून। विभिन्न स्वंयसेवी संस्थाओं ने जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करते हुए आज भोजन पैकेट उपलब्ध कराये। जिसमें मुख्यतः राधास्वामी सत्संग व्यास, उत्तरांचल पंजाबी महासभा, गुरूद्वारा रेसकोर्स, कालिका मन्दिर समिति, संजीव गुप्ता मन्नूगंज, गौतम सोनकर, गीताभवन, इण्डियन पब्लिक स्कूल राजावाला, अध्यक्ष सर्राफा मण्डलध्मनभावन, शिव मन्दिर झण्डा बाजार, वेलनेस केटरिंग धर्मपुर, नैनीज बेकरी, ओपीज बेकरी एवं वरिष्ठ नागरिक लायंस क्लब द्वारा भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये गये।  जनपद में कुल 8400 भोजन पैकेट वितरित किये गये, जिनमें 2 वरिष्ठ नागरिक, 5 विद्यार्थी एवं जनपद के विभिन्न क्षेत्रों जैसे गोविन्द गढ 500, निकट कैन्ट बोर्ड 1000,  वाल्मिकी बस्ती करनपुर 480, ट्रांस्पोर्टनगर में 185, ओगल भट्टा 170, नन्दा की चैकी में 250, केहरी गांव 70,  चुक्खुवाला इन्दिरा कालोनी 850, कारगी चैक 240, मोथोरोवाला में 380, लालपुल 285, पटेलनगर में 183, सहारनपुर चैक में 175, निकट लक्खीबाग 160,  कुम्हार बस्ती 265, डीएल रोड 280, निकट गांधी शताब्दी अस्पताल 90, दून अस्पताल 75, हर्रावाला बस्ती में 260, संजय कालोनी में 245, एकता विहार में 195 तरला अधोईवाला में 185, बंजारावाला में 155, नत्थनपुर में 150, अनिकेत विहार में 145, चन्द्रबनी 230, ऋषिकेश में 500, सेलाकुई में 300, डोईवाला में 250, कांवली में 140 व्यक्तियों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये गये।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में आज जिला प्रशासन की टीम द्वारा  जनपद के विभिन्न स्थानों पर 600 अन्नपूर्णा राशन किट वितरित की गयी, निकट हर्रावाला रेलवे स्टेशन में  दैनिक श्रमिकों को 200, देहरादून सदर में 250  पैकेट एवं ऋषिकेश में 150 पैकट  वितरित किये गये। प्रशासन की टीम द्वारा देहरादून सदर में ओवर रेटिंग पाये जाने पर 06 दुकानों के चालान किये। आज जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव की पहल पर 4 माह की बच्ची को प्रतिदिन एक लीटर दूध रिस्पना नगर में एक दम्पति को उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अवगत कराया है कि लाॅक डाउन अवधि में सिविल सोसायटी व शासकीय विभागों द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों  के दृष्टिगत प्रतिदिन उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक-एक कोरोना वाॅरियर को चुना जायेगा। आज सिविल सोसायटी से कोरोना वाॅरियर सुनील मैसोन, अध्यक्ष सर्राफा मण्डल देहरादून तथा शासकीय विभाग से विनोद, पुत्र संतराम, कोरोना वाॅरियर (शासकीय) पर्यावरण मित्र नगर निगम वार्ड न0 21 एम.के.पी देहरादून का चयन किय गया है।

आकाश इंस्टीट्यूट ने कोरोना वायरस से मुकाबले को केंद्र सरकार को एक करोड़ रु की सहायता दी 

देहरादून। देश में कोरोना वायरस के कारण फैली महामारी का मुकाबला करने के लिए सरकार की कार्रवाई में मदद करने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान-आकाश एडुकेशनल सर्विसेस लिमिटेड (एईएसएल) ने अपनी तरफ से एक करोड़ रुपए का विनम्र योगदान दिया है। इसमें से 50 लाख रुपए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बनाए गए पीएम केयर्स फंड में दिया गया है ताकि कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न आपात स्थिति में लोगों को मदद प्रदान की जा सके। पीएम केयर फंड के अलावा, दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदान की जाने वाली सेवाओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस वेलफेयर सोसाइटी को 50 लाख रुपये का एक और डोनेशन एईएलएल की ओर से दिया गया है।

मौजूदा स्थिति पर गहरी पीड़ा और सहानुभूति व्यक्त करते हुए, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) के निदेशक और सीईओ आकाश चैधरी ने कहा, ‘‘इस कठिन समय में राष्ट्र को सहायता प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है। जो प्रभावित हैं, उनके लिए मेरी प्रार्थना। मैं प्रार्थना करता हूं कि स्थिति बेहतर हो जाए और लोग जल्द से जल्द अपने जीवन में वापस आ जाएं। मैं लोगों और संगठनों से आग्रह करता हूं कि जो भी संभव हो, हमारे देश में योगदान और मदद करें। इस समय, दुनिया को मदद करने की आवश्यकता किसी भी अन्य समय से अधिक है।वर्तमान लॉकडाउन के कारण छात्रों की सीखने की प्रक्रिया पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए, एईएसएल ने विभिन्न उपायों को अपनाया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र अपने घर में सुरक्षित रहते हुए अध्ययन कर सकें और उनके अध्ययन कार्यक्रम में निरंतरता बनी रहे। इन उपायों में लाइव ऑनलाइन कक्षाएं, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, परीक्षाओं को आॅनलाइन उपलब्ध कराया जाना, पाठ्यक्रम सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराना और शिक्षकों को अपने छात्रों के साथ सोशल मीडिया अनुप्रयोगों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से जुड़ने में सक्षम बनाना शामिल है।

एईएसएल सहायक मेरिटनेशन पहली कक्षा से 12 वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए और जेईई  एनईईटी आदि जैसे विशेष परीक्षाओं में षामिल होने वाले छात्रों के लिए भी विशेष निःशुल्क लाइव कक्षाएं प्रदान कर रहा है।

जो जहां है वहीं रहे, प्रशासन वहीं रहने व भोजन की व्यवस्था करेगा 

देहरादून। कोरोना वायरस कोविड-19 की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण तथा लाॅक डाउन के दौरान जनपद में वर्तमान समय में अन्य प्रदेशों राज्यों के प्रवासी लोग, यात्री तथा ऐसे लोगों जो राज्य के दूसरे जनपदों से देहरादून में लाॅक डाउन के कारण अपने गंतव्यों तक नही पंहुच पाये हैं से अनुरोध किया कि वे जहां हैं वहीं रहें यदि किसी के पास भोजन एवं रहने की व्यवस्था नही है तो जिला प्रशासन द्वारा जनपद में चिन्हित स्थानों यथा विभिन्न स्कूलों विद्यालयों में स्थान ऐसे लोगों की सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन करवाते हुए रहने एवं भोजन की व्यवस्था की जायेगी। जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि जनपद में संचालित समस्त एनजीओ के द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली खाद्य सामग्री राशन को सीधे किसी व्यक्ति विशेष को हस्तान्तरित ना करते हुए प्रशासन के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत थानों में पुलिस द्वारा वितरित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जनपद में निवासरत् समस्त पात्र व्यक्तियों  को खाद्य सामग्री पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की देख-रेख में वितरित किया जायेगा।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि अन्य प्रदेशों से उत्तराखण्ड निवासियों का आना जारी है जिनको चिकित्सकीय पर्यवेक्षण में क्वारेंटाइन में रखे जाने की आवश्यकता है। होटल ग्राण्ड लीगेसी लालपुल देहरादून 20 कमरे, होटल पदमिनी 25 कमरे तथा स्वामी राम साधक ग्राम ऋषकेश 40 में कमरें, का अधिग्रहण किया गया है। इसी के साथ संक्रमित व्यक्तियों के चिकित्सकीय पर्यवेक्षण में क्वारेंटाइन में रखे जाने हेतु कराबी हाउस कण्डोली 56 कमरे, अरावली कण्डोली 84 कमरे, एवन स्काॅलरहोम कण्डोली 90 कमरे, आर्शीवाद होम बिधौली 79 कमरे, अग्रसेन विला बिधौली 75 कमरे, सीमा डेन्टल काॅलेज बीरपुरखुर्द्ध ऋषिकेश 250 कमरे हैं को अधिग्रहण किया गया है।  

जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि कोरोना वायरस की रोकथाम सम्बन्धी कार्यवाही विभिन्न स्तरों पर गतिमान है तथा इस दौरान विभिन्न कार्यों के सम्पादन हेतु वाहनों की आवश्यकता के चलते वाहनों के अधिग्रहण हेतु मुख्य विकास अधिकारी को वाहनों के अधिग्रहण हेतु नोडल अधिकारी नामित किया गया है तथा ऋषिकेश क्षेत्र के लिए अनिता चमोला, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी तथा विकासनगर के लिए श्री रत्नाकर परिवहन कर अधिकारी प्रथम को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिलाधिकारी ने नामित दोनों नोडल अधिकारियों को परिवहन व यातायात सम्बन्धी व्यवस्थाओं के लिए नियमित सम्पर्क में बने रहने के निर्देश दिये।

शासन के निर्देशों के अनुपालन में  जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि जनपद के अन्तर्गत पर्वतीय क्षेत्रों में उत्पादित सेब, आडू, खुमानी आदि फलों तथा मैदानी क्षेत्रों में आम, लीची के बगाने में फ्लावरिंग का कार्य तथा हल्दी, अदरक बुआई, पौध सुरक्षा एवं सब्जी पौधे के रोपण का कार्य गतिमान होने के दृष्टिगत मौन पालकों के मौनवंशों के माइग्रेशन एवं मशरूम उत्पादन की बिक्री में लोडिंग, अन लोडिंग में प्रयुक्त होने वाले वाहन एवं श्रमिक, समस्त कीट वधी नाशक रसायनों के साथ-साथ हल्दी एवं अदरक की ढुलाई में प्रयुक्त होने वाले वाहन एवं श्रमिक जनपद में स्थापित उद्यान सचल दल केन्द्रों, राजकीय उद्यानों में  अनिवार्य औद्यानिक क्रियाकलापों के संचालन हेतु विभागीय कार्मिक श्रमिक तथा प्रयुक्त होने वाले वाहन, राजकीय उद्यानों की बागवहार की नीलामी व निस्तारण में प्रतिभाग करने वाले ठेकेदार एवं सम्बन्धित तथ प्रयुक्त होने वाले वाहनों को आवश्यक छूट प्रदान की गयी है। जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अवगत कराया है कि कोरोना वायरस कोविड-19 संक्रमण की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के अधीन पूर्व गठित आईआरएस की तर्ज पर ब्वअपक-19 त्मेचवदेम ज्मंउ  का गठन किया गया है। जनपद देहरादून के अन्तर्गत प्रत्येक विकासखण्ड में अतिरिक्त रेपिड रिसपोंस टीम का गठन किया गया है। गठित टीमों में प्रत्येक विकासखण्ड में 2, नगर पलिका में  3 तथा नगर निगम में 5 अधिकारी तैनात किये गये हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में होम क्वारेंटाइन में रखे गये नागरिकों की दैनिक स्वास्थ्य माॅनिटिरिंग की सूचना संकलित कर कन्ट्रोलरूम को उपलब्ध करायेगे। उक्त टीमों की दैनिक गतिविधियां अनुश्रवण कार्य से प्राप्त सूचना अनुसार कान्टेªक्ट टेªसिंग कार्यों की निगरानी हेतु प्रवीन गोस्वामी जिला सेवायोजन अधिकारी देहरादून को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

जेके टायर मैनेजमेंट ने स्वैच्छिक वेतन कटौती का किया ऐलान

देहरादून। भारत में रेडियल तकनीक की अग्रणी जे के टायर का कारोबार विविधतापूर्ण और कई देशों में फैला है। सुस्ती और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से टायर उद्योग मुश्किल वक्त से गुजर रहा है। कोविड-19 यानी कोरोना महामारी ने उद्योग की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। माना जा रहा है कि हालात और खराब हो सकते हैं।

जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर रघुपति सिंघानिया ने कहा, ‘‘हम इस समय बेहद मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं। कोरोना वायरस की वजह से बिक्री और मुनाफे पर असर पड़ा है। टीम जेके टायर इन मुश्किल हालात से निकलने की पुरजोर कोशिश कर रही है। हमें इन हालात पर विजय पाने की उम्मीद है। इस मुश्किल वक्त से निपटने के लिए सीनियर मैनेजमेंट ने स्वैच्छिक तौर पर वेतन कटौती का फैसला किया है।’’उन्होेने बता कि, ‘‘जेके टायर के चेयरमैन और होलटाइम डायरेक्टर स्वैच्छिक तौर पर अपने वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती करेंगे। वहीं सीनियर मैनेजमेंट से जुड़े व्यक्ति 15-20 प्रतिशत वेतन कटौती लेंगे। वेतन कटौती वैश्विक ऑपरेशन पर भी लागू होगी।’’कंपनी ने अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

समाजिक संस्था स्प्रैड हैप्पीनेस ने जरूरतमंद लोगों को राशन व भोजन के पैकेट वितरित किये


 

देहरादून। हिन्दू-मुस्लिम एकता की गंगा-जमुनी तहजीब की विचारधारा पर बनी स्प्रैड हैप्पीनेस सामाजिक संस्था से जुडे आम आदमी पार्टी की प्रदेश संगठन मंत्री रही उमा सिसौदिया, कांग्रेस नेत्री गरिमा दसौनी, व्यवसायी सरफराज हसन व शिक्षाविद मजुर्हर रहमान के अथक प्रयासों से संस्था द्वारा अभी तक लगभग तीन सौ भोजन के पैकेट प्रतिदिन जरूरतमंदों में बांटे जा रहे है। लोगों की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुये संस्था द्रारा आने वाले दिनों में पाँच सौ से अघिक भोजन पैकेट प्रतिदिन वितरित करने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था द्वारा सहस्त्रधारा ट्रेचिंग ग्राउंड के निकट की बस्ती, दीपनगर वार्ड की मलिन बस्ती सहित मयूर विहार पुलिस चैकी में भी जरूरतमंदों को वितरण हेतु फूड पैकेट दिये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त एक हजार के करीब कच्चा राशन भी संस्था द्वारा बांटा जा चुका है। 

संस्था के इस कार्य में महिला उत्तरजन समूह से जुड़ी अर्चना डिमरी, मातृभूमि परिवार के अध्यक्ष हितेश चैधरी, घाद  संस्था के लोकेश नवानी, वेदांता शिक्षा संस्था की अर्चना यादव, अमरीश गौड़, नवीन पडियार, अंकित सिंह, रंजन कोटनाला, शैलेन्द्र सिंह, अंजुम परवीन, नीति मोहन, मनीष प्रजापति, शेर सिंह रावत आदि का तन मन धन से सहयोग मिल रहा है। 

सामाजिक दूरी के बीच भावनात्मक संपर्क बनाएंः कमलेश डी पटेल

देहरादून। मौजूदा कोविड-19 की महामारी ने हमारे शब्द-भंडार में कई नए शब्द जोड़ दिए हैं। लेकिन ये केवल शब्द मात्र नहीं हैं बल्कि वे अपने साथ एक नई जीवनशैली अपनाने का भाव भी साथ लेकर आए हैं। लॉक-डाउन (ताला बंदी)। सेल्फ आइसोलेशन (खुद को औरों से अलग रखना)। क्वारंटीन (संगरोध)। ठहर जाना। सोशल डिसटैंसिंग (सामाजिक दूरी बनाना)। सावधान रहना। यात्रा पर रोक। घर से दफ्तर का कार्य करना (वर्क फ्रॉम होम)। स्कूल ऐट होम (घर से ही स्कूल की पढ़ाई)। यह सब कुछ ही हफ्तों में हो गया। हम सब एक ही नाव में सवार हैं और यथासंभव सावधानी बरतते हुए खुद को और अपने परिवारों को इस परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार कर रहे हैं। हम बाहरी दुनिया से अपने संपर्क को कम से कम करते जा रहे हैं। हमारा भौतिक संपर्क जीवित रहने के लिए बेहद जरूरी जरूरतों तक ही सीमित है। उससे अधिक कुछ करना मूर्खता है। महत्वपूर्ण यह है कि यह सब हम कैसे करते हैं। दैनिक जीवनचर्या में हमारा संतुलित और दूसरों की फिक्र से भरा मनोभाव दूसरों तक पहुँचता है। कोविड-19 जाति, लिंग, संस्कृति या राष्ट्रीयता में भेदभाव नहीं करता। इसलिए हमें सबके प्रति उदार और करुणावान बने रहना चाहिए।

कमलेश डी पटेल (दाजी का कहना है कि सामाजिक दूरी को समझने के लिए आइए इन दो शब्दों, ‘सामाजिक’ और ‘दूरी’ को समझें। सामाजिक का अर्थ है साहचर्य और मित्रता। मनुष्य सामाजिक प्राणी है और हम समुदायों में ही रहते हैं। दूरी का अर्थ है अलग रहना। सरल शब्दों में सामाजिक दूरी स्वयं और दूसरों के बीच एक फासला बनाए रखना है, चाहे वे बीमारी से प्रभावित हों या नहीं। लेकिन क्या हमें वास्तव में सामाजिक रूप से दूरी रखने को कहा जा रहा है? बिलकुल नहीं। हाँ, भौतिक रूप से दूरी रखनी है, किन्तु क्या इसका यह अर्थ है कि हमारा सामाजिक ढाँचा ही बिखर जाए? भौतिक रूप से दूर रहते हुए हमें स्वयं से पूछना है कि कहीं हम खुद को भावनात्मक रूप से भी तो दूर नहीं कर रहे हैं? हमें किसी भी तरह इन दोनों बातों को आपस में गड्ड-मड्ड होने से बचाना है। हम हमेशा भौतिक दूरियों के साथ रहते आए हैं। पति-पत्नी अलग-अलग महाद्वीपों में कार्य करते हैं और परिवार पूरे संसार में फैले हुए हैं। आज हम तकनीक के माध्यम से सामाजिक और भावनात्मक संपर्क बनाए रखते हैं और हमारी जीवनशैली लम्बे समय से ऐसी ही है। तो आज की परिस्थिति में इतना अलग क्या है? शायद ऐसा इसलिए है कि हम अपने प्रियजनों की परवाह करते हैं और चिंतित हैं कि उन्हें अपने सामने सशरीर कब देखेंगे। हम संसार के दूसरे सिरे पर रहने वाले अपने माता-पिता की सहायता करने या फिर किसी प्रिय मित्र को व्यक्तिगत रूप से सांत्वना देने में अपने आपको असमर्थ पाते हैं। कारण जो भी हो, हममें से कई को अभी कुछ बिलकुल अलग-सा महसूस हो रहा है। सवाल यह उठता है कि हम भावनात्मक रूप से दूर हुए बिना सामाजिक दूरी कैसे बनाए रखें? क्या हम इस परिस्थिति का लाभ उठाते हुए अपने भावनात्मक बंधनों को और भी विकसित करना सीख सकते हैं?

समाज के समृद्ध लोग मदद के लिए आगे आयेंः विधायक गणेश जोशी


 

देहरादून। मसूरी विधायक गणेश जोशी की सराहनीय पहल मोदी किचन में अपनी भागीदारी निभाने के लिए कई सामाजिक संस्थाओं एवं लोगों बढ-चढ़कर सहयोग किया जा रहा है। इस अभियान के लिए जहां कई कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं वहीं मंगलवार को गोरखा कल्याण परिषद के अध्यक्ष राज्यमंत्री ले0 टीडी भूटिया ने विधायक गणेश जोशी को रुपये 31000 की धनराशि का चैक सौंपा ताकि मोदी किचन के लिए भोजन की सुलभ व्यवस्था हो सके।

        विधायक गणेश जोशी ने कहा कि वैश्विक महामारी के इस घड़ी में समाज के सभी समृद्ध व्यक्तियों को आगे आकर मदद के लिए हाथ बढ़ाने चाहिए। उन्होनें कहा कि मोदी-केयर्स अथवा मुख्यमंत्री राहत कोष में भी आप धनराशि को विभिन्न डिजीटल माध्यमों से जमा करवा सकते हैं। विधायक जोशी ने कहा कि हम सब पूरी तरह से इस सकंट के दौरान प्रत्येक देशवासी के साथ खड़े हैं और किसी को भी परेशान नहीं होने दिया जाऐगा। उन्होनें गोरखा कल्याण परिषद के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री टीडी भूटिया के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गोरखा समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यमंत्री भूटिया ने समाज कल्याण के हित में सराहनीय कार्य किया है।

विधायक जोशी ने बताया कि मोदी किचन के माध्यम से सोमवार को 4500 से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किये गये थे और मंगलवार को भी इस अभियान के माध्यम से कई जरुरतमंदों की सहायता की गयी है। उन्होनें कहा कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक पुण्डीर एवं ग्राम प्रधानों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सैनिटाइजर एवं मास्क वितरण का कार्य करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग की ख्याल रखते हुए उन्हें जागरुक किया जा रहा है। इस अवसर पर भाजपा के मण्डल अध्यक्ष राजीव गुरुंग उपस्थित रहे।

एयरटेल और जगरनॉट ने हजारों ई-बुक फ्री में उपलब्ध करने की घोषणा की

देहरादून। भारत के सबसे बड़े समन्वित टेल्को भारती एयरटेल (एयरटेल) ने आज घोषणा की कि वह अपने ई प्लेटफार्म जगरनॉट बुक्स (जिसे पहले एयरटेल बुक्स के नाम से जाना जाता था) पर उपलब्ध हजारों पुस्तकों तक निशुल्क एक्सेस (पहुंच) मुहैया करवाएगा।

कोविड 19 के फैलाव को रोकने के लिए भारत सरकार की शुरू की गई पहल के तहत भारत घर में रह रहा है। पाठक अपने मोबाइल फोन (एंड्रायडध्आईओएस) पर ऐप डाउनलोड कर जगरनॉट की (जिसे पहले एयरटेल बुक्स के नाम से जाना जाता था) हजारों बेमिसाल पुस्तकों और उपन्यासों को पढ़ सकते हैं। भारती एयरटेल के चीफ प्रोडक्शन ऑफिसर, आदर्श नायर ने कहा, ‘‘इस अभूतपूर्व समय में एयरटेल और जगरनॉट प्रयास कर रहे हैं कि सामाजिक दूरी बनाने के इस दौर में लोगों के पास अधिक विकल्प उपलब्ध हों और वे अपना समय अच्छे से बीता सकें। पढ़ने का फिर से मौका मिलने से बेहतर क्या होगा। एयरटेल अपने प्लेटफार्म पर ग्राहकों को नए और रोचक कंटेंट मुहैया करवाता रहेगा।’’जगरनॉट बुक्स के को फाउंडर, चिक्की सरकार ने कहा, ‘‘हमने बदलते भारत में नए तरह के पाठकों को नई ढंग से पढ़ने का अवसर मुहैया करवाने के लिए जगरनॉट  स्थापित किया है। इसलिए हम यह मानते हैं कि कोरोना वायरस के कारण लाकडाउन में स्क्रीन के समक्ष समय बीता रहे लोगों को कुछ नया और जो उनकी कल्पनाओं में है, उसे मुहैया करवाया जाए।’’जगरनॉट बुक्स कई तरह की ई-बुक्स और उपन्यास मुहैया करवाता है जिसमें प्रेम व रोमांस, बिजनेस, इतिहास, राजनीति, फिटनेस, डाइट, अध्यात्म और क्लासिक्स हैं।

सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रखने के सीएम ने जिलाधिकारियों को दिए निर्देश 

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से फोन के माध्यम से कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रखी जाए, खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की पूर्ण उपलब्धता रखी जाए, सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाए, प्रदेश की जनता को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की आवश्यकताओं के लिए शासन के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए, यह ध्यान रहे कि खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री में ओवर रेटिंग की शिकायत ना हो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों से भी स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आवश्यक सामग्री के लिए स्वास्थ्य सचिव एवं डीजी स्वास्थ्य से संपर्क करने के निर्देश दिए।

सीएम त्रिवेंद्र अपना पांच माह का वेतन देंगे मुख्यमंत्री राहत कोष में

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत अपने 5 माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता रावत ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत 1 लाख रुपए का चेक, मुख्यमंत्री की बेटी कृति रावत ने 50,000 एवं सृजा ने 2000 रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दिए हैं।

मुख्यमंत्री राहत कोष में विभिन्न संस्थाओं व लोगों ने चेक जमा कराए

देहरादून। द इंडियन एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ओर से कोविड-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु दो लाख का चेक दिया है, यह चेक स्कूल के डायरेक्टर मुनेन्द्र खंडूड़ी ने दिया। डीजी स्वास्थ्य डॉ अमिता उप्रेती ने 50,000 रुपए का चेक एवं उनके पति डॉ ललित मोहन उप्रेती ने भी 50,000 रुपए का चेक कोविड-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दिए। मुख्यमंत्री के ओएसडी जे.सी खुल्बे ने 5,000 रुपए का चेक, वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव के.के मदान ने 11,000 रुपए का चेक एवं वरिष्ठ निजी सचिव हेमचंद्र भट्ट ने 5,100 रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए हैं।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ राहत कोष में जमा कराएगा राशि

देहरादून। वैश्विक कोरोना महामारी से पीड़ित जनता के सहायतार्थ प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में सहायता राशि जमा की जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष सतीश चंद्र घिल्डियाल ने भेंट के दौरान यह जानकारी दी।

विधायक जोशी ने कहा कि कोई गरीब व्यक्ति भूखा न रहे


 

-मंगलवार को 4750 पैकेट भोजन का किया गया वितरण

 

देहरादून। विधायक गणेश जोशी ने बताया कि मसूरी क्षेत्र में अब मोदी किचन की संख्या बढ़कर पाॅच हो गयी है। मंगलवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र में खोले गये मोदी किचन की संख्या को बढ़ाते हुए मसूरी में भी इसकी शुरुवात की है। विधायक जोशी ने कहा कि हमें लगातार फोन आ रहे हैं और हमारे कार्यकर्ता लगातार भोजन उपलब्ध करवाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होनें कहा कि मंगलवार को इस अभियान के माध्यम से कई जरुरतमंदों की सहायता की गयी है। उन्होनें बताया कि डोभालवाला में 450 पैकेट, गढ़ी कैंट में 1200 पैकेट, राजपुर में 2200 पैकेट एवं जाखन में 700 पैकेट एवं मसूरी में 200 पैकेटों का वितरण किया गया। विधायक जोशी ने कहा कि मेरा लक्ष्य है कि कोई भी गरीब व्यक्ति संकट की इस घड़ी में भूखा न रहे।

       विदित हो कि मसूरी विधायक गणेश जोशी की सराहनीय पहल मोदी किचन में अपनी भागीदारी निभाने के लिए कई सामाजिक संस्थाओं एवं लोगों बढ-चढ़कर सहयोग किया जा रहा है। इस अभियान के लिए जहां कई कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। सोमवार को विधायक जोशी द्वारा इस अभियान के तहत 4500 से अधिक भोजन के पैकेट जरुरतमंद लोगों को वितरित किये गये थे। इस अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय मीडिया सहप्रभारी नेहा जोशी, डीडी जोशी, अनुज रोहिला, सिकन्दर सिंह, हेमन्त जोशी, आरके कोठारी, कुलदीप रावत, आकाश बाली, पारस बाली, पूर्व पार्षद मंजीत रावत, पार्षद संजय नौटियाल, जगमोहन भट्ट आदि उपस्थित रहे।

सीएम त्रिवेंद्र अपना पांच माह का वेतन देंगे मुख्यमंत्री राहत कोष में, पत्नी ने एक लाख का चेक जमा कराया, बेटी कृति व सृजा ने भी जमा कराए चेक


देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत अपने 5 माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता रावत ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत 1 लाख रुपए का चेक, मुख्यमंत्री की बेटी कृति रावत ने 50,000 एवं सृजा ने 2000 रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दिए हैं।


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Monday, 30 March 2020

सीमा पर अंतरराष्ट्रीय झूला पुलों के खुलने का इंतजार कर रहे 600 नेपाली मजदूर

पिथौरागढ़। लॉकडाउन के बाद नेपाल की ओर से अंतर राष्ट्रीय पुल न खोले जाने से नेपाली नागरिक आक्रोशित हैं। भारत-नेपाल सीमा पर फंसे 400 से अधिक नेपाली नागरिकों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। झूलापुल न खोले जाने से नाराज लोगों ने जमकर नारेबाजी की। नेपाली नागरिकों का कहना है कि एक तरफ भारत सरकार लोगों की समस्या व उनके हित को देखते हुए पुल खोल रही है। यहां तक भोजन भी उपलब्ध करा रही है। वहीं नेपाल सरकार इन सबसे दूर अपने ही नागरिकों के लिए झूलापुल नहीं खोल रही है। आक्रोशित लोगों ने नेपाल सरकार से पुल खोलने की मांग की है। कहा कि वे उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे। इधर नेपाली नागरिकों के आक्रोश के बाद एसएसबी पूरे मामले में नजर रख रही है। भारत के अधिकारियों ने नेपाल प्रशासन को मामले की जानकारी दे दी है।

रिटायर फौजी ने प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए एक लाख का चेक दिया

हरिद्वार। रुड़की में मदद के लिए लिए लोगों के हाथ बढ़ रहे हैं। रुड़की में भारत नगर निवासी रिटायर फौजी राम सिंह नेगी ने मदद के लिए सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट नेगी को प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए एक लाख का चेक दिया और सभी देशवासियों से अधिक से अधिक मदद करने की अपील की।

भीड़ पर अब ड्रोन से निगरानी रखी जा रही

हरिद्वार। रुड़की में लोगों की भीड़ पर अब ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। पूरे शहर में ड्रोन से पूरे दिन निगरानी की जा रही है। भीड़ ना जुटे इसके लिए लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपील जा रही है। कार चालकों पर सख्ती से कारवाई की जा रही है।

एसएसपी के निर्देश पर 58 ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

देहरादून। हरिद्वार एसएसपी के निर्देश पर सिडकुल थाने में 58 ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस को पता चला कि सिडकुल की फैक्ट्रियों में लेबर सप्लाई करने वाले कुछ ठेकेदार कामगारों को बिना पैसे दिए घर भगा रहे हैं। ऐसे 58 ठेकेदारों को चिन्हित कर पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं हरिद्वार में ही प्राइवेट बसों में फर्जी अनुमति पत्र लगाकर यात्रियों को दूसरे प्रदेश ले जाने की भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में एसएसपी ने तीन बसों को सीज कर केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। हरिद्वार में मंडी चैक के पास आज ये कार्रवाई की गई।

मोदी किचन के माध्यम से विधायक गणेश जोशी ने बांटे 4500 से अधिक खाने के पैकेट

देहरादून । कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा लाकडाउन किया गया है जिसके बाद से दैनिक मजूदरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले लोगों और उनके परिवारों के लिए रोटी का संकट आ खड़ा है। इस संकट को दूर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मोदी किचन नाम से एक अभियान प्रारम्भ किया गया है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा जरुरतमंद लोगों के लिए तीन समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मसूरी विधायक गणेश जोशी के नेतृत्व में मसूरी विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं द्वारा चार विभिन्न स्थानों पर भोजन की तैयारी की गयी है और गत रविवार से अब तक लगभग 5000 से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।

        इस अभियान से जुड़े अधिवक्ता अनुज रोहिला ने बताया कि सोमवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के मोदी किचन के माध्यम से डोभालवाला में 200 पैकेट, डाकरा में 700 पैकेट, राजपुर में 1800 पैकेट एवं जाखन में 2300 से अधिक पैकेट जरुरतमंद लोगों को वितरित किये गये। उन्होनें बताया कि मसूरी विधायक गणेश जोशी ने इस अभियान में अपने परिवार के सभी सदस्यों को लगाया हुआ है और वह स्वयं भी लगातार इस अभियान की मोनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को इस मुहिम में हमारा सहयोग करना चाहिए। डोभालवाला में डीडी जोशी, अनुज रोहिला, मंयक जोशी, हेमंत जोशी, डाकरा में भाजपा युवा नेता सिकन्दर सिंह, गौरव डंगवाल, मधु शर्मा, जाखन में पार्षद संजय नौटियाल, श्याम सुन्दर चैहान, राजपुर में पूर्व पार्षद मंजीत रावत, मोहित अग्रवाल, विशाल कुल्हान आदि ने सहयोग किया। इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष पूनम नौटियाल, राजीव गुरुंग, राहुल रावत, राकेश जोशी, सुरेन्द्र राणा, बेला गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

अभ्यर्थी अपना बायोडाटा आउटसोर्स एजेन्सी के मेल आईडी पर प्रेषित करेंः डीएम 

अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि जनपद में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड, देहरादून के निर्देषों के क्रम में विभिन्न पदों पर आगामी तीन माह के लिए कार्मिकों को आउटर्सोस किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि जनपद में एएनएम, एक्स-रे टैक्निषियन, लैब टैक्निषियन, सहायक मातृका, उपचारिका, सिस्टर पद हेतु डिप्लोमा डिग्री प्राप्त अभ्यर्थी जिनका उत्तराखण्ड मेडिकल फैकल्टी में पंजीकरण हो तथा इसके अतिरिक्त डार्करूम सहायक, ओ0टी0 एटेन्डेन्ट, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक महिला, वार्ड ब्याय, स्वच्छक की नियुक्ति आगामी 03 माह तक आउटसोर्स के माध्यम से किया जायेगा। उक्त पदों हेतु मानदेय एन0एच0एम0 उत्तराखण्ड के नाम्र्स के अनुसार देय होगा। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी अपना बायोडाटा आउटसोर्स एजेन्सी के मेल आईडी0 पर प्रेषित कर सकते हंै। इसके अलावा जनपद स्तर पर अभ्यर्थी ईमेल कर सकते है।

संत निरंकारी मिशन के सेवादार महात्माओं ने किया रक्तदान  


 

हरिद्वार। संत निरंकारी मिशन हरिद्वार ब्रांच के पास ब्लड बैंक अस्पताल की और से रक्तकोष में रक्त की कमी को  लेकर सूचना आई। सूचना मिलते ही  तत्काल प्रभाव में  हरिद्वार ब्रांच के संचालक केवल कुमार द्वारा अपने सेवादारों को साथ लेकर ब्लड बैंक अस्पताल पहुँचे जहाँ निरंकारी मिशन के सेवादार महात्माओं द्वारा रक्तदान किया गया। 

ब्लड बैंक अस्पताल के डॉ. महावीर चैहान ने बातचीत में बताया कि जैसा  आप सभी जानते है  की निरंकारी मिशन कई मर्तबा रक्तदान शिविर जैसे सामाजिक कार्यो में हमेशा से बढ़ चढकर अपना योगदान देता आ रहा है,  साथ ही 2 अप्रैल को निरंकारी मिशन द्वारा एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाना था। परंतु लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए उस कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा। मिशन हमेशा सामाजिक कार्यों में आगे रहता है। जब भी हमें रक्त की आवश्यकता पड़ती हैं हमारी ओर से  तुरंत मिशन को न्यौता भेजा जाता है। निरंकारी मिशन से जुड़े  तीन-चार सदस्य प्रतिदिन  यहाँ रक्तदान के लिए आते हैं।  जिससे यहाँ रक्त की कमी ना हो पाए, जो हमारे मरीज आते है जैसे  थैलीसीमिया, डालिसिस मरीज एवम  प्रेग्नेंट महिलाएं है इनके लिए ये रक्तदान कर रहें हैं जिसके लिए हम इन्हें शुभकामनाएं देते हैं।

फूल प्रसाद बेचने वालों को भी मिले 7 बजे से 1 बजे तक फूल प्रसाद बेचने की अनुमति मिलेः संजय चोपड़ा 


 

  हरिद्वार। कोविद-19 के दृष्टिगत जहाँ शासन-प्रशासन द्वारा आम जनता को लॉकडाउन का पालन इच्छाशक्ति के साथ कराया जा रहा है वही धर्मनगरी हरिद्वार में घाटों, मठ मंदिरो व सार्वजनिक स्थलों पर फूल प्रसाद बेचकर अपना जीवन व्यापन करने वाले व्यापारियों को अगर देखें तो लॉकडाउन प्रथम सप्ताह के उपरांत पारिवारिक, आर्थिक कंगाली से गुजरना पड़ रहा है।

फूल प्रसाद विक्रेता संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश भाटिया ने कहा शासन-प्रशासन को चाहिए कि जिस प्रकार से 7 बजे से 1 बजे तक खाद्य सामग्री, दवाइयों की दुकान फल फ्रूट इत्यादि क्षेत्रो की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गयी है उसी के तर्ज पर हिन्दू के पावन पर्व नवरात्रों के दृष्टिगत हमे भी फूल प्रसाद बेचने की अनुमति 7 बजे से 1 बजे तक दी जानी चाहिए ताकि हम अपनी रोजी रोटी चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर सके और सरकारी संरक्षण में हमारी स्वास्थ की भी देखरेख हो सके।

इस अवसर पर लघु व्यापार एसो. के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा धर्मनगरी हरिद्वार में अमूमन फूल प्रसाद बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले लघु व्यापारियों की भारी तादाद जोकि दिन- प्रतिदिन गंगा के घाटो व मठ मंदिरो के आस पास फूल प्रसाद बेचकर अपना कारोबार करते चला रहे है उनकी पीड़ा को शासन प्रशासन द्वारा संज्ञान में लेकर उन्हें भी 7 बजे से 1 बजे तक कि फूल प्रसाद बेचने की अनुमति राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत दी जानी चाहिए। चोपड़ा ने यह भी कहा अभी नवरात्रो के पावन पर्व चल रहे है और आने वाले चेत की पूर्णमाशी तक हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार माँ भगवति की पूजा- पाठ व अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहेगा वही ग्रामीण क्षेत्रो के लघु किसान जोकि 12 माह फूल की खेती करते है और शहरी क्षेत्रों में फूल की बिक्री ना होने के कारण खेतो में फूल सड़ रहा है और लघु किसानों का भारी मात्रा में नुकसान हो रहा है जोकि न्यायसंगत नही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो क्रांफ्रेसिंग से डॉ. पण्ड्या से की बात


 

-गायत्री परिवार प्रमुख ने हरसंभव सहयोग करने का दिया आश्वासन

 

हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोपहर में वीडियो क्रांफ्रेसिंग के माध्यम से गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या से चर्चा की। करीब दस मिनट चली इस चर्चा के दौरान डॉ पण्ड्या ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हरसंभव सहयोग करने का अपना वादा दोहराया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डॉ. पण्ड्या से आग्रह करते हुए कहा कि आप स्वयं एक फिजीशन भी है और वैज्ञानिक होने के नाते हुए इस बीमारी से बचने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जनमानस को अवगत कराये। इस अवसर पर डॉ. पण्ड्या ने अपने मनोचिकित्सा एवं आध्यात्मिक चिकित्सा के प्रयोगों पर द्वारा लोगों के मन में संचारित उत्साह की जानकारी भी दी।

गायत्री परिवार प्रमुख डा. पण्ड्या ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस जैसे महामारी से लड़ने में गायत्री परिवार से सहयोग माँगा। इसके साथ ही देशभर में फैले गायत्री परिवार के पाँच हजार से अधिक प्रज्ञा संस्थानों द्वारा कोरोना वायरस के मद्देनजर फँसे लोगों में भोजन पैकेट पहुंचाने तथा मुख्यमंत्री राहत कोष एवं प्रधानमंत्री राहत कोष में आर्थिक रूप से किये जा रहे सहयोग से अवगत कराया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गायत्री परिवार के निःस्वार्थ भाव की प्रशंसा करते हुए सम्पूर्ण समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया। उल्लेखनीय है कि गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. पण्ड्या के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैयाजी जोशी, आर्ट ऑफ लिविंग के श्रीरविशंकर, पतंजलि योगपीठ के स्वामी रामदेव, जग्गी वासुदेवा, रामकृष्ण मिशन सहित सोलह संगठनों के प्रमुखों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से चर्चा की।

जिले के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने की बचाव कार्यों की समीक्षा


 

हरिद्वार। राज्य सरकार द्वारा कोरोनो वायरस के संक्रमण से बचाव एवं जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा और बेहतर परिणामों के लिए बनाये गये हरिद्वार के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सीएमओ सहित जनपद के समस्त विभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी और सीएमओ से जिले में कुल आईसोलनेशन वार्ड, क्वांरटीन सुविधा, सैम्पल जांच की प्रक्रिया और लगने वाले समय आदि की जानकारी ली। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि आईसोलनेशन वार्ड, क्वांरटीन सुविधा जल्द ही बढ़ाकर एक हजार करने की प्रकिया गतिमान है। सौ जंाच सैंपल प्रतिदिन लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाता है। इसमें बढ़ोतरी की जायेगी।

 रविशंकर ने बताया कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड हैं उनको तीन माह का राशन एडवांस में दिया जा रहा है। लोग सड़कों पर न निकलें सोशल डिस्टेंस मेंटने रहे इसके लिए किराना दुकानों को सूचिबद्ध कर मोबाइल नम्बर से होम डिलीवरी की सुविधा लोगों को दी जा रही है। निगमों और पंचायत विभाग के माध्यम से नगर और गांवों में सेनेटाइजेशन( सोडियम हाइपोक्लोराइड) छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक 289 गंाव पंचायतों में किया जा चुका है। यहां स्थापित आवश्यक सेवा और उत्पाद जिनमें खाद्य सामग्री उत्पादक, सेनेटाइजर निर्माता आदि इकाईयों को सोशल डिसटेंसिग, हाईजीन का पालन कराते हुए निर्माण कार्यो की अनुमति दी गयी है। नियमों को पालन किया जाये इसके लिए लगातार छापेमारी भी इन संस्थानों पर की जा रही है। उद्योग बंद होने से बेरोजगार हुए सिडकुल के कामगारों के मकान मालिकों से एक माह का वेतन अभी इनसे न लिये जाने तथा उद्यामियों को इन किरायेदार मजदूरों को इनका एक माह का वेतन दिये जाने के आदेश दे दिये गये हैं।

सभी आवश्यक सेवा प्रदान करने वाले विभागों के हेल्पलाइन नम्बर जारी किये जा चुके हैं। जिनमें आपदा कंट्रोल रूम के लिए-01334-223999,7055258800, यात्रा हेल्पलाइन 7900224224, टोल फ्री नम्बर1077, स्वास्थ्य सम्बधी सूचना हेतु 01334-239220,9761895871,9411795573, 8178050442, 9458316265 तथा नगर निगम कंट्रोल रूम 01334-227006, पुलिस कंट्रोल रूम 01334-265876 प्रचारित किये गये हैं।

प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा बांटी जा रही राहत सामग्री तथा राशि के लिए दुरस्त प्रणाली और रिर्काड मेंटेन करने के निर्देश दिये। उन्होंने ऐसी आपदा की घड़ी में फोन बंद रखने वाले अधिकारियों को भी चेतावनी दी। उन्हेांने कहा कि लोग संकट घड़ी में अधिकारियों को फोन कर रहे हैं, और अधिकारी लोगों के फोन नहीं उठा रहे हैं, ऐसे के विरूद्ध कार्रवाई निश्चित की जायेगी। ऐसे  अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि की बात भी कही। बैठक में आये विधायक आदेश चैहान, सुरेश राठौर, यतीश्वरानंद ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं से भी मंत्री और जिला प्रशासन को अवगत कराया। सभी ने किसानों के सामने चारा, तैयारी खड़ी गेहूं की फसल काटने के लिए जाने वालों के पास की व्यवस्था, खेतों में सिंचाई आदि की समस्या के निदान की मांग रखी। इस अवसर पर राज्यमंत्री पशु कल्याण विनोद आर्य, जिलाध्यक्ष भाजपा जयपाल चैहान,विकास तिवारी, सुशांत पाल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय धर्मशाला सुरक्षा समिति के तत्वाधान में गणेश बहावलपुर ट्रस्ट के प्रबंधक रमेश नारंग और राष्ट्रीय धर्मशाला सुरक्षा समिति के महामंत्री विकास तिवारी ने कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में रू 51000 हजार का चेक प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज को जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।

कोरोना से बचाव कार्यों में फ्रंटलाइन में कार्यरत 68457 कार्मिकों को मिलेगा 4-4 लाख का बीमा लाभ 

देहरादून। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव कार्यों में फ्रंटलाइन में कार्यरत 68457 कार्मिकों को 4-4 लाख का बीमा लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसकी स्वीकृति दी है। 01 वर्ष की अवधि के लिए इस पर 17.02 करोङ रूपए का व्यय आएगा। इसका वहन मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों का बीमा केन्द्र सरकार के स्तर से किया जा चुका है। राज्य सरकार के स्तर पर बीमा लाभान्वितों में 22523 पुलिस कार्मिक, 7988 स्वास्थ्यकर्मी, 14595 आंगनबाङी कार्यकत्रि, 14376 आंगनबाङी सहायिका, 4924 मिनी आंगनबाङी सहायिका, 464 सुपरवाईजर, 78 सीडीपीओ, 09 डीपीओ,  जीएमवीएन व केएमवीएन के 3000 कार्मिक, एसईओसी, डीईओसी के 500 कार्मिक शामिल हैं। मीडिया कर्मियों के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है।

टीवीएस मोटर कंपनी प्रधानमंत्री राहत कोष में देगी 25 करोड़ रु. 

देहरादून। टीवीएस मोटर कंपनी ने सोमवार को कहा कि यह कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष (पीएम-केयर्स) में 25 करोड़ रु. दान देगी। कंपनी द्वारा समूह की विभिन्न फर्म्स जैसे टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड, सुंदरम-क्लेटन लिमिटेड व अन्य की ओर ये यह योगदान किया जा रहा है। 

टीवीएस मोटर कंपनी की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया कि यह समृद्ध व टिकाऊ समाज सुनिश्चित करने हेतु कंपनी द्वारा लगातार किये जाने वाले प्रयासों के अनुरूप है। कहा गया है कि इस अंशदान के अलावा, कंपनी की ओर से समूह की सीएसआर शाखा, श्रीनिवासन सर्विसेज ट्रस्ट (एसएसटी) के जरिए पहले से ही अन्य राहत व जनहितकारी कार्य किये जा रहे हैं। टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन, वेणु श्रीनिवासन ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी आधुनिक इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना है और इस लड़ाई को जीतने के लिए मानवता के सर्वोत्तम मूल्यों का परिचय देना होगा। हम इससे लड़ने के लिए सरकार के दृढ़संकल्प और उनके द्वारा उठाये गये कदमों की प्रशंसा करते हैं। और अब, अभूतपूर्व रूप से हम सभी के लिए यह आवश्यक है कि एक राष्ट्र के रूप में एक-दूसरे के साथ सहयोग करें व समर्थन दें।’’

एसएसटी सहायताप्रद उपकरण जैसे कि मास्क्स तैयार करने व इसकी आपूर्ति करने जैसे कई अन्य कदम उठा रहा है, ताकि स्वास्थ्यकर्मियों व पुलिसकर्मियों को पकाया हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

पीएम मोदी ने वीडियो क्रांफ्रेसिंग से की गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या से चर्चा

हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो क्रांफ्रेसिंग से गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या से चर्चा की। करीब दस मिनट चली इस चर्चा के दौरान डॉ. पण्ड्या ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हरसंभव सहयोग करने का अपना वादा दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. पण्ड्या से आग्रह करते हुए कहा कि एक वैज्ञानिक होने के नाते हुए वह इस बीमारी से बचने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जनमानस को अवगत कराये। इस अवसर पर डॉ. पण्ड्या ने अपने मनोचिकित्सा एवं आध्यात्मिक चिकित्सा के प्रयोगों पर द्वारा लोगों के मन में संचारित उत्साह की जानकारी भी दी। डॉ. पण्ड्या ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस जैसे महामारी से लड़ने में गायत्री परिवार से सहयोग मांगा है।  इसके साथ ही देशभर में फैले गायत्री परिवार के पांच हजार से अधिक प्रज्ञा संस्थानों द्वारा कोरोना वायरस के मद्देनजर फंसे लोगों में भोजन पैकेट पहुंचाने तथा मुख्यमंत्री राहत कोष एवं प्रधानमंत्री राहत कोष में आर्थिक रूप से किये जा रहे सहयोग से अवगत कराया। प्रधानमंत्री मोदी ने गायत्री परिवार के निःस्वार्थ भाव की प्रशंसा करते हुए सम्पूर्ण समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. पण्ड्या के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैयाजी जोशी, आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्रीरविशंकर जी, पतंजलि योगपीठ के स्वामी रामदेव, जग्गी वासुदेवा, रामकृष्ण मिशन सहित सोलह संगठनों के प्रमुखों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से चर्चा की।

क्वारंटाइन का पालन न करने पर 15 लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई

रुद्रप्रयाग। जिले में 2000 से अधिक लोगों को घर पर क्वारंटाइन किया गया है। बावजूद इसके लोग निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन अब इन लोगों के घरों पर ड्रौन कैमरे से नजर रख रहा है। साथ ही होम क्वारंटाइन का पालन न करने पर 15 लोगों के खिलाफ धारा 188 के तहत चालान की कार्रवाई की गई है। 

जिले में बाहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रवासी गांवों में रहने आए हैं। इनमें से दो हजार लोग ऐसे हैं, जिन्हें प्रशासन ने 14 दिनों के लिए घर पर ही क्वारंटाइन रहने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके लोग गांवों में घूम रहे हैं, जिसके चलते अब जिला प्रशासन ड्रोन के जरिये सभी पर नजर रख रहा है। इसी का नतीजा है कि बाहर घूमने पर 15 होम क्वारंटाइन लोगों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। लॉकडाउन अवधि में नियमों का उल्लघंन करने पर पुलिस अब तक कुल 186 लोगों का चालान कर चुकी है। डीएम मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि लोग लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसके लिए प्रशासन ड्रोन से निगरानी कर रही है। फिलहाल पुलिस ऐसे 15 लोगों के विरुद्ध धारा-188 के तहत कार्रवाई कर चुकी है। इसमें दो साल तक कारावास की सजा है। 

पशुओं को चारा-पानी की व्यवस्था करने के दिए निर्देश

अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लाॅक डाउन के दौरान शहर के बेसहारा व आवारा पशुओं को चारा-पानी की व्यवस्था के निर्देश मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को दिये गये थे। इस सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने जाखनदेवी, धार की तूनी, टैक्सी स्टैण्ड, थपलिया, लोअर माल रोड, डिग्री कालेज के अलावा अनेक स्थानों पर ऐसे पशुओं को चारे पानी की व्यवस्था की गयी हैं। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता टीटू पंत ने अनेक स्थानों पर पशुओं को हरा चारा दिया। जिला अधिकारी ने नगर के लोगों से यह अपील की है कि इस अवधि में ऐसे बेसहारा पशुओं को अपने आस-पास चारा पानी आदि दे जिससे कि पशु भूखे न रहें उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं को चारा खिलाये जाने के लिए निर्देशित किया हैं।

जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा राशन किट 

अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि कोरोना वायरस खतरे से सुरक्षा के दृष्टिगत हुये लाॅक डाउन के दौरान जरूरतमंद व निर्धन लोगांे को विभिन्न तहसीलों में सम्बन्धित उपजिलाधिकारियों द्वारा राशन किट उपलब्ध कराया जा रहा है जिसमें आटा, चावल, दाल, मसाले, नमक, तेल आदि उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न तहसीलों में ऐसे जरूरतमंद लोगो का चिन्हीकरण कर उनके खाने-पीने की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। उपजिलाधिकारी जैंतीध्भनोली द्वारा आज 29 लोगो को राशन किट वितरित की गयी। वहीं उपजिलाधिकारी सल्ट द्वारा 53 राशन किट जरूरतमंद लोगो को वितरित की गयी। रानीखेत तहसील द्वारा 87 लोगो को राशन किट वितरित की गयी। द्वाराहाट तहसील द्वारा 24 जरूरतमंद लोगो को राशन किट दी गयी। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने हेतु समस्त तहसीलों के विभिन्न स्थानों पर स्प्रे के माध्यम से सेनिटाईजेशन किया गया वहीं विभिन्न दुकानांे में लोगो को सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए खदीददारी करने के लिए जागरूक किया गया। इसके अलावा सभी स्थानों पर आवश्यक वस्तुओं की दुकानों का निरीक्षण किया गया।

रोेटी बैंक जरूरतमंदों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा


 

अल्मोड़ा। जिला प्रशासन द्वारा गरीब, मजदूरों व असहाय लोगों के लिए स्थापित रोेटी बैंक जरूरतमंदों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि कोरोना वायरस खतरे से सुरक्षा के दृष्टिगत हुये लाॅक डाउन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा गरीब मजदूरो, असहाय लोगो जिन्हें भोजन की आवश्यकता है उनके लिये मुफ्त में भोजन की व्यवस्था रोटी बैंक के माध्यम से की जा रही हैं। यह रोटी बैंक हुक्का क्लब में संचालित किया जा रहा है जरूरतमंद लोग यहां आकर भोजन प्राप्त कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसे जरूरतमन्द जिन्हें भोजन की आवश्यकता है नोडल अधिकारी डा0 अजीत तिवारी से सम्पर्क कर सकते है। नोडल अधिकारी डा0 तिवारी द्वारा अवगत कराया गया कि आज 1750 ऐसे जरूरतमदों को भोजन पैकेट बांटे जा चुके हैं और 1400 लोगों द्वारा भोजन पैकेट की माॅग की गयी है जो तैयार किये जा रहे हैं।

कोई भी व्यक्ति जनपद की सीमा से बाहर नहीं जायेगा, जो जहां है वहीं रूका रहेगाः डीएम 

 

 

नैनीताल। भारत सरकार के आदेशानुसार व मुख्य सचिव उत्तराखण्ड द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने आदेश दिये है कि कोई भी व्यक्ति जनपद की सीमा से बाहर नहीं जायेगा। जो व्यक्ति जहां पर है वही रूका रहेगा। जिलाधिकारी श्री बंसल ने आदेश दिये है कि किसी उद्योग दुकान व वाणिज्यक संस्थान में कार्य करने वाले समस्त कार्मिको के वेतन का भुगतान नियत तिथि को बगैर किसी कटौती के उनके कार्य स्थल पर ही किया जायेगा। उन्होने कहा किराये पर रहने वाले श्रमिकों, मजदूरों, छात्रों से मकान मालिक द्वारा एक माह तक किराये की मांग नही की जायेगी और ना ही उन्हे आवास, कमरा खाली करने हेतु बाध्य किया जायेगा। किसी उद्योग,दुकान, वाणिज्यक संस्थान में कार्यरत अथवा किसी ठेकेदार के अधीन कार्यरत ऐसे मजदूर जो अपने स्थान पर रूके हुये है या फंसे हुये है  उनके उसी स्थान पर रहने, खाने आदि की समस्त व्यवस्था सम्बन्धित उद्योग स्वामी, संस्थान कम्पनी, ठेकेदार द्वारा ही किया जाना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने कहा उक्त आदेशों का उल्लंघन करने पर सम्बन्धित के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 एवं महामारी अधिनियम 1897 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी। उन्होने कहा कि मजदूरों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर हैल्प लाइन नम्बर- 1077 और 112 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है जिस पर तत्काल प्रशासन व पुलिस द्वारा कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जिलाधिकारी श्री बंसल ने निर्देश दिये कि लाकडाउन मे किसी भी प्रकार की शिथिलता ना बरती जाए यदि कोई भी व्यक्ति इस दौरान अनाधिकृत रूप से जिले की सीमा मे प्रवेश करते तथा धूमते हुये पाया गया तो ऐसे लोगों को 14 दिन के कोरेन्टाइन मे रखा जायेगा इसके साथ ही ऐसे लोगों के विरूद्व आईपीसी की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया जायेगा। उन्हांेने सभी को ड्यूटी अवधि में सामाजिक दूरी का स्वयं पालन करते हुये अनुपालन कराने के निर्देश दिये।

नैनीताल के 33 होटलों एवं केएमवीएन के पर्यटक आवास गृहोें का अधिग्रहण किया गया 

नैनीताल। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेशों के क्रम मंे पर्यटन नगरी नैनीताल के 33 होटलों एवं कुमायू मण्डल विकास निगम के पर्यटक आवास गृहोें का अधिग्रहण कर लिया गया है। अधिग्रहण आदेश उपजिलाधिकारी नैनीताल विनोद कुमार की ओर से जारी किया गया है जो कि तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है।

उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया है कि शहर नैनीताल के टीआरसी सूखाताल, तल्लीताल, राज्य अतिथि गृह नैनीताल क्लब के अलावा होटल विक्रम विटेंज,शेरवानी,मन्नू महारानी,अल्का, चन्नीराजा, गुरदीप,शालीमार,ग्रान्ड होटल,एवरेस्ट, हिमालय,सेन्ट्रल, क्लासिक, नेशनल, वैल्कम, हैप्पी होम, गजराज,अर्श, एपिल इन,ट्रैवल्र इन भवाली, मिस्टेओक भवाली, स्पिं्रगवुड इन भवाली, हरशिखर होटल भीमताल, निलेशइन भीमलाल, पाइंन क्रिस्ट भीमताल, कन्ट्रीइन भीमताल का अधिग्रहण किया गया है। उन्होने बताया कि इसके अलावा नैनीताल के यूूथ हास्टिल, बलरामपुर हाउस, ग्राफिक एरा के हिल्स यूनिवर्सिटी कैम्पस भीमताल का भी अधिग्रहण किया गया हैै।

उपजिलाधिकारी ने बताया कि शासनादेश के अनुसार कोरेनटाइन अवधि में रखे गये लोगों का 950 रूपये प्रतिदिन प्रतिकक्ष किराया तथा 150 रूपये  प्रतिदिन भोजन का व्यय प्रशासन द्वारा किया जायेगा लेकिन यदि कोई कोरेन्टाइन व्यक्ति इससे अधिक सुविधाजनक आवासीय व्यवस्था चाहता है तो उसे भुगतान स्वयं किया जायेगा।

संस्थाओं के सहयोग से जिला प्रशासन ने भोजन के पैकेट वितरित किए 


 

देहरादून। जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि आज विभिन्न स्वंयसेवी संस्थाओं ने जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करते हुए भोजन पैकेट उपलब्ध कराये, जिसमें मुख्यतः राधास्वामी सत्संग व्यास, उत्तरांचल पंजाबी महासभा, सुनील गुप्ता पत्रकार, कालिका मन्दिर समिति, संजीब गुप्ता मन्नूगंज, गीताभवन, इण्डियन पब्लिक स्कूल राजावाला, अध्यक्ष सर्राफा मण्डल मनभावन, जिनेश सहगल एवं दुर्गा वर्मा एवं राधास्वामी संत्संग व्यास (ऋषिकेश शखा) द्वारा भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये गये।  जनपद में कुल 5565 भोजन पैकेट वितरित किये गये, जिनमें 4 वरिष्ठ नागरिक, 5 विद्यार्थी एवं जनपद के विभिन्न क्षेत्रों जैसे गोविन्द गढ 486, शिव मन्दिर बहा्रम्पुरी 236, लाल पुल 188, संजय कालोनी 295, पटेलनगर 120, वाल्मिकी बस्ती करनपुर 185, ट्रांस्पोर्ट नगर में 195, मोथोरोवाला में 180, कारगी चैक में 240, आईएसबीटी में 130, नन्दा की चैकी में 250, चुक्खुवाला इन्दिरा कालोनी 680, निकट कैन्ट बोर्ड में 700, सहारनपुर चैक में 95, निकट आराघर पुलिस चैकी 110, निकट दून अस्पताल 40, निकट लक्खीबाग चैकी 95, डी.एल रोड बस्ती में  196, तरला अधोईवाला चूना भट्टा 85, बिन्दाल बस्ती 270,  ओगल भट्टा 170, कुम्हार मण्डी 120,  ऋषिकेश में 500, व्यक्तियों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये गये।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में आज जिला प्रशासन की टीम द्वारा  जनपद के विभिन्न स्थानों पर 820 अन्नपूर्णा राशन किट वितरित की गयी, मसूरी में 150 , ऋषिकेश में 100, देहरादून सदर में 270  एवं तहसील डोईवाला क्षेत्रान्तर्गत 300 पैकेट वितरित किये गये। लाॅक डाउन की अवधि में विगत दिवसों में उपलब्ध कराये गये एक वरिष्ठ नागरिक द्वारा जिला प्रशासन द्वारा किये गये जनहित के कार्यों की प्रशंसा करते हुए अपना शुभकामना संदेश प्रेषित किया है। ‘ इस कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लाॅक डाउन अवधि की विषम परिस्थितियों में जिला प्रशासन द्वारा आम जनमानस  हेतु किये गये उत्कृष्ट कार्य कार्यों के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हूॅ, जिसमें हमारा मनोबल बढाते हुए भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी एवं उम्मीद करता हूॅं कि भविष्य में इसी भावना के साथ समाज के विभिन्न वर्गों को सहायता उपलब्ध करायेंगे। जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अवगत कराया है कि लाॅक डाउन अवधि में सिविल सोसायटी व शासकीय विभागों द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों  के दृष्टिगत प्रतिदिन उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक-एक कोरोना वाॅरियर को चुना जायेगा। सिविल सोसायटी से कोरोना वाॅरियर राधा स्वामी सत्संग व्यास शाखा देहरादून तथा शासकीय विभाग से डाॅ अनुराग अग्रवाल फिजिशियन को कोरोना वाॅरियर चुना गया है।

रेट लिस्ट दुकानों पर चस्पा करने के दिए निर्देश 

देहरादून। कोरोना वायरस कोविड-19 की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण तथा लाॅक डाउन के दौरान जनपदवासियों को खाद्य सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं की उचित दरों पर उपलब्धता एव ंक्रय-विक्रय के समय सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेसिंग) करवाने हेतु जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन जनपद क्षेत्रान्तर्गत फल, सब्जी, राशन, दवा की दुकानों, गैस एजेंसियों पर सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) कड़ाई से पालन  करने के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न सामग्री के विक्रय हेतु जारी की गयी रेट लिस्ट दुकानों पर चस्पा करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने जनपद क्षेत्रान्तर्गत ऐसे नियोक्ता (मालिक) अपने-अपने उद्योगों अथवा दुकानों में काम करने वाले सभी श्रमिकों लाॅक डाउन अवधि का वेतन निर्धारित तिथि को बिना किसी कटौती के भुगतान करने के निर्देश दिये। इसी क्रम  में जिलाधिकारी ने ऐसे प्रवासी श्रमिकों अथवा छात्र जो किराये के आवास में रह रहै हैं उन सम्पत्तियों के मकान मालिकों को निर्देश जारी किये हैं कि मकान मालिक ऐसे श्रमिकों एवं छात्रों से एक महीने की अवधि के लिए किराये की मांग नही करेंगे तथा कोई भी शिक्षण संस्था किसी भी अध्ययनरत छात्र-छात्रा को शुल्क जमा करने हेतु दबाव नहीं बनायेंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नियोक्ता अपने श्रमिकों के वेतन में कटौती करता है, कोई मकान मालिक श्रमिकों अथवा छात्रों से मकान खाली करने को कहता है तथा कोई संस्थान छात्रों को शुल्क जमा करने को मजबूर करता है तो सम्बन्धित नियोक्ता, मकान मालिक तथा शिक्षण संस्था के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की धारा 10(2)(1) तथा के तहत् कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

जिलाधिकारी द्वारा कोरोना वायरस के सकं्रमण की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए सुनिश्चित किया गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी अन्य राज्य एवं जनपद से देहरादून जनपद की सीमा क्षेत्रान्तर्गत प्रवेश कर रहा है, उसे निश्चित तौर पर चिन्हत फैसिलिटी कोरेंटीन में ही 14 दिनो के लिए रखा जाय ताकि कोविड-19 संक्रमण को जन समुदाय में प्रसारित होने से रोका जा सके। जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में चिन्हित एवं अधिग्रहित किये गये क्वारेंटाइन सेन्टर यथा टीआरएच डाकपत्थर, टीआरएच मसूरी, टीआरएच भारत भूमि ऋषिकेश, स्पाॅट आन होटल  कोटरा संतोर प्रेमनगर, ग्राफिकएरा हिल यूनिवर्सिटी क्लेमेन्टाउन, फाईनेंस टेªनिंग इंसटीट्यूट सुद्धोवाला, वर्किंग वुमेन हाॅस्टल ईसी रोड में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती कर दी गयी है। उक्त स्थापित क्वारेंन्टाइन सेन्टरों के लिए  नोडल अधिकारियों की नियुक्त किये गये है। जिनमें टीआरएच डाकपत्थर के डाॅ के.के शर्मा, 7906194824,  टीआरएच मसूरी के लिए डाॅ आलोक जैन 9412059369, टीआरएच भारत भूमि ऋषिकेश डाॅ एन.एस तोमर, स्पाॅट    कोटरा संतोर के लिए डाॅ यू.सी कण्डवाल 9412403065, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के लिए डाॅ हिमानी भण्डारी, फाइनेंस रिसर्च टेªनिंग इंस्टीट्यूट प्रेमनगर के लिए यू.सी कण्डवाल 9412403065 तथा वर्किंग वुममेन हास्टल ईसी रोड के लिए डाॅ वी.सी रमोला, 9458153300 को नोडल अधिकारी निुयक्त किया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि लाॅक डाउन का उल्लंघन करने वालों से अब सख्ती से निपटा जायेगा तथा आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी एवं ओवर रेटिंग करने वाले व्यापारियों के खिलाफ प्रशासन आवश्यक कार्यवाही करेगा। आटा व मसाला चक्की आवश्यक सेवा में सम्मिलित है जो प्रातः 07 बजे अपरान्ह 01 बजे तक खुली रहेंगी। किराने के सामान में हाथ धोने की मशीन, साबुन, कीटाणुनाशक, बाॅडी वाश शैम्पू, सतह क्लिनर डिटरजेंट, टिश्यु पेपर, टूथपेस्ट, ओरल केयर, सेनेट्री पैड, डाईपर, बैटरी सेल, चार्जर जैसे स्वच्छता उत्पादों वाले सामान को भी दुकान में प्रातः 07 बजे से अपरान्ह 01 बजे तक विक्रय करने की अनुमति होगी। जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि जिला रेडक्रास सोसायटी आवश्यक सेवाओं में सम्मिलित रहेगी तथा ब्लड बैंक से समन्वय स्थापित कर रक्तदान की व्यवस्था ( सामाजिक दूरी सम्बन्धी मानकों का अनुपालन करते हुए) करेगी, जिससे ब्लड बैंक में जरूरत के अनुसार रक्त उपलब्ध हो सके। पेंशन तथा सामान्य भविष्य निधि कर्मचारी (ईपीएफओ) से सम्बन्धित कार्यालय संस्थान आवश्यक सेवाओं की भांति अपरान्ह 01 बजे तक खुले रहेंगे, जिसमें न्यूनतम कार्मिक ही कार्य हेतु उपस्थित रहेंगे। 

वेलमेड हॉस्पिटल ने उठाया एंबुलेंसेस को सैनिटाइज करने का जिम्मा


-एंबुलेंसेस ड्राइवरों को भी बांटे मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर

 

देहरादून। वेलमेड हॉस्पिटल ने श्श्कोरोना योद्धाओंश्श् को कोरोना वायरस से बचाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। उत्तराखंड में पहली बार किसी हॉस्पिटल ने देहरादून के सभी प्राइवेट एंबुलेंसेस को सैनिटाइज करवाने का जिम्मा उठाया है। इसके अलावा सभी एंबुलेंस ड्राइवरों को भी सर्जिकल ग्लव्स, मास्क व सैनिटाइजर भी बांटे जा रहे हैं।

सोमवार को टर्नर रोड़ स्थित वेलमेड हॉस्पिटल ने देहरादून की सभी प्राइवेट एंबुलेंसेस को सैनिटाइज करवाने की जिम्मेदारी ली, इसके साथ ही श्श्कोरोना योद्धाओंश्श् एंबुलेंस ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए मास्क, ग्लव्स व हैंड सैनिटाइजर की बोतलें बांटी। पहले दिन वेलमेड हॉस्पिटल ने 10 एंबुलेंसेस को सैनिटाइज किया, साथ ही हॉस्पिटल स्टॉफ ने इन्हें कोरोना से बचाव करने के बारे में जानकारी दी और हैंड हाइजीन के बेसिक स्टैप के बारे में बताया। हॉस्पिटल के चैयरमैन डॉ. चेतन शर्मा ने कहा कि इस वक्त सरकारी व गैरसरकारी सभी एंबुलेंस ड्राइवर कोरोना योद्धाओं की भूमिका निभा रहे हैं। अपने जान की परवाह किए बिना ये लोग मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहे हैं, इसलिए वेलमेड हॉस्पिटल ने इन एंबुलेंस ड्राइवरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली है। जिसके तहत इन लोगों की एंबुलेंसेस को सैनिटाइज किया जा रहा है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण से ये बच पाएं, साथ ही मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह देश को इस महामारी से उभारने में सहयोग करें। आप खुद को घर में कैद करके, गरीबों को खाना खिलाकर या फिर कोरोना की जंग में पहली लाइन में खड़े वॉरियर्स (योद्धाओं ) का मनोबल बढ़ाकर अपन सहयोग दे सकते हैं। इस मौके पर डॉ. चेतन शर्मा, डॉ. ईशान शर्मा, विशाल सेठी, अजय सिंह नेगी, सुनील कुकरेती, सचिन पाण्डेय, दुर्गेंश सिंह, दीपक कुमार, नितिन कुमार, रजत नेगी आदि मौजूद रहे।

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राज्यपाल पीएमसीएआरईएस फंड के लिए अपना एक माह का वेतन देंगी 

 

 

-कोरोना वायरस की जांच और उपचार को लेकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली

 

देहरादून। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सोमवार को राज्य के तीन अस्पतालों में बात कर कोरोना वायरस की जांच और उपचार को लेकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। राज्यपाल ने सीधे डॉक्टरों, नर्सों और प्रयोगशाला अधीक्षकों से बात की। राज्यपाल ने भर्ती कोरोना वायरस के मरीजों का हाल भी जाना। राज्यपाल ने सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उनका योगदान अमूल्य है। राज्यपाल ने राजकीय सुशीला तिवारी हॉस्पिटल हल्द्वानी की प्रयोगशाला में डॉ. अनीता रावत, दून अस्पताल की सहायक नर्सिंग अधीक्षिका रामेश्वरी नेगी और मिलिट्री अस्पताल के डॉक्टर कैप्टन युगांक गुप्ता से भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा करोना वायरस से लड़ने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं और इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए आह्वान में राज्यपाल ने पीएमसीएआरईएस फंड हेतु अपना एक माह का वेतन प्रदान करने का निर्णय भी लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग हेतु यथाशक्ति योगदान दें।

मकान मालिक छात्रों और श्रमिकों से एक माह की अवधि के लिए किराया नहीं मांग सकेंगे

देहरादून। उत्तराखंड में लॉकडाउन के दौरान अब मकान मालिक छात्रों और श्रमिकों से एक माह की अवधि के लिए किराया नहीं मांग सकेंगे। इस संबंध में शासन से आदेश जारी किए गए हैं।

आदेश दिए गए हैं कि उद्योगों और दुकानों में काम करने वाले श्रमिकों को उनका वेतन भी निर्धारित समय पर बिना किसी कटौती के देना होगा। वहीं शिक्षण संस्थाएं किसी भी अध्ययनरत छात्र-छात्रा पर फीस जमा करने हेतु दबाव नहीं बनाएंगे। और अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में संबंधित मकान मालिक तथा शिक्षण संस्थान के खिलाफ आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की धारा 10(2)(1) तथा उत्तराखंड एपिडेमिक डिजीज, कोविड 19 रेग्युलेशन, 2020 और एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन में छह घंटे की ढील देने का फैसला बरकरार रखा है। सरकार ने सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए जनता को घर से बाहर निकलने की अनुमति जारी रखी है। लेकिन इस दौरान चैपहिया वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे।

फोन पे ऐप के माध्यम से पीएम केय्ार कोष में दान का संकल्प 

देहरादून। इस वक्त जब भारतीय कोबिड-19 का मुकाबला करने के लिए घर में लॉकडाउन हैं, फोन पे ने 100सीआरओआरईपी,लईडीजीई शुरू की है, जिसमें 10 करोड़ भारतीय नागरिकों को पीएम केय्ार कोष में दान करने का आग्रह किया गया है ताकि  कोबिड-19 के खतरे से लड़ने में अपनी एकजुटता दिखाई जा सके। फोन पे ने 30 अप्रैल तक य्ाूपीआई का उपयोग करके फोन पे ऐप के माध्यम से पीएम केय्ार कोष में रु.1 का दान देने वाले प्रत्येक भारतीय के लिए रु.10 का योगदान देने का संकल्प लिया है। कुल मिलाकर, फोन पे ने अधिकतम 100 करोड़ रुपये तक का योगदान देने का वादा किया है। अभियान को 29 मार्च की शाम तक लॉन्च होने के 24 घंटों के भीतर दान राशि 12 करोड़ और दान दाताओं के 4 लाख से अधिक की एक मजबूत प्रतिक्रिया मिली है।

इस पहल के बारे में बोलते हुए, समीर निगम, संस्थापक और सीईओ, फोन पे ने कहा रु 100सीआरओआरईपी,लईडीजीई संकट के इस दौर में देश की मनोदशा को उठाने का एक प्रयास है। हम चाहते हैं प्रत्येक भारतीय एकसाथ एकजुट हों और पीएम केय्ार फंड में दान करें, चाहे उन का दान केवल रु.1 ही क्यों नहो। हमारा लक्ष्य इस नेक कार्य के लिए 10 करोड़ लोगों को दान देना है और इतिहास में किसी नेक कार्य के लिए सबसे अधिक दान करने वालों का विश्व रिकॉर्ड बनाना है।” 

छह सजायाफ्ता और बीस विचाराधीन बंदियों को छह महीने के पैरोल और अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाएगा

टिहरी। जिला कारागार टिहरी में सात साल से कम सजा वाले मामलों में बंद छह सजायाफ्ता और बीस विचाराधीन बंदियों को छह महीने के पैरोल और अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाएगा। उससे पहले सभी बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा और उन्हें विभाग 15 दिन की निगरानी में रखेगा। सिविल जज सीनियर डिवीजन अशोक कुमार ने बताया कि टिहरी जिले में 7 साल से कम सजा वाले मामलों में छह सजायाफ्ता और 20 विचाराधीन बंदियों को छह महीने के लिए पैरोल और अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाएगा। इन सभी बंदियों को डीएम और एसएसपी की निगरानी और निर्देश पर अपने घरों में पहुंचाया जाएगा। इस दौरान लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन किया जाएगा। सभी बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद ही घर भेजा जाएगा और 15 दिन तक सभी को स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा जाएगा।

सरकार की एडवाइजरी को गंभीरता से लेने की अपील 

टिहरी। सिविल जज व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अशोक कुमार ने बताय कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए व आम जनता के साथ निरंतर प्रयासरत हैं। हाई कोर्ट नैनीताल ने सभी जिला न्यायालयों में 6 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया हुआ है। इसके बाद भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी छुट्टियों में भी अपना कार्य निरंतर तत्परता से कर रहा है। कोरोना संक्रमण के महामारी काल में हम जनता का साथ निरंतर खड़े हैं। कोरोना से निपटने के लिए हर तरह की मदद को तैयार हैं। उन्होंने जनता से सोशियल डिस्टेंस सहित राज्य व केंद्र सरकार की एडवाइजरी को गंभीरता से लेने की अपील भी की।

प्रदेश भर में दो हजार लोगों पर निगरानी के लिए होम क्वारंटीन में रखा गया 

देहरादून। नोवल कोरोना वायरस (कोविड 19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे उत्तराखंड में दो हजार लोगों को होम क्वारंटीन में रखा गया है। प्रदेश में अब तक कोरोना प्रभावित देशों से लगभग तीन हजार लोग आए हैं। इनमें 800 लोगों ने 28 दिन की निगरानी अवधि पूरी कर ली है। कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से लोगों को घरों से बाहर न निकलने का सख्त फैसला लिया गया है, ताकि वायरस को स्थानीय स्तर पर फैलने से रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश भर में दो हजार लोगों पर निगरानी के लिए उन्हें होम क्वारंटीन में रखा है। 

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार होम क्वारंटीन लोगों की संख्या बढ़ रही है। होम क्वारंटीन किए गए लोग न तो किसी से मिल सकते हैं और न ही घर से बाहर निकल सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीम होम क्वारंटीन लोगों पर निगरानी रख रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार दूसरे देशों से आने वाले लोगों पर फरवरी माह के अंतिम सप्ताह से ही नजर रखी जा रही थी। कोरोना वायरस के संदिग्ध लक्षणों के आधार पर 55 लोगों को निगरानी के लिए अस्पतालों में भर्ती किया गया है। प्रदेश में राहत की बात ये है कि कोरोना वायरस अभी कंट्रोल में है। प्रभावित देेशों की यात्रा से लौटे लोगों में ही कोरोना की पुष्टि हुई है।

इलाज कराने पहुंची महिला से की बलसलूकी

ऋषिकेश। जहां समूचे विश्व में कोरोना वायरस के शिकार लोगों का जीवन बचाने के लिए डॉक्टर खुद की जान की परवाह नहीं कर रहे। वहीं दूसरी ओर तीर्थनगरी ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आयी एक महिला से जिम्मेदार महिला स्वास्थ्य कर्मी ने बदसूलकी कर डाली। यही नहीं संवेदनहीन महिला स्वास्थ्य कर्मी ने पुलिस को बुलवाया और उन्हें भी गुमराह कर महिला मरीज को ट्रामा सेंटर से बाहर निकलवा दिया। मामला संज्ञान में आने पर कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक ने महिला स्वास्थ्य कर्मी को फटकार लगायी और महिला का उपचार करवाया।

जानकारी के मुताबिक एक महिला सीने में दर्द की शिकायत और पैर में पुरानी चोट पर मरहम पट्टी कराने ऋषिकेश राजकीय चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर पहुंची। यहां एक जिम्मेदार महिला स्वास्थ्य कर्मी से सामना होने पर महिला ने उन्हें अपना मर्ज बताया। आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मी ने उसकी बीमारी को संदिग्ध बताते हुए दूर रहने को कहा। महिला ने संदिग्ध बीमारी नहीं होने का हवाला दिया तो वह अभद्रता करने लगी। आरोप है कि महिला स्वास्थ्य कर्मी ने मामले में पुलिस को भी गुमराह किया। सूचना पर पहुंची पुलिस के सहयोग से महिला को ट्रामा सेंटर से बाहर निकाल दिया। महिला स्वास्थ्य कर्मी के गैर जिम्मेदार व्यवहार से हतप्रभ महिला मरीज कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एमपी सिंह के पास पहुंची और महिला स्वास्थ्य कर्मी की करतूत बतायी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने महिला स्वास्थ्य कर्मी को मौके पर बुलाया और संवेदनहीनता पर जमकर फटकार लगायी और दोबारा शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

लॉकडाउन से नहीं होगा पढ़ाई का नुकसान, लर्निंग प्लेटफार्म पर वर्चुअल स्कूल सॉल्युशन कायम रखेगा पढ़ाई की निरंतरता

देहरादून। देश में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने पूरे भारत में लॉकडाउन लागू किया गया है। नतीजतन, स्कूल बंद हैं, शैक्षणिक गतिविधियों निलंबित हैं और ऑनलाइन क्लास के प्लेटफार्म अपर्याप्त होने से शिक्षा क्षेत्र में बहुत नुकसान हो रहा है। इस परिस्थिति को देखते हुए भारत के प्रमुख एजुकेशन सॉल्युशन प्रोवाइडर नेक्स्ट एजुकेशन इंडिया प्रा. लि. ने स्कूलों की मदद के लिए कदम आगे बढ़ाया है ताकि वे नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफॉर्म के जरिये बिना किसी दिक्कत के रिमोट लर्निंग और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित कर सकें। यह प्लेटफार्म एक स्कूल-इन-अ-बॉक्स सॉल्युशनध्समग्र सॉल्युशन है जिससे स्कूलों को ऑफलाइन से ऑनलाइन लर्निंग में शिफ्ट होने में मदद मिल रही है।

कोविड-19 के मद्देनजर और यह सुनिश्चित करने के लिए कि शैक्षणिक गतिविधियों में व्यवधान न आएं, नेक्स्ट एजुकेशन 30 अप्रैल, 2020 तक अपने पार्टनर स्कूलों को नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफॉर्म की सदस्यता मुफ्त प्रदान कर रहा है। निरंतर सिखाने और बिना किसी बाधा के शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन की सुविधा प्रदान करने पर जोर देने के साथ ही देश में शैक्षणिक संस्थानों के लिए ऑनलाइन लर्निंग सॉल्युशन अपनाना आवश्यक हो गया है। लर्निंग प्लेटफॉर्म स्कूलों की गतिविधियों और संचार के प्रबंधन के लिए नेक्स्टईआरपी उपलब्ध करता हैय लेसन प्लान बनाने, असाइन करने और होमवर्क ट्रैक करने और लाइव लेक्चर आयोजित करने के लिए नेक्स्ट एलएमएस शिक्षकों को सक्षम बनाता है। लाइव लेक्चर के माध्यम से शिक्षक इंटरनेट की मदद से एक वर्चुअल क्लास विकसित करते हैं और बहुत दूर बैठकर भी छात्रों को पढ़ा पाते हैं। डिजिटल सामग्री आईसीएसई, सीबीएसई, आईजीसीएसई और 29 राज्य बोर्डों के लिए 7 विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है। शिक्षा में आ रही बाधाओं को दूर करने पर नेक्स्ट एजुकेशन के सीईओ और सह-संस्थापक श्री ब्यास देव राल्हन ने कहा, “नेक्स्ट लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से हमारा मिशन स्कूलों को सही दिशा में कदम आगे बढ़ाने में सक्षम बनाना है ताकि कोविड-19 का लॉकडाउन शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा न बन सके। 

ग्राहकों से वसूल रहे मनमाने रेट

विकासनगर। राशन और सब्जी विक्रेता ग्राहकों से मनमाने रेट वसूल रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लेकिन शासन प्रशासन की ओर से इनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। ौत्र नवरात्र के व्रत होने के कारण बाजार में फलों की डिमांड काफी अधिक है। व्रतधारी लोग फलों की जमकर खरीददारी कर रहे हैं। जिसके चलते फल व्यापारियों ने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। खासकर बड़े फल विक्रेताओं की दुकानों पर अधिक लूट खसूट ग्राहकों से की जा रही है। तीन दिन पहले तक सेलाकुईं बाजार में पपीता तीस रुपये किलो बिक रहा था, लेकिन आज पपीता सत्तर रुपये किलो में बेचा गया। जबकि अस्सी रुपये किलो बिकने वाले अंगूर की कीमत एक सौ बीस रुपये तक पहुंच गई। केला चालीस रुपये दर्जन से बढ़ कर साठ रुपये दर्जन पर बेचा गया। सेब अस्सी से सौ रुपये किलो से बढ़ कर 140 रुपये तक पहुंच गया। संतरे भी पचास रुपये किलो से बढ़ कर सत्तर से अस्सी रुपये किलो तक पहुंच गये हैं। इन्हीं फलों की सर्वाधिक डिमांड बाजार में हैं। फल विक्रेताओं ने मनमाने रेट वसूल करने शुरू कर दिए हैं। इस मनमानी वसूली पर प्रशासन खामोश है।

कोरोना से बचाव के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश कर रहीः सीएम 

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सीएम आवास में कोविड-19 कोरोना वायरस  के संक्रमण से बचाव के संबंध में प्रमुख अस्पतालों के प्रबंधन के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश कर रही है। इसमें प्राईवेट चिकित्सा संस्थानों का सहयोग बहुत जरूरी है। वर्तमान में दून अस्पताल, महंत इंद्रेश अस्पताल, एम्स ऋषिकेश व हिमालयन अस्पताल में कोविड-19 कोरोना के मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखे गए हैं। 

          एम्स ऋषिकेश, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट, दून अस्पताल व महंत इंद्रेश अस्पताल में कोरोना के ईलाज के लिए पृथक से व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य संबंधी उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें कोरोना के मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। बताया गया कि एम्स ऋषिकेश व दून अस्पताल में 400-400 बेड कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। हिमालयन अस्पताल व महंत इंद्रेश अस्पताल में 200-200 बेड इसके लिए उपलब्ध हैं। जरूरत पङने पर इन दोनों अस्पतालों में इसे बढ़ाया जा सकता है। आर्मी अस्पताल देहरादून में भी इसके लिए 200 बेड की व्यवस्था रहेगी।  इन अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए आईसीयू और वेंटिलेटर की संख्या आवश्यकता पङने पर बढाई जायेगी और एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। समुचित समन्वय के दृष्टिगत एम्स ऋषिकेश व हिमालयन अस्पताल के लिए आईपीएस नीरू गर्ग और दून अस्पताल व महंत इंद्रेश अस्पताल के लिए आईपीएस केवल खुराना को नोडल अधिकारी बनाया गया है। बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, महंत देवेन्द्र दास, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल राजेन्द्र सिंह ठाकुर, सचिव नितेश झा, एनएचएम के निदेशक युगल किशोर पंत, हिमालयन अस्पताल के विजय धस्माना, एम्स ऋषिकेश के प्रोफेसर डॉ रविकांत उपस्थित थे। 

आरएसएस कार्यकर्ताओं ने झुग्गी बस्तियों में जाकर लोगों की मदद की

विकासनगर। कोरोना के कहर से जूझ रहे निर्धन और मजदूर लोगों की मदद को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने भी हाथ बढ़ाया है। जिला कार्यवाह रविंद्र चैहान और सह खंड कार्यवाह सचिन धपोला के नेतृत्व में आरएसएस कार्यकर्ताओं ने झुग्गी बस्तियों में जाकर ऐसे लोगों की मदद की। कार्यकर्ताओं ने उन्हें राशन के पैकेट बांटकर भविष्य में भी मदद का भरोसा दिया। जिला कार्यवाह रविंद्र चैहान ने बताया कि वैश्विक बीमारी से बचाव को जारी लॉकडाउन ने निर्धन और मजदूरों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। आरएसएस इस संकट की घड़ी में हर जरूरतमंद के साथ है। इस मौके पर अंकुर, हिमांशु, नीरज सिंह, निर्मल भट्ट, शिवकुमार, मोहन बिष्ट, गौरव बिष्ट, केवल चैहान, सौरभ रावत, विनोद चैहान, अमन ठाकुर, कृष्ण गोस्वामी, अरुण नेगी आदि ने सहयोग प्रदान किया।

निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में ओपीडी खुली रहेगी


 

-इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मुख्यमंत्री के साथ बैठक

-कोरोना से बचाव में सरकारी व निजी अस्पतालों में समन्वय पर विचार विमर्श

 

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सीएम आवास में कोविड-19 कोरोना वायरस  के संक्रमण से बचाव के संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश कर रही है। इसमें प्राईवेट चिकित्सा संस्थानों का सहयोग बहुत जरूरी है। वर्तमान में दून अस्पताल, महंत इंद्रेश अस्पताल, एम्स ऋषिकेश व हिमालयन अस्पताल में कोविड-19 कोरोना के मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखे गए हैं। यहां के चिकित्सकों को कोरोना के ईलाज मे नियुक्त किया  गया है। इससे अन्य निजी अस्पतालों की जिम्मेदारी बढ गई है। इसलिए सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम अपने यहां ओपीडी खुली रखें। ताकि आमजन अन्य बिमारियों की दशा में अपना ईलाज सुगमता से करा सके। सरकार निजी चिकित्सा संस्थानो को हर प्रकार की सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निजी अस्पतालों में ओपीडी की व्यवस्था सही रखने में सहयोग करें। मेडिकल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि कोरोना से लङाई में सरकार का पूरा सहयोग किया जाएगा। यह लङाई केवल सरकार की नहीं पूरे देश और समाज की है। बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, एनएचएम के निदेशक युगल किशोर पंत, आईएमए के अध्यक्ष डॉ अजय खन्ना,  सीएमआई के चेयरमैन डॉ आरके जैन, डॉ महेश कुडियाल, डॉ अरविंद ढाका, डॉ डीडी चैधरी, डॉ अजीत गैरोला, डॉ सिद्धार्थ गुप्ता, डॉ संजय गोयल, डॉ कृष्ण अवतार, डाॅ प्रवीण मित्तल, डॉ शनवीर बामरा आदि उपस्थित थे।

दिल्ली, गाजियाबाद से भूखे-प्यासे पैदल लौट रहे पहाड़ के युवा  

रुद्रपुर। कोरोना वायरस देशभर में भयंकर महामारी का रूप ले चुका है। इससे जहां पूरी तरह आम जनजीवन अस्त व्यस्त है, वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत का उनको सामना करना पड़ रहा है। जो दो जून की रोटी की तलाश में अपने घरों से दूर दिल्ली, गाजियाबाद यूपी में नौकरी कर रहे हैं। एकाएक हुए लॉकडाउन के बाद वाहन न मिलने से यह लोग पैदल ही भूखे प्यासे सफर करने को मजबूर हैं। 

रविवार को ऐसे ही कुछ युवा दिल्ली गाजियाबाद से पैदल ही अपने गांव अल्मोड़ा, भीमताल पहुंचे। उनका कहना था कि इस विषम परिस्थिति में सरकार ने ट्रांसपोर्ट तो छोड़ो खाने-पीने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की है। शनिवार सुबह गाजियाबाद और दिल्ली से चले इन युवाओं ने बताया कि शनिवार शाम को उन्होंने आखिरी बार खाना खाया था। इसके बाद वह भूखे प्यासे ही चल रहे हैं। युवाओं के आगे बस अभी सिर्फ अपने घर अपनों के पास पहुंचना ही एकमात्र लक्ष्य दिखा।

डीएम ने कहा अपवाहों से बचें

अल्मोड़ा। जिला अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से संज्ञान मंे आया है कि एक अफवाह फैलायी जा रही है कि जमीन खोद कर उससे कोयला निकल रहा है जिससे कोरोना वायरस संक्रमण ठीक हो जायेगा। इस अफवाह पर जिला अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए बताया कि अफवाह फैलाने वाले माध्यम का पता किया जा रहा है और सम्बन्धित के खिलाफ एफ0आई0आर0 दर्ज की जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की किसी भी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की है वे इस समय ऐसी अफवाहों से बचे।

संस्थाओं के सहयोग गरीब, असहाय लोगों को खाने के पैकेट वितरित किये


 

नैनीताल। जिला प्रशासन द्वारा नैनीताल फ्लैटस मंे स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से गरीब, असहाय लोगों को खाने के पैकेट वितरित किये। उपजिलाधिकारी  विनोद कुमार, अनुराग आर्य ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार गुरूद्वारा कमेटी, आरिफ कैंसल ए-वन बैकरी, राजहंस के सहयोग से रविवार दोपहर को प्रशासन द्वारा 200 गरीब असहाय लोगों को खाने के पैकेट वितरित किये गये। गत दिवस की भांति रविवार को भी मल्लीताल फ्लैटस मे सब्जी की दुकाने लगाई गई, सब्जी के्रताओं द्वारा सामाजिक दूरी का पालन कर खरीददारी की गई। उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य ने बताया कि घरेलु गैस नियमित मल्लीताल फ्लैटस व तल्लीताल डांठ मे वितरित की जायेगी।

साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा


अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सामाजिक दूरी व सर्तकता के साथ-साथ साफ-सफाई रखने के निर्देश दिये गये हैं। इस सम्बन्ध में समस्त उप जिला अधिकारियों द्वारा उनके क्षेत्रान्तर्गत अनेक स्थानों में साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं साथ ही सैनेटाईज किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति ने दन्या बाजार में अनेक स्थानों में ब्लींचिग पाउडर से साफ-सफाई और स्प्रे द्वारा दुकानों आदि को पूरे बाजार सहित सैनेटाईज किया जा रहा है।

पशुओं के लिए चारे पानी की व्यवस्था की गयी


 

अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लाॅक डाउन के दौरान शहर के बेसहारा व आवारा पशुओं को चारा-पानी की व्यवस्था के निर्देश मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को दिये गये थे। इस सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अनेक स्थानों पर ऐसे पशुओं को चारे पानी की व्यवस्था की गयी हैं। इस दौरान अनेक स्थानों पर पशुओं को हरा चारा दिया गया। जिला अधिकारी ने नगर के लोगों से यह अपील की है कि इस अवधि में ऐसे बेसहारा पशुओं को अपने आस-पास चारा पानी आदि दे जिससे कि पशु भूखे न रहें उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं को चारा खिलाये जाने के लिए निर्देशित किया हैं।

श्रमिक हेल्पडेस्क स्थापित किया गया

अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सोशल डिस्टैनसिंग, (सामाजिक दूरी) एवं सतर्कता बनाये रखने हेतु आवश्यक सेवाओं को छोडकर समस्त सेवाओं को बन्द किया गया है। उन्होने बताया कि उक्त लाॅकडाउन के सम्बन्ध मे जनपद के सन्निर्माण एवं अन्य कार्यो में लगे श्रमिकों के वैलफेयर हेतु जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में श्रमिक हेल्पडेस्क स्थापित किया गया हैं। उन्होंने बताया कि हेल्प डेस्क श्रमिकों से सम्बन्धित सूचना प्राप्त कर लाॅक डाउन अवधि में आवास, भोजन व अन्य वैलफेयर से सम्बन्धित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाए। इस हेतु परियोजना निदेशक नरेश कुमार, सहा0 श्रमायुक्त उमेश चन्द्र राय, जिला प्रोबेशन अधिकारी, राजीव  नयन तिवारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया हैं।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण का सातवां मामला सामने आया, सैन्य अस्पताल में भर्ती है युवक

देहरादून। उत्तराखंड में एक और कोरोना संक्रमित मरीज सामने आया है। उसे देहरादून स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती किया गया है। संक्रमित युवक कुछ ही दिन पूर्व विदेश से लौटा है। उत्तरखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या सात हो चुकी है। हालांकि, इनमें से दो स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।

प्रदेश में अब तक सात मामलों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। रविवार को आई रिपोर्ट में युवक में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। इससे पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के तीन प्रशिक्षु आइएफएस, एक अमेरिकी नागरिक, स्पेन से लौटे एक युवक व दुबई से लौटे सेलाकुई के एक युवक में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ अमिता उप्रेती ने बताया कि सैन्य अस्पताल में भर्ती 45 वर्षीय युवक में कोरोना जैसे लक्षण दिखने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान ही कुछ दिन पूर्व बीमार का सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी लैब भेजा गया। जिसकी रिपोर्ट रविवार को पॉजीटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग मरीज के संपर्क में आए अन्य सभी लोगों की जानकारी जुटा रहा है।

Sunday, 29 March 2020

शांतिकुंज आपदा राहत दल की पांच टीम राहत कार्य में सक्रिय

-हरिपुर कलॉ, सप्तसरोवर क्षेत्र, बीएचईएल, कनखल, ज्वालापुर, खडखडी में बांटे जा रहे हैं भोजन के पैकेट

 

हरिद्वार। कोरोना वायरस के कारण हुए लाकडाउन से इन दिनों आम जीवन थम सा गया है। ऐसे में रोजमर्रा के जीवन जीने वालों को भोजन के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में कई सामाजिक संस्थान एवं सरकारी तंत्र भोजन वितरण में जुटे हैं। फिर भी कुछ क्षेत्र ऐसे थे, जहां के लोग भोजन के लिए आशा भरी निगाह से देख रहे थे। जिला प्रशासन के सहयोग से उन जरूरतमंदों के सहयोगार्थ अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ प्रणव पण्ड्या व शैलदीदी ने शांतिकुंज की आपदा प्रबंधन टीम को सक्रिय किया और उन्हें जरूरतमंदों तक भोजन पैकेट पहुंचाने हेतु निर्देशित किया। यहां बताते चलें कि भोजन वितरण का कार्य विगत तीन दिनों से शांतिकुंज टीम द्वारा की जा रही है।

इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुखद्वय ने कोरोना वायरस से लड़ रहे केन्द्र व राज्य सरकार तथा इस दौरान अपने कर्त्तव्य के निर्वहन में जुटे प्रशासन, डॉक्टर्स, पुलिस आदि के साहस की सराहना की। उन्होंने महाराष्ट्र की महिला वैज्ञानिक डॉ मिनल जिन्होंने अपनी अस्वस्थता के बावजूद कोरोना टेस्ट हेतु स्वदेशी कीट बनाने में अथक परिश्रम किया, की अतुलनीय प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि लोगों को उनसे सीख लेनी चाहिए। डॉ. पण्ड्या ने बताया कि हमारी टीम न केवल उत्तराखण्ड के जिलों में सक्रिय है, वरन् राजस्थान, गुजरात, उप्र, बिहार, मप्र आदि राज्यों के गायत्री परिजनों को भी इस आपदा में सहयोग करने के लिए कहा है। सभी इस दिशा में प्रशासन के साथ मिलकर जरूरतमंदों तक भोजन पैकेट व अन्य राहत सामग्री पहुंचाने में जी जान से जुटे हैं।

व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र ने बताया कि शांतिकुंज की आपदा प्रबंधन की पांच टीम विगत तीन दिनों से जरूरतमंदों तक भोजन पैकेट पहुंचाने में जुटी है। प्रत्येक दल में तीन से चार भाई हैं, जो जरूरतमंदों तक पहुंचकर सरकार द्वारा निर्धारित अनुशासनों को फालो करते हुए भोजन के पैकेट दे रहे हैं। साथ ही कोरोना वायरस के प्रति एतिहातन सुरक्षा बरतने एवं प्रशासन द्वारा बताये गये नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। श्री मिश्र ने बताया कि विगत तीन दिनों में नौ सौ पचास भोजन पैकेट लोगों तक पहुंचाया जा चुका है। रविवार को भी जरूरतमंदों तक दो हजार भोजन पैकेट वितरित किये गये। यह क्रम आगे भी चलता रहेगा। व्यस्थापक श्री मिश्र ने बताया कि शांतिकुंज आपदा प्रबंधन टीम सोशल डिस्टेंस हेतु दुकानों आदि में मार्किंग और इसका पालन करने हेतु लोगों को जागरूक भी कर रही है।

मण्डी समिति दुकानों का 3 माह का किराया माफ करेः संजय चोपड़ा 

हरिद्वार। कोरोना वायरस की इस जंग में लॉकडाउन के दौरान थोक भाव मे मंडी से लाकर आम उपभोक्ताओं व जनता तक फ्रूट-सब्जी उपलब्ध करा रहे सेकड़ो व्यापारी एक सप्ताह के इस लॉकडाउन में 50-50, 60-60 हजार के नुकसान व कर्जे में आने से चिंतित है। व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ व्यापारी मुकेश कोठियाल की अगुवाई में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकार की ओर से हर वर्ग को कोरोना वायरस के इस महामारी अंतरराष्ट्रीय आपदा के दौरान हर संभव मदद दी जा रही है। 

 उसी के दृष्टिगत मंडियों में पंजीकृत फूटकर लाइसेंस धारक व्यापारियों की पीड़ा को समझकर उनकी समस्या का निदान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमूमन मंडी के दरों पर फूटकर फ्रूट सब्जी आलू होलसेल भाव से 40ः की गिरावट पर आम उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराना पड़ रहा है जैसे कि 2000 की सब्जी लाकर मात्र 1000-1200 की ही बिक्री हो पा रही है और एक सप्ताह के इस लॉकडाउन में  कमर आर्थिक रूप से टूटती जा रही है यदि सरकार ने इस और ध्यान नही दिया तो आगे व्यापार चलाना संभव नही है।

इस अवसर पर हरिकृष्ण ने कहा आज भी मंडी में जिला अधिकारी के निर्देशन में 1000 रुपए की आलू की बोरी की लिस्ट बनाई लेकिन बिक्री 1300-1400 तक करी गयी जोकि औचित्य पूर्ण नही है मंडी प्रशासन इस पर अंकुश लगाने में नाकाम व फेलियर साबित हो रहा है यदि सरकार द्वारा हम फूटकर फ्रूट सब्जी व्यापारियों के लिए उचित कदम नही उठाये गए तो हमे मजबूरन अपना व्यापार बंद करना पड़ेगा।

इस अवसर पर फूटकर फ्रूट सब्जी व्यापारियों की मांग को जायज ठहराते हुए पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति अध्यक्ष, भाजपा नेता संजय चोपड़ा ने कहा कृषि उत्पादन मंडी समिति नियमावली के अनुसार मंडी समितियों में श्रेयस विकास का पैसा कृषको व फूटकर फ्रूट सब्जी के विक्रेताओ के लिए अनुदान राशि के रूप में सभी मंडी समिति में पंजीकृत फूटकर लाइसेंस धारक व्यापारियों को 3-3 लाख का अनुदान देकर फूटकर फ्रूट सब्जी व्यापारियों की व्यवस्था का सुचार किया जा सकता है वही पूर्व मंडी अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने यह भी कहा सब्जी मंडी के छोटे व्यापारी जो थोक भाव मे फल सब्जी बेचते है उनको राहत देने के लिए उनकी दुकानो के 3 महीनों के मंडी समिति द्वारा लिया जा रहा किराया इस कोरोना वायरस की महामारी के दृष्टिगत माफ किया जाना चाहिए।

अफवाह के चलते सिडकुल के सैकड़ांे मजदूर एकाएक निकल पड़े अपने घर वापसी जाने को

हरिद्वार। सिडकुल की फैक्ट्रियो में मजदूरी कर अपना गुजर बसर करने वाले सैकड़ों लोगअपने घरों को पड़ोसी राज्य में जाने के लिए देर रात निकाल पड़े। जिन्हें पुलिस ने रानीपुर मोड़ टिबड़ी रेलवे फाटक पर रोक दिया और उन्हें वापस जाने पर पुलिस अडी रही।  वहीं मजदूर भी वापस जाने को तैयार नहीं दिखाई दिए। मौके पर पहुंचे एस पी सिटी कमलेश उपाध्याय एवं सी ओ अभय सिंह ने मजदूरों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन मजदूरो  ने बताया कि अब उनके पास ना तो पैसा ना ही खाने को राशन है। ऐसे में घर वापस जाने के अलावा उनके सामने और कोई विकल्प नहीं है। अधिकांश मजदूर पड़ोसी राज्य मुरादाबाद बिजनौर, बरेली ,लखीमपुरखीरी ,हरदोई , गोला गोकर्णनाथ के मजदूर है। कुछ मजदूरों ने यह भी बताया कि मकान मालिक ने कमरा छोड़ने को मजबूर किया और कुछ को ठेकेदार ने पैसे नहीं दिए।ऐसे में अब मजदूरों के सामने जीवन यापन का कोई रास्ता नहीं दिखाई दिया तो वे अपने घर के लिए निकाल पड़े। बाद में पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की ओर से खाने की ओर रहने की व्यवस्था करी गई ।अब उन्हें जब तक वहीं रोका जाएगा जब तक उत्तर प्रदेश जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था नहीं होती है। इस पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी व एसएसपी  को भी दी गई है।वही उन लोगो को रानीपुर मोड़ स्थित रोड धर्मशाला व् खुखरायण धमर्शाला में रोका गया है। 75 लोग होंगे जिनमे 17 बच्चे और महिलाये भी शामिल है। वही जैसे ही मजदूरों की सुचना सामजिक संस्थाओ को मिली उनके द्वारा उनके खाने हुए सुबह नाश्ते तथा दोपहर के कहने की व्यवस्था की गई। जिनमे प्रमुख रूप से मायापुर चैकी इंचार्ज संजीत कण्डारी ,डॉ हिमांशु दिवेदी ,सचिन कुमार ,विक्रांत कुमार ,सिद्धार्थ पाण्डेय ,डॉ विशाल गर्ग और विक्रम सिंह नाचीज प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कोरोना वायरस की महामारी से निपटने को होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग कर रहा अभूतपूर्व कार्य

हरिद्वार। कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए उत्तराखंड के होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा कमांडेंट जनरल होमगार्ड्स एवं निदेशक नागरिक सुरक्षा पुष्पक ज्योति के कुशल नेतृत्व एवं मार्ग दर्शन में अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है। 

जहा एक तरफ कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए कर्मचारियों को इस हेतु प्रशिक्षित करने के लिए जनपद हरिद्वार द्वारा 50 होमगार्ड्स को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सभी जिलों में होमगार्ड्स के जवान स्वयं सोशल डिस्टेंसिग अपनाते हुए  मास्क एवं सेनिटाइजर का प्रयोग करते हुए ( देहरादून- 500 , हरिद्वार - 530 , टिहरी - 33 , पौड़ी - 25 , रुद्रप्रयाग - 15 , चमोली - 05 , पिथौरागढ़ - 235 , बागेश्वर - 80 , अल्मोड़ा - 230 , नैनीताल -  339 , उधमसिंह नगर - 420 एवं चम्पावत - 80) पुलिस एवं प्रशासन के अधकारियों के साथ मिलकर इस महामारी में लोगों को सहायता करने उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व को समझाते हुए अपने घरों में सुरक्षित रहने हेतु प्रेरित करने, लोकडाउन को सफल बनाने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में रात- दिन अपनी ड्यूटी का बखूबी निर्वाहन कर रहे हैं। इस महामारी में नागरिक सुरक्षा विभाग देहरादून द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। कमांडेंट जनरल होमगार्ड्स एवं महानिदेशक नागरिक सुरक्षा तथा डिप्टी कंट्रोलर नागरिक सुरक्षा देहरादून की प्रेरणा से मुख्य वार्डन के नेतृत्व में वार्डन सेवा के अधिकरियों वालेंटियर्स  द्वारा जनता कर्फ्यू के दौरान एवं उसके बाद लगातार दिहाड़ी मजदूरों , गरीबों , दिव्यांगो , अशक्त व वरिष्ठ नागरिकों को भोजन के पैकेट , दूध के पैकेट तथा जरूरी दवाएं बांटी जा रही है एवं लोगो को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में समझाते हुए उन्हें अपने अपने घरों पर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

लॉकडाउन के बीच आईआईटी रुड़की ने डिजिटल प्रारुप में शिक्षण कार्य शुरू किया

-शुल्क माफी पाने वाले छात्रों को बेहतर इंटरनेट सेवा प्राप्त करने के लिए 500 रुपये की मदद प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी

 

रुड़की। कोविड-19 महामारी की वजह से देश भर में 14 अप्रैल तक लागू लॉकडाउन के कारण कक्षाएं स्थगित हैं। इस बीच आईआईटी रुड़की ने इंटरनेट पर छात्रों के साथ डिजिटल सामग्री साझा कर शिक्षण कार्य फिर से शुरू कर दिया है। संस्थान इस तथ्य को स्वीकार करता है कि ई-लर्निंग कक्षा में दी गयी शिक्षा को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान शिक्षण गतिविधियों को जारी रखने के उद्देश्य से संस्थान ने संकाय सदस्यों को दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने के विभिन्न विकल्प दिए हैं। 

इस बात को ध्यान में रखते हुए कि पाठ्यक्रम के विभिन्न भाग अलग-अलग डिजिटल प्रारूपों के अनुकूल हैं, संकाय सदस्यों को शिक्षण को यथासंभव प्रभावी बनाने के लिए लाइव वीडियो, इंटरेक्टिव लाइव वीडियो, वीडियो फाइलों, पीपीटी, आवाज या पाठ टिप्पणी के साथ पीपीटी, पीडीएफ, डॉक, जेपीजी मोड का लाभ उठाने के लिए कहा गया है। डिजिटल सामग्री को साझा करने के दौरान जरूरी नहीं है कि यह लाइव या इंटरेक्टिव हो, और इसलिए छात्र अपनी सुविधानुसार उस सामग्री का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होंगे। छात्रों के प्रश्नों और संदेहों का जवाब देने के लिए नियमित इंटरैक्टिव चैट वीडियो ई-मेल आधारित सत्र आयोजित किए जा सकते हैं। जहां तक संभव हो लाइव सेशन का आयोजन उस स्लॉट में किया जाएगा जो वर्तमान सेमेस्टर की समय सारिणी में उस खास पाठ्यक्रम को दिया गया है। शिक्षण की गति कक्षा शिक्षण के दौरान की गति की तुलना में थोड़ी धीमी होगी, प्रो.अजीत के. चतुर्वेदी, निदेशक-आईआईटी रुड़की, ने कहा। सभी छात्रों के पास इंटरनेट की नियमित तथा उच्च गति की सेवा उपलब्ध नहीं है। लेकिन मध्यम गति की इंटरनेट सेवा छात्रों के एक बड़े हिस्से के पास उपलब्ध है। ऐसे छात्रों को कुछ दिनों या शायद हफ्तों के बाद सामग्री मिल पाएगी। संस्थान परीक्षा के समय को अंतिम रूप देते समय इस बात को ध्यान में रखेगा। पूर्ण, आंशिक शुल्क माफी पाने वाले छात्रों को बेहतर इंटरनेट सेवा प्राप्त करने के लिए 500 रुपये की मदद प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी। सामान्य सेमेस्टर गतिविधि शुरू होने के बाद वे इस प्रतिपूर्ति का लाभ उठा सकते हैं।

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